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Bhopal Literature Festival 2026: भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल के पहले दिन शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को भारत भवन में आयोजित डिकोडिंग विकसित भारत सत्र में देश की प्रगति और भविष्य की चुनौतियों पर विस्तार से विमर्श हुआ।
फेस्टिवल का शुभारंभ मीरल उपरित ने कथक से गणेश वंदना और डीपीएस की छात्राओं ने सरस्वती वंदना के साथ सामूहिक नृत्य से की। संस्थापक निदेशक राघव चंद्रा ने युवाओं को सांस्कृतिक विरासत का भविष्यवाहक बताते हुए फेस्टिवल के उद्देश्य साझा किए। वरिष्ठ साहित्यकार गोविंद मिश्र और सेज ग्रुप चेयरमैन संजीव अग्रवाल मौजूद रहे।
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आत्मनिर्भरता और मानवीय मूल्यों का साझा संकल्प
सत्र के दौरान प्रमुख वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि भारत की विकास यात्रा केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता और मानवीय मूल्यों का एक साझा संकल्प है। प्रख्यात वक्ता तुहीन सिन्हा ने कहा कि विकसित भारत की नींव सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता पर टिकी है। उन्होंने उत्तर-पूर्व राज्यों की रणनीतिक अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि देश की एक-तिहाई अंतरराष्ट्रीय सीमाएं इसी क्षेत्र में हैं, जो इसे सुरक्षा और विकास के लिहाज से भारत का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बनाती हैं।
युवा किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दंगे
तुहीन सिन्हा ने कहा कि भारत की नई पीढ़ी (Gen Z) राष्ट्र निर्माण के प्रति पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने उन ताकतों को आगाह किया जो देश की एकता को अस्थिर करने का सपना देखते हैं। जागरूक युवा ऐसी किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देंगे।
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यह 140 करोड़ भारतीयों का साझा लक्ष्य है
विकसित भारत 2047 के लेखक आदित्य पिट्टी ने कहा कि यह विजन किसी राजनीतिक दल विशेष का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का साझा लक्ष्य है। भारत का मॉडल पश्चिमी देशों से अलग है, क्योंकि हमारा जोर अंत्योदय पर है, यानी विकास की किरण समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना जरूरी है।
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कला और इतिहास के विविध रंग
जनजातीय गौरव: अदिति घोष मेहता ने राजस्थान के भील समुदाय और उनकी 'गवरी' नृत्य-परंपरा पर प्रकाश डाला।
सिनेमा की यादें: फौजिया दास्तांगो ने 'दास्तान-ए-गुरुदत्त' के माध्यम से फिल्म निर्माता गुरुदत्त के संवेदनशील जीवन और उनके गानों के पीछे के संघर्ष को जीवंत किया।
अध्यात्म और साहित्य: वंदना आर. सिंह ने जयदेव के गीत गोविंद के जरिए राधा-कृष्ण के आध्यात्मिक प्रेम की व्याख्या की।
प्रदर्शनी: पद्मश्री दुर्गा बाई व्याम के चित्रों की विशेष प्रदर्शनी।
क्विज प्रतियोगिता: पहली बार स्थानीय नागरिकों को जोड़ने के लिए ओपन क्विज का आयोजन।
वन्यजीव संरक्षण: एमके रंजीत सिंह और अभिलाष खांडेकर ने एमपी में चीतों और हाथियों के संरक्षण पर गंभीर विमर्श किया।
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