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रिपोर्ट - सनी मालवीय
Bhopal Nagar Nigam Aravaliya Gaushala: भोपाल की अरवलिया गौशाला में गायों की दुर्दशा हो रही है। 6 से ज्यादा गाय मृत पाई गईं। भोपाल नगर निगम ये गौशाला चलाता है। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने जब गायों की हालत देखी तो वे धरने पर बैठ गए और कार्रवाई की मांग की।
गौशाला में गायों के लिए पर्याप्त चारा नहीं
अरवलिया गौशाला में गायों के लिए पर्याप्त चारा नहीं है। पीने के लिए शुद्ध पानी की कमी है। देखरेख के अभाव में गौमाता की दुर्दशा हो रही है।
पहले भी हुई थी गायों की मौत
भोपाल नगर निगम की अरवलिया गौशाला में पिछले साल अप्रैल में 3 गायों की भूख-प्यास से मौत हुई थी। कई गौवंश खुले मैदान में थे। उस वक्त भी बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गौशाला में प्रदर्शन किया था। बजरंग दल के कार्यकर्ता शुभम ने सोशल मीडिया पर किए पोस्ट में दावा किया था कि गौशाला में 10 से 15 गोवंश की मौत हुई है। इसमें से कई के शव तालाब के किनारे फेंक दिए गए थे।
गौशाला में मिले थे आधे गौवंश
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अप्रैल 2025 में बजरंग दल मध्य भारत प्रांत के संयोजक सुशील सुडेले अरवलिया गौशाला पहुंचे थे। वहां उन्हें 3 गाय मृत मिली थीं। 7 गौवंश मरणासन्न अवस्था में थीं। गौशाला में अव्यवस्थाएं पाई गई थीं। गौशाला में 665 गौवंश का रिकॉर्ड था, लेकिन 300 से 400 ही मौजूद थे।
सिर्फ 4 बोरी भूसा
अरवलिया गौशाला में 300 से ज्यादा गायों के लिए सिर्फ 4 बोरी भूसा रखा मिला था। इसी के विरोध में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था। आनन-फानन में अधिकारियों का दल गौशाला पहुंचा था और गायों का इलाज शुरू कराया गया था।
नगर निगम ने क्या कहा था ?
नगर निगम के गोवर्धन परियोजना अधिकारी समुंदर शर्मा का गायों की मौत को लेकर कहना था कि यहां बीमार गौवंश भेजे जाते हैं। उनकी हालत पहले से खराब होती है। रोज 10 बीमार गौवंश को पकड़ा जाता है और गौशाला भेजा जाता है, जहां वे बीमारी से मर जाते हैं।
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शाखा का बजट 40 करोड़, फिर गौवंश को चारा नहीं
नगर निगम की गोवर्धन शाखा परियोजना का सालाना बजट 40 करोड़ रुपये है। इसके बाद भी गौवंश को पर्याप्त चारा और पानी की व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
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