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Mahadev Satta App Case Update: रायपुर में महादेव सट्टा ऐप मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। सट्टा कारोबार से जुड़े लोगों की करीब 21.45 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अटैच किया गया है। ईडी ने इस संबंध में आधिकारिक प्रेस नोट जारी कर कार्रवाई की पुष्टि की है। इस कार्रवाई में रवि उप्पल, रजत कुमार सिंह, सौरभ आहूजा, विशाल रमानी और विनय कुमार सहित कई अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। इन सभी पर महादेव सट्टा ऐप के जरिए अवैध सट्टा कारोबार से जुड़े होने का आरोप है।
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सट्टा नेटवर्क से जुड़ी संपत्तियों पर ईडी का शिकंजा
ईडी के अनुसार, जिन संपत्तियों को अटैच किया गया है, उनमें फ्लैट, मकान, जमीन, बैंक बैलेंस और अन्य निवेश शामिल हैं। यह सभी संपत्तियां सट्टा कारोबार से अर्जित अवैध कमाई से खरीदी गई बताई जा रही हैं। ईडी लंबे समय से इस मामले की जांच कर रही है और लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि महादेव सट्टा ऐप के जरिए देशभर में करोड़ों रुपये का अवैध लेनदेन किया गया।
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21.45 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त
ताजा कार्रवाई में 21.45 करोड़ रुपये की चल अचल संपत्तियों को अटैच किया गया है। इनमें रियल एस्टेट प्रॉपर्टी, महंगे वाहन, बैंक अकाउंट और अन्य निवेश शामिल हैं। ईडी का दावा है कि यह संपत्तियां सीधे तौर पर सट्टा कारोबार से जुड़े पैसों से खरीदी गई थीं।
अब तक 2,621 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच
दरअसल, महादेव सट्टा ऐप मामले में अब तक कुल 2,621 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियों को अटैच किया जा चुका है। यह आंकड़ा इस बात को दर्शाता है कि यह अवैध सट्टा नेटवर्क कितना बड़ा और संगठित था। ईडी की जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क का संचालन देश और विदेश से किया जा रहा था और इसमें कई बड़े नाम शामिल हैं।
कई नाम जांच के दायरे में
बता दें इस मामले में रवि उप्पल, रजत कुमार सिंह, सौरभ आहूजा, विशाल रमानी, विनय कुमार सहित कई अन्य लोग जांच के दायरे में हैं। ईडी इन सभी के बैंक खातों, संपत्तियों और लेनदेन की गहन जांच कर रही है।
इन लोगों की संपत्तियां हुईं अटैच
ईडी के मुताबिक, जिन लोगों की संपत्तियों को अटैच किया गया है, उनमें महादेव ऑनलाइन बुक के मुख्य प्रमोटर और फरार आरोपी रवि उप्पल शामिल हैं। उसकी दुबई स्थित करीब 6.75 करोड़ रुपये की संपत्ति को अटैच किया गया है। इसके अलावा सौरभ चंद्राकर के करीबी सहयोगी रजत कुमार सिंह की भिलाई और दुबई में स्थित संपत्तियां भी जब्त की गई हैं। उस पर 15 से 20 करोड़ रुपये की अपराध की कमाई अर्जित करने का आरोप है। ईडी ने सौरभ आहूजा और विशाल रमानी की दुर्ग और भिलाई स्थित संपत्तियों को भी अटैच किया है। दोनों पर लगभग 100 पैनल संचालित कर करीब 30 करोड़ रुपये की अवैध कमाई करने का आरोप है।
वहीं विनय कुमार और हनी सिंह की जयपुर और नई दिल्ली स्थित आवासीय संपत्तियों के साथ-साथ महिंद्रा थार और टोयोटा फॉरच्यूनर जैसे लग्जरी वाहन भी अटैच किए गए हैं। इन दोनों पर करीब 7 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का आरोप है। इसके अलावा लकी गोयल की राजस्थान में स्थित दुकानें और प्लॉट भी ईडी की कार्रवाई के दायरे में आए हैं। उस पर टेलीग्राम आधारित प्रचार के जरिए करीब 2.55 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का आरोप है। दुबई स्थित ऑपरेटर राजा गुप्ता की रायपुर में मौजूद एक अचल संपत्ति को भी अटैच किया गया है।
ईडी ने जारी किया प्रेस नोट
प्रवर्तन निदेशालय ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि महादेव सट्टा ऐप के जरिए बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग की गई। अवैध कमाई को प्रॉपर्टी और अन्य निवेश में बदला गया। ईडी ने साफ किया है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़ी कार्रवाइयां हो सकती हैं।
सट्टा नेटवर्क पर लगातार कस रहा शिकंजा
महादेव सट्टा ऐप केस में ईडी लगातार शिकंजा कस रही है। इससे पहले भी कई बार करोड़ों रुपये की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं और कई आरोपियों से पूछताछ हो चुकी है। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
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