अफसर से नाराज हुए सांसद: राजगढ़ में कार्यक्रम के दौरान लेट पहुंचे अधिकारी, सांसद ने मंच उतरकर छुए पैर, तंज करते हुए कहा- समय के पाबंद बनिए

राजगढ़ के कुंडीबेह गांव में जल अर्पण कार्यक्रम के दौरान अफसरों की देरी से नाराज सांसद रोडमल नागर मंच से उतरकर विरोध जताते नजर आए। पढ़ें पूरी खबर...

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Rajgarh News: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। कुंडीबेह गांव में आयोजित जल अर्पण कार्यक्रम के दौरान अफसरों के देर से पहुंचने पर सांसद रोडमल नागर का गुस्सा मंच पर साफ नजर आया। नाराज सांसद ने न सिर्फ अधिकारियों पर सवाल उठाए, बल्कि विरोध जताने के लिए मंच से उतरकर उनके पैर तक छू लिए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

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जल अर्पण कार्यक्रम में हुआ विवाद

यह घटना मंगलवार (23 दिसंबर) को राजगढ़ जिले के कुंडीबेह गांव की है, जहां जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के तहत जल अर्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। यह गांव देश के उन चुनिंदा गांवों में शामिल हो गया है, जहां 24 घंटे नल से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति शुरू हुई है। सांसद रोडमल नागर और क्षेत्रीय विधायक अमरसिंह यादव तय समय पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए थे, लेकिन अन्य वरिष्ठ अधिकारी काफी देर से पहुंचे।

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दिल्ली से आए अफसरों के इंतजार में रुका कार्यक्रम

जानकारी के अनुसार, जल जीवन मिशन के अपर सचिव कमलकिशोर सोम, जल निगम के प्रबंध संचालक केवीएस चौधरी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी दिल्ली से आ रहे थे। इन अधिकारियों के देर से पहुंचने के कारण कार्यक्रम लगभग डेढ़ घंटे तक रुका रहा। लंबे इंतजार के बाद सांसद का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने मंच से उतरकर विरोध का तरीका चुना।

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सांसद बोले- बेवकूफों की तरह कराया गया इंतजार

कार्यक्रम के दौरान सांसद रोडमल नागर ने खुले मंच से नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्हें और ग्रामीणों को बेवकूफों की तरह डेढ़ घंटे तक इंतजार कराया गया। उन्होंने यह भी कहा कि केवल इवेंट करने से कुछ नहीं होता, जमीन पर काम होना चाहिए और जिम्मेदारी के साथ समय की पाबंदी जरूरी है।

बाद में सांसद ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी नाराजगी किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं थी। उनका कहना था कि जल जीवन मिशन जैसे अहम प्रोजेक्ट में समय और जवाबदेही बेहद जरूरी है। कुंडीबेह सहित 25 गांवों में 24 घंटे पानी पहुंचना बड़ी उपलब्धि है, लेकिन इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

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