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हॉकी के नाम पर छुट्टी, क्रिकेट के मैदान में खेल: रेलवे की स्पोर्ट्स कोटा महिला कर्मचारियों पर सवाल, जांच के आदेश

वेस्टर्न सेंट्रल रेलवे की स्पोर्ट्स कोटा से नियुक्त 5 महिला कर्मचारियों पर बिना अनुमति हॉकी टूर्नामेंट की छुट्टी लेकर जबलपुर में क्लब क्रिकेट प्रतियोगिता में खेलने के बदले पैसे मिलने का आरोप है। रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

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Sourabh Pal
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WCR Women Sports Controversy: वेस्टर्न सेंट्रल रेलवे की स्पोर्ट्स कोटा से नियुक्त 5 महिला कर्मचारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इन खिलाड़ियों को बालाघाट में आयोजित हॉकी टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए एक महीने की छुट्टी दी गई थी, लेकिन वे इस दौरान चोरी-छिपे जबलपुर जाकर क्लब क्रिकेट खेलती पाई गईं।

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जबलपुर में चल रही थी महिला क्रिकेट लीग

जबलपुर के रेलवे स्टेडियम में वियाना वूमेन प्रीमियर लीग का आयोजन हो रहा था। इसी लीग में खेलने के लिए ये महिला कर्मचारी विभाग को बिना सूचना दिए जबलपुर आती थीं।
हॉकी की तैयारी करने के बजाय क्रिकेट खेलने में समय देने का असर यह हुआ कि बालाघाट में उनकी हॉकी टीम टूर्नामेंट में कोई खास प्रदर्शन नहीं कर सकी।

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बिना अनुमति दूसरी प्रतियोगिता में हिस्सा

रेलवे विभाग ने इन महिला कर्मचारियों को हॉकी टूर्नामेंट खेलने के उद्देश्य से बालाघाट भेजा था, लेकिन वे हॉकी पर ध्यान देने के बजाय क्रिकेट में ज्यादा रुचि लेती रहीं।
सूत्रों के मुताबिक, ये खिलाड़ी बिना किसी आधिकारिक अनुमति के बालाघाट से जबलपुर आती थीं, क्रिकेट मैच खेलती थीं और फिर वापस लौट जाती थीं।

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क्रिकेट खेलने के बदले पैसे मिलने का आरोप

जानकारी के अनुसार, क्लब क्रिकेट खेलने के लिए इन खिलाड़ियों को भुगतान भी किया जाता था। इसी वजह से उनका झुकाव हॉकी की बजाय क्रिकेट की ओर ज्यादा हो गया।
हॉकी टूर्नामेंट की जिम्मेदारी से दूरी बनाना और पैसों के लिए दूसरी प्रतियोगिता खेलना विभागीय नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है।

लाइव स्ट्रीमिंग में दिखीं खिलाड़ी

महिला कर्मचारियों में हॉकी खिलाड़ी रैना यादव , मौली यादव, मरियम अटैया, खुशबू पटेल समेत अन्य नाम शामिल हैं। वियाना वूमेन प्रीमियर लीग की लाइव स्ट्रीमिंग में ये सभी खिलाड़ी क्रिकेट खेलते हुए साफ नजर आईं, जिससे मामले की पुष्टि हुई।

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खराब प्रदर्शन से बढ़ा संदेह

हॉकी खेलने के लिए चयनित महिला कर्मचारियों का ध्यान क्रिकेट पर केंद्रित रहने का असर उनके हॉकी प्रदर्शन पर भी दिखा। टीम टूर्नामेंट में अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकी, जिसके बाद विभाग को संदेह हुआ और मामले की जानकारी सामने आई।

सीनियर DCM ने दिए जांच के आदेश

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सीनियर डीसीएम  डॉ.मधुर वर्मा को जैसे ही पूरे मामले की जानकारी मिली, उन्होंने स्पोर्ट्स कोटा अधिकारियों से तुरंत बातचीत की। डॉ. वर्मा ने कहा कि हॉकी टूर्नामेंट के लिए दी गई छुट्टी के दौरान बिना अनुमति किसी दूसरी प्रतियोगिता में हिस्सा लेना गलत है। साथ ही, क्रिकेट खेलने के बदले पैसे मिलने के आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है।

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