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Agriculture Budget 2026: किसानों के लिए 20 हजार तक का तत्काल लोन, एग्रीकल्चर रिसर्च का ₹969.50Cr, बायोफॉर्मिंग का 10 हजार करोड़ का बजट

एग्रीकल्चर और इससे जुड़े क्षेत्रों के लिए 1 लाख 62 हजार 671 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया गया हैं। इस बजट में मत्स्य पालन, पशुपालन और डिजिटल कृषि के जरिए किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने पर फोकस रहा।

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sanjay warude
Farmers Fisheries Animal husbandry Ko Budget Se Kya Mila

Budget Latest Highlights From the Union Budget 2026 for the Farmers Fisheries and Animal husbandry Sector: सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदलने और छोटे किसानों की जेब में सीधा लाभ पहुंचाने के लिए कई रणनीतिक कदम उठाए हैं।

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एग्रीकल्चर और इससे जुड़े क्षेत्रों के लिए 1 लाख 62 हजार 671 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया गया हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से सरकार ने पशु पालन, मत्स्य पालन और कृषि संबद्ध क्षेत्रों के लिए एक व्यापक विकास योजना की नई पहल की है। मुख्य केंद्र जल निकायों का आधुनिकीकरण और बाजार तक सीधी पहुंच बनाना है।

एग्रीकल्चर सेक्टर

बायोफॉर्मिंग के लिए 10 हजार करोड़ का बजट

किसानों के लिए बायोफॉर्मिंग के लिए 10 हजार करोड़ का बजट स्वीकृत किया है। डिजिटल कृषि के जरिए किसानों की आय के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने पर काम होगा। उच्च क्षमता वाले कृषि क्षेत्रों में उत्पादकता बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकों और उन्नत बीजों का उपयोग किया जाएगा। वहीं, तटीय राज्यों की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए काजू (Cashew Nuts) की खेती पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए तटीय क्षेत्रों में विशेष संवर्धन कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

किसान सम्मान निधि में ₹63,500 Cr का बजट

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के लिए 63,500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। केंद्र सरकार ने चालू वर्ष में लगभग 9.5 करोड़ पात्र किसानों को योजना के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है। पूरी आवंटित राशि सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित की जाएगी।

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खेती के लिए 20 हजार तक का तत्काल लोन

छोटे और सीमांत किसानों की आय की बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा हैं, जिसमें आय बढ़ाने के लिए विशेष क्लस्टर आधारित खेती पर जोर दिया जाएगा। छोटे किसानों को खेती की तत्काल जरूरतों के लिए 20,000 रुपये तक के आसान ऋण (Loan) की सुविधा दी जाएगी।

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अखरोज, बादाम उत्पादन बढ़ाने विशेष पैकेज

तटीय और क्षेत्रीय कृषि क्षेत्रों में विकास पर भी फोकस रहा है। नारियल, चंदन और काजू जैसी मूल्यवान फसलों की खेती के लिए सरकार तकनीकी और वित्तीय मदद करेगी। देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अखरोट और बादाम की पैदावार बढ़ाने के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज दिए जाएंगे।

Union Budget 2026

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एग्रीकल्चर रिसर्च का ₹969.50 Cr का बजट

कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के तहत एग्रीकल्चर रिसर्च कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग एजुकेशन डिपार्टमेंट के लिए ₹969.50 करोड़ का वित्तीय बजट निर्धारित किया गया हैं। जिसमें नवाचार और डिजिटल कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए तकनीक और डेटा पर विशेष फोकस किया है।

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नई किस्म: उन्नत बीज और फसल तकनीक का मुख्य उद्देश्य खेती में आने वाली बाधाओं को दूर करना है। इसके लिए वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय समिति द्वारा कुल 160 नई फसल किस्मों को जारी करने का लक्ष्य है।

ब्रीडर बीज: में गुणवत्ता वाली किस्मों को शामिल करने का फैसला लिया है, जिसमें लगभग 150 किस्मों को ब्रीडर बीज सीरीज में शामिल किया जाएगा, जिससे किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज मिल सकें।

उत्पादन में वृद्धि: सरकार ने प्रमुख फसलों के उत्पादन में बड़ी बढ़ोतरी का निर्णय लिया है। प्रमुख फसलों की उत्पादकता में पिछले 5 सालों के औसत के मुकाबले 0.65% बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

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बीमारी नियंत्रण: कीटों और बीमारियों की पहचान के लिए 10 नई डिजिटल पूर्व वॉर्निंग सिस्टम और निदान उपकरण विकसित किए जाएंगे।

विशेष जर्मप्लाज्म: भविष्य की खेती के लिए 75 विशेषता-विशिष्ट जर्मप्लाज्म को पंजीकृत करने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रयोगशाला से खेत तक: एग्रीकल्चर रिसर्ज का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाने के लिए व्यावसायिक गाइडलाइन में बड़ा बदलाव किया जा रहा है।

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GAP का विकास: खेती के आधुनिक तौर-तरीकों के लिए 110 नई 'अच्छी कृषि पद्धतियां' (GAPs) डॉक्युमेंटेड की जाएंगी।

तकनीक हस्तांतरण: किसानों और सहकारी समितियों को 30 नई प्रौद्योगिकियों और उपकरणों के लाइसेंस या व्यावसायिक हस्तांतरण का लक्ष्य है।

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मत्स्य पालन और उत्पादन

देश भर में 500 सरोवरों के निर्माण का लक्ष्य

मत्स्य पालकों के लिए बजट में बड़ी राहत की खबर है। अब देशभर में मछली पकड़ने और उसकी ढुलाई सस्ती हो जाएगी। सरकार ने देश भर में 500 सरोवरों के विकास का निर्णय लिया है। इन सरोवरों को न केवल पुनर्जीवित किया जाएगा, बल्कि इन्हें आधुनिक मत्स्य पालन केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन केंद्रों को सीधे बाजार से जोड़ा जाएगा, ताकि मछुआरों को बिचौलियों से मुक्ति मिले और उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिल सके।

मत्स्य पालन क्षेत्र को आधुनिक बनाने और मछुआरों की आय बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत वर्ष 2026-27 के लिए ₹2,500 करोड़ का निवेश तय किया है। रोजगार और महिला सशक्तिकरण के तहत ग्रामीण भारत में रोजगार क्रिएशन का एक बड़ा जरिया बनने वाली है।

मत्स्य पालन क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 2,50,000 (ढाई लाख) नए रोजगार सृजित किए जाएंगे। विशेष रूप से महिलाओं के लिए 1.41 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा करने पर फोकस किया गया है।

तकनीक से बढ़ेगी मछली उत्पादन की क्षमता 

मत्स्य पालन में पारंपरिक तरीकों को आधुनिक तकनीकों में बदलने का लक्ष्य रखा है। जिसके तहत उन्नत सिस्टम पर काम किया जाएगा। बायोफ्लॉक (Biofloc), आरएएस (RAS) और केज कल्चर जैसे आधुनिक एक्वाकल्चर सिस्टम के माध्यम से 180 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र को कवर किया जाएगा।

Agriculture Budget 2026

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9% तक मछली उत्पादन बढ़ाने का टारगेट

मछली उत्पादन बढ़ाने पर भी काम किया जाएगा। जिसके तहत नई तकनीकों के उपयोग से पिछले वर्ष की तुलना में मछली उत्पादन में 9% की बढ़ोतरी का टारगेट रखा गया है। कौशल विकास के तहत इस क्षेत्र में विशेषज्ञता बढ़ाने के लिए 80,000 लोगों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

मत्स्य से 10% वार्षिक आय बढ़ाने का टारगेट

सरकार ने वैश्विक मत्स्य बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए कड़े लक्ष्य रखे हैं। मछली निर्यात के माध्यम से विदेशी मुद्रा आय में 10% की वार्षिक बढ़ोतरी का टारगेट निर्धारित किया गया है। बिचौलियों को कम कर कोल्ड चेन में मजबूती लाकर मछुआरों को उनके उत्पाद की बेहतर कीमत एन्श्योर की जाएगी।

10,000 हेक्टेयर अतिरिक्त जलीय क्षेत्र का लक्ष्य

सरकार ने जलीय कृषि (Aquaculture) क्षेत्र में विस्तार का टारगेट रखा है। जिसमें जलीय कृषि के दायरे में 10,000 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र जोड़ने का लक्ष्य है। साथ ही समुद्री शैवाल (Seaweed) उत्पादन में 20% की बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा गया है। एक्वाकल्चर बीमा के तहत 10,000 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को कवर किया जाएगा, जिसके लिए ₹25 करोड़ का प्रोत्साहन दिया जाएगा। दावों का निपटान 90 दिनों के भीतर करने का कड़ा निर्देश है।

10 नए बंदरगाह, लैंडिंग सेंटर, 50 FFPOs बनाएंगे

इंफ्रास्ट्रक्चर और एफएफपीओ: मछली प्रबंधन के लिए 10 नए बंदरगाह और लैंडिंग सेंटर बनेंगे। साथ ही, 50 नए मत्स्य किसान उत्पादक संगठन (FFPOs) बनाए जाएंगे। वैज्ञानिक तरीके से मछली हैंडलिंग के लिए 3.25 लाख टन की क्षमता विकसित की जाएगी।

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पशुपालन और डेयरी सेक्टर 

डेयरी हब के लिए ₹1855 करोड़ का बजट

भारत को दुनिया का 'डेयरी हब' बनाए रखने के लिए सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए अपनी महत्वपूर्ण योजनाओं का खाका पेश किया है। सरकार ने गोकुल मिशन और डेयरी विकास पर कुल ₹1,855 करोड़ का एक्सपेंडिचर निर्धारित किया है। स्वदेशी नस्लों के संरक्षण और दुग्ध उत्पादकता बढ़ाने के लिए ₹800 करोड़ आवंटित किए हैं।

नस्ल सुधार के लिए अपनाएंगे IVF तकनीक

देश में आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन (AI) एआई कवरेज को बढ़ाकर 45% करने का लक्ष्य है। नस्ल सुधार के लिए IVF तकनीक से 10,000 भ्रूणों (Embryos) का ट्रांसफर किया जाएगा। बछियों के जन्म की संभावना बढ़ाने के लिए 40 लाख सेक्स-सॉर्टेड सीमेन खुराक का उपयोग किया जाएगा। सीमेन स्टेशनों पर 1,700 उच्च जेनेटिक मेरिट (HGM) वाले बैलों को शामिल किया जाएगा।

1,045 TLPD की अतिरिक्त चिलिंग क्षमता

डेयरी क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिए ₹1,055 करोड़ का निवेश किया जाएगा, जिससे सीधे छोटे किसानों को लाभ होगा। दूध को खराब होने से बचाने के लिए 1,045 TLPD (Thousand Liters Per Day) की अतिरिक्त चिलिंग क्षमता विकसित की जाएगी। मौजूदा केंद्रों पर 7,600 इलेक्ट्रॉनिक दूध परीक्षण उपकरण लगाए जाएंगे, ताकि दूध की शुद्धता और सही कीमत सुनिश्चित हो सके।

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दूध खरीदी मात्रा में 5% की बढ़ोतरी का टारगेट

डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सहकारी समितियों का विस्तार किया जाएगा। जिसके तहत 3,800 नई और एक्टिव डेयरी सहकारी समितियों के माध्यम से दूध खरीद की मात्रा में 5% की बढ़ोतरी का टारगेट है। डेयरी सहकारी समितियों के दायरे में 200,000 (2 लाख) अतिरिक्त महिला किसानों को जोड़ा जाएगा। अपशिष्ट से आय के लिए 12 नए कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG) संयंत्रों की स्थापना को मंजूरी दी गई है।

वेटनरी यूनिट पर 60 लाख कॉल अटेंड का लक्ष्य

पशुधन स्वास्थ्य के लिए ₹2,010 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो सीधे किसानों के दरवाजे तक स्वास्थ्य सेवाए पहुंचाएगा। किसानों के घर पर इलाज के लिए मोबाइल यूनिट्स के माध्यम से 60 लाख कॉल अटेंड करने का टारगेट है। इससे 55 लाख किसानों और 120 लाख पशुओं को सीधा लाभ मिलेगा।

FMD रोग नियंत्रण के लिए 50Cr पशुओं का टीकाकरण

सरकार ने खुरपका-मुंहपका रोग (FMD) उन्मूलन के लिए टारगेट निर्धारित किया है। जिसमें 50 करोड़ पशुओं के टीकाकरण का विशाल लक्ष्य रखा है, ताकि एफएमडी रोग को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सके। देश भर में जिला स्तर पर 750 प्रयोगशालाओं का नेटवर्क आधुनिक नैदानिक (Diagnostic) सेवाएं प्रदान करेगा।

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PM Modi Nirmala Sitharaman narendra modi Finance Minister Nirmala Sitharaman Agriculture Minister Shivraj Singh Chouhan Agriculture budget 2026 Farmers Ko Budget Se Kya Mila Fisheries Ko Budget Se Kya Mila Animal husbandry Ko Budget Se Kya Mila
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