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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में 22 फरवरी 2026 को मौसम सामान्य और ड्राइ रहने का अंदाजा है। हालांकि मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में फिलहाल किसी बड़े मौसमीय बदलाव की संभावना नहीं है।
अगले कुछ दिनों तक तापमान में भी कोई उल्लेखनीय परिवर्तन होने के संकेत नहीं हैं। दिन का तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर और रात का तापमान सामान्य के आसपास बना रह सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस समय प्रदेश में स्थिर मौसम प्रणाली सक्रिय है, जिसके कारण अचानक बड़े बदलाव की संभावना कम है। साफ आसमान और शुष्क हवाओं के कारण दिन में हल्की गर्माहट महसूस हो सकती है। वहीं सुबह और देर रात हल्की ठंड का एहसास बना रहेगा।
यह मौसम परिवर्तन सर्दी के विदाई चरण और गर्मी के आगमन का संकेत माना जा रहा है। मौसम विभाग ने नागरिकों को दिन और रात के तापमान के अंतर को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी है।
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गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी
मौसम केंद्र रायपुर द्वारा जारी सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार 22 फरवरी को पूरे प्रदेश में शुष्क मौसम रहने की संभावना है और किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि 23 और 24 फरवरी को मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है।
इन दिनों प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि यह गतिविधि व्यापक नहीं होगी, बल्कि सीमित क्षेत्रों तक ही सीमित रह सकती है।
फिर भी संवेदनशील क्षेत्रों में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। विशेष रूप से खुले मैदानों, खेतों और ऊंचे पेड़ों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने की सलाह दी गई है ताकि फसलों को संभावित नुकसान से बचाया जा सके।
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तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं
तापमान की बात करें तो प्रदेश में अगले सात दिनों तक न्यूनतम और अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार हाल ही में रायपुर में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा अधिक है।
वहीं अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश का सबसे कम तापमान रहा। दिन में तेज धूप के कारण गर्मी का एहसास बढ़ सकता है, जबकि रात के समय हल्की ठंड बनी रह सकती है।
तापमान में यह संतुलन मौसम के संक्रमण काल की विशेषता है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मार्च की शुरुआत के साथ तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि दर्ज हो सकती है। ऐसे मौसम में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। बदलते मौसम में सर्दी-खांसी जैसी मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
मौसम प्रणाली का प्रभाव और संभावित बदलाव
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान मौसम परिस्थितियों पर दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और भूमध्यरेखीय हिंद महासागर क्षेत्र में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र का अप्रत्यक्ष प्रभाव देखा जा रहा है। इसके साथ ही ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय सबट्रॉपिकल वेस्टरली जेट स्ट्रीम भी मौसम को प्रभावित कर रहे हैं।
इन प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से आने वाले दिनों में सीमित मौसमी गतिविधियां संभव हैं। हालांकि छत्तीसगढ़ में इसका प्रभाव व्यापक वर्षा के रूप में नहीं बल्कि हल्की गतिविधियों के रूप में दिखाई देगा।
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मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रणाली अगले 24 घंटों में और स्पष्ट हो सकती है। इससे 23–24 फरवरी के दौरान हल्की वर्षा और गर्जना की स्थिति बन सकती है। मौसम में यह बदलाव अल्पकालिक होगा और इसके बाद फिर से शुष्क मौसम लौटने की संभावना है।
किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जरूरी सलाह
किसानों के लिए यह मौसम विशेष महत्व रखता है क्योंकि रबी फसलें इस समय खेतों में तैयार अवस्था में हैं। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि 23 और 24 फरवरी को संभावित गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति को देखते हुए खेतों में काम करते समय सावधानी बरतें।
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खुले खेतों में कार्य करते समय मौसम की जानकारी लेते रहें और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। हल्की बारिश से फसलों को नुकसान की संभावना कम रहती है, लेकिन तेज हवा और बिजली गिरने की स्थिति में खतरा बढ़ सकता है।
पशुपालकों को भी पशुओं को खुले स्थानों से सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाओं से बचाव के प्रति जागरूकता आवश्यक है। मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट को नजरअंदाज न करने की अपील की गई है। बदलते मौसम के बीच कृषि गतिविधियों की योजना बनाना किसानों के लिए लाभदायक साबित हो सकता है।
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