Damoh Bridge News: दमोह में 21 करोड़ की लागत से बना पुल, पिछले दो साल से है बंद, इंजीनियरिंग की गलती से गलत दिशा में मुड़ा पुल

मध्यप्रदेश में दमोह में 21 करोड़ का 225 मीटर लंबा पुल गलत दिशा में बना, निजी जमीन और गलत ले-आउट के कारण दो साल से उपयोग में नहीं आ सका। पूरी खबर पढ़ें।

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Damoh Bridge News: दमोह जिले में सरकारी निर्माण कार्यों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता एक मामला सामने आया है। हटा-गैसाबाद-सिमरिया मार्ग पर रैकरा गांव के पास 21 करोड़ रुपए की लागत से बना 225 मीटर लंबा पुल (Bridge) पिछले दो साल से उपयोग में नहीं आ पाया है। वजह है इंजीनियरिंग स्तर पर हुई गंभीर गलती, जिसके चलते पुल को तय दिशा के बजाय दूसरी ओर मोड़ दिया गया।

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पुल का S-आकार वाहन चालकों के लिए खतरनाक हो गया है।

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गलत दिशा में पुल के मुड़ने से बिगड़ा सड़क का ले-आउट

जानकारी के मुताबिक पुल का निर्माण बाईं ओर होना था, लेकिन डिजाइन और क्रियान्वयन में चूक के कारण इसे दाईं ओर बना दिया गया। इसका असर सड़क के ले-आउट पर पड़ा और सीधी सड़क अब S-आकार के मोड़ यानी एस कर्व में तब्दील हो गई। यह स्थिति वाहन चालकों के लिए खतरनाक हो गई है।

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पुल का निर्माण बाईं ओर होना था, लेकिन डिजाइन और क्रियान्वयन में चूक के कारण इसे दाईं ओर बना दिया गया।

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निजी जमीन बनी बड़ी बाधा

जिस दिशा में पुल बना दिया गया है, वहां निजी जमीन मौजूद है। इसके चलते पुल तक सीधी एप्रोच रोड बनाना मुश्किल हो गया है। भूमि विवाद और गलत प्लानिंग के कारण सड़क निर्माण का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा। स्थानीय स्तर पर इसे प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा बताया जा रहा है।

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जिस दिशा में पुल बना दिया गया है, वहां निजी जमीन मौजूद है।

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विभागों के बीच तालमेल की कमी

ब्रिज का निर्माण वर्ष 2023 में पूरा हो चुका था, लेकिन अब तक सड़क को ठीक तरीके से जोड़ा नहीं जा सका है। बताया जा रहा है कि सेतु निर्माण विभाग (Bridge Construction Department) और एमपीआरडीसी (MPRDC) के बीच समन्वय की कमी के चलते समस्या और उलझ गई। हालात संभालने के लिए अब सड़क को चौड़ा कर मोड़ कम करने की कोशिश की जा रही है।

हालांकि संबंधित अधिकारी यह कह रहे हैं कि पुल तकनीकी रूप से सही बनाया गया है, लेकिन मौके की स्थिति कुछ और ही कहानी बयान कर रही है।

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