Rent Agreement Rules 2025: मकान मालिकों की मनमानी अब और नहीं! रेंट एग्रीमेंट रुल-2025 से किराएदारों को बड़ी राहत, जानिए पूरा नियम

रेंट एग्रीमेंट नियम 2025 के तहत अब मकान मालिक मनमर्जी से किराया नहीं बढ़ा सकेंगे, दो महीने से ज्यादा सिक्योरिटी नहीं ले पाएंगे और किराएदार को जबरन नहीं निकाल सकेंगे।

Rent Agreement Rules 2025

Rent Agreement Rules 2025: देश में लाखों लोग नौकरी, पढ़ाई या जरूरत के कारण किराए के घरों में रहते हैं। बड़े शहरों में घर खरीदना सभी के बस की बात नहीं होती, यही वजह है कि किराये का घर ही सहारा बनता है। लेकिन किराएदारों की सबसे बड़ी परेशानी हमेशा से मकान मालिकों की मनमर्जी रही है। कभी अचानक किराया बढ़ा देना, कभी मनचाहा सिक्योरिटी डिपॉजिट मांगना और कभी बिना वजह घर खाली करवाने का दबाव। अब सरकार के नए Rent Agreement Rules 2025 इस समस्या से राहत देने वाले साबित हो सकते हैं।

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अब किराया बढ़ाने के लिए तय प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। (AI Generated Image)

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Rent Agreement Rules 2025 क्या कहते हैं

नए नियमों का मकसद मकान मालिक और किराएदार के बीच संतुलन बनाना है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब किराया बढ़ाने के लिए तय प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। मकान मालिक साल में सिर्फ एक बार ही किराया बढ़ा सकते हैं और वह भी तभी जब 12 महीने पूरे हो जाएं। इसके अलावा 90 दिन पहले लिखित नोटिस देना जरूरी होगा, ताकि किराएदार के पास तैयारी करने का समय रहे।

घर में किसी भी तरह की खराबी या नुकसान की जिम्मेदारी मकान मालिक की रहेगी। उन्हें 30 दिन के भीतर मरम्मत करवानी होगी। यदि वे ऐसा नहीं करते, तो किराएदार खुद मरम्मत करा सकता है और उसका खर्च किराए से काट सकता है।

एक बड़ा बदलाव यह है कि रेंट एग्रीमेंट को अब डिजिटल स्टैंप और ऑनलाइन रजिस्टर्ड फॉर्मेट में उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। साइन करने के 60 दिन के भीतर मकान मालिक को यह एग्रीमेंट देना होगा। इससे भविष्य में होने वाले विवादों को काफी हद तक रोका जा सकेगा।

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मकान मालिक साल में सिर्फ एक बार ही किराया बढ़ा सकते हैं और वह भी तभी जब 12 महीने पूरे हो जाएं।

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सिक्योरिटी डिपॉजिट पर लगी सीमा

किराएदारों की सबसे आम शिकायतों में से एक रही है कि मकान मालिक जरूरत से ज्यादा सिक्योरिटी डिपॉजिट मांगते हैं। नए नियमों के अनुसार अब मकान मालिक दो महीने से अधिक का सिक्योरिटी डिपॉजिट नहीं ले पाएंगे। यह सीमा सिर्फ रेजिडेंशियल किराए पर लागू होगी, जबकि कॉमर्शियल किराए के लिए यह लिमिट छह महीने तय की गई है।

अगर कोई मकान मालिक रेंट एग्रीमेंट को रजिस्टर नहीं करवाता है, तो राज्य के अनुसार कम से कम पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है। इससे उन लोगों पर भी रोक लगेगी जो बिना कागजी प्रक्रिया पूरी किए किराए पर घर देते हैं।

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नए नियमों के अनुसार अब मकान मालिक दो महीने से अधिक का सिक्योरिटी डिपॉजिट नहीं ले पाएंगे।

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किराएदार को जबरन नहीं निकाला जा सकेगा

किराएदारों को बेवजह घर खाली कराने की समस्या को खत्म करने के लिए Rent Agreement Rules 2025 में सख्त प्रावधान किए गए हैं। अब किराएदार को घर से हटाने का आदेश सिर्फ रेंट ट्रिब्यूनल ही दे सकता है। कोई मकान मालिक न तो धमकी देकर और न ही बिजली-पानी काटकर किराएदार को बाहर निकाल सकता है। ऐसा करने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा मकान मालिक बिना बताए किराएदार के कमरे में भी प्रवेश नहीं कर सकते। उन्हें कम से कम 24 घंटे पहले लिखित सूचना देना जरूरी होगा।

अब आसान भाषा में समझें...

FAQ

क्या हर रेंट एग्रीमेंट पर अब डिजिटल स्टाम्प अनिवार्य है?
हां। नए नियमों के अनुसार सभी रेंट एग्रीमेंट पर डिजिटल स्टाम्प लगाना जरूरी है। साथ ही एग्रीमेंट को हस्ताक्षर के 60 दिनों के भीतर ऑनलाइन रजिस्टर्ड करवाना होगा। पहले कई जगह हाथ से लिखे एग्रीमेंट या साधारण पेपर पर बने कॉन्ट्रैक्ट भी मान लिए जाते थे। अब रजिस्टर्ड एग्रीमेंट न होने पर राज्यों के हिसाब से 5,000 रुपए या उससे अधिक का जुर्माना लग सकता है। इससे किराया व्यवस्था पारदर्शी होगी और फर्जी बेदखली जैसी घटनाएं रुकेंगी।
क्या मकान मालिक अब भी मनचाहा सिक्योरिटी डिपॉजिट ले सकता है?
नहीं। नए नियम इस मनमानी पर सीधी रोक लगाते हैं। अब मकान मालिक दो महीने से ज्यादा सिक्योरिटी डिपॉजिट नहीं ले सकता। अगर प्रॉपर्टी कमर्शियल है, तो सीमा छह महीने तय की गई है। इस बदलाव से किराएदारों पर भारी एडवांस देने का बोझ कम होगा, खासकर बड़े शहरों में जहां मकान मालिक अक्सर 6–12 महीने तक का डिपॉजिट मांगते थे।
क्या किराया किसी भी समय बढ़ाया जा सकता है?
बिल्कुल नहीं। Rent Agreement Rules 2025 के तहत किराया बढ़ाने का तरीका तय कर दिया गया है। अब किराया 12 महीने पूरे होने पर ही बढ़ाया जा सकेगा। मकान मालिक को 90 दिन पहले लिखित नोटिस देना अनिवार्य होगा। इससे किराएदार को अचानक बढ़ोतरी का झटका नहीं लगेगा और वह पहले से तैयारी कर सकता है।
क्या मकान मालिक जब चाहे किराएदार को घर खाली करवा सकता है?
अब ऐसा नहीं हो सकेगा। किराएदार को निकालने की प्रक्रिया अब केवल Rent Tribunal के आदेश से ही होगी। मकान मालिक अगर, धमकी देता है, बिजली–पानी बंद करता है, जबरदस्ती तालाबंदी करता है, झूठे आरोप लगाकर निकालने की कोशिश करता है। तो यह कानूनी अपराध माना जाएगा और उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। यह नियम किराएदारों को मजबूत सुरक्षा देता है।
क्या मकान मालिक बिना पूछे घर में आ सकता है?
नहीं। नए नियमों के अनुसार मकान मालिक किराएदार की निजता का उल्लंघन नहीं कर सकता। उसे घर में प्रवेश करने या निरीक्षण करने से कम से कम 24 घंटे पहले लिखित सूचना देनी होगी। इसके अलावा, अगर घर में कोई आवश्यक मरम्मत जरूरी है और मकान मालिक 30 दिनों के भीतर उसे ठीक नहीं कराता, तो किराएदार खुद मरम्मत करवा सकता है और उसकी लागत किराए से घटा सकता है, बशर्ते खर्च का प्रमाण प्रस्तुत किया जाए।

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