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UP Unsold Property Sale: उत्तर प्रदेश सरकार ने विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद की अनिस्तारित संपत्तियों के निस्तारण को लेकर ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब प्रदेशभर की ऐसी संपत्तियों को नीलामी के बजाय सीधे बेचा जाएगा, जिससे खरीदारों को भारी राहत मिलने वाली है। सोमवार को कैबिनेट की बैठक में आवास विभाग की आदर्श कास्टिंग गाइडलाइन–2025 (Aadarsh Costing Guideline 2025) को मंजूरी मिल गई, जो पूरे राज्य में लगभग 2350 अनिस्तारित संपत्तियों की बिक्री का रास्ता साफ करती है। UP housing guideline 2025
सीधी बिक्री पर 25% तक की बड़ी छूट
नई गाइडलाइन के तहत अनिस्तारित संपत्तियों (Direct property purchase UP) की सीधे बिक्री की व्यवस्था की गई है। यदि किसी संपत्ति की मूल कीमत 100 रुपये थी और बिक्री न होने के कारण यह बढ़कर 150 रुपये हो गई है, तो बढ़ी हुई राशि यानी अतिरिक्त 50 रुपये पर 25% तक की छूट दी जाएगी। यह निर्णय आम जनता को सस्ते मकान, सस्ते प्लॉट और कम कीमत पर संपत्ति खरीदने जैसे बड़े फायदे देगा। Awas Vikas property direct sale
भुगतान अवधि पर अतिरिक्त छूट
सरकार ने खरीदारों की सुविधा के लिए भुगतान अवधि पर भी आकर्षक छूट का प्रावधान किया है:
45 दिन में भुगतान → 6% अतिरिक्त छूट
60 दिन में भुगतान → 5% छूट
90 दिन में भुगतान → 4% छूट
यह छूट उन खरीदारों के लिए बेहद लाभकारी है जो समय पर भुगतान कर पाते हैं और सस्ती संपत्ति खरीदना चाहते हैं।
ब्याज दरों में बड़ा बदलाव
नई नीति के तहत ब्याज दरों में भी भारी बदलाव किया गया है:
अब संपत्तियों के मूल्य निर्धारण में SBI के MCLR आधारित ऋण पर अधिकतम 1% जोड़कर ही ब्याज लगाया जाएगा।
पहले यही ब्याज 12% से 18% तक लिया जाता था।
यह परिवर्तन प्रदेश में आवास क्षेत्र को सस्ती दरों पर बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है। Uttar Pradesh unsold properties sale
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प्रीमियम सुविधाओं पर शुल्क में राहत
पहले कार्नर प्लॉट, पार्क फेसिंग प्लॉट या 18 मीटर रोड पर स्थित संपत्तियों पर एक सुविधा के लिए 10% तक अतिरिक्त शुल्क लगता था। नई गाइडलाइन में इसे घटाकर केवल 5% कर दिया गया है।
यदि संपत्ति में तीनों सुविधाएँ हैं, तो:
नया शुल्क → 12%
पहले → 15%
यह कदम खरीदारों को प्रीमियम प्रॉपर्टीज को भी सस्ती दरों पर खरीदने में मदद करेगा।
कमजोर वर्ग को अतिरिक्त फायदा
कमजोर वर्ग (Weaker Section) और छोटी श्रेणी की संपत्तियों पर लगने वाले ब्याज में भी सरकार ने 2% की राहत दी है। पहले यहां 10% ब्याज लिया जाता था, जबकि अब यह कम होकर 8% रह गया है।
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