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CG Narayanpur mining transport protest: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सोमवार को खनन परिवहन पर लगे प्रतिबंधों और बढ़ती लागत के विरोध में ट्रक यूनियन, स्थानीय जनप्रतिनिधि और खनन परिवहन से जुड़े लोगों का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा।
नारायणपुर-अंतागढ़ मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर जोरदार प्रदर्शन किया गया, जिससे घंटों यातायात बाधित रहा और यात्री बसें व अन्य वाहन जाम में फंसे रहे। प्रदर्शनकारियों ने भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की।
खदान परिवहन पर प्रतिबंध बना विवाद की जड़
नारायणपुर जिले के खोड़गांव–अंजरेल क्षेत्र में बीएसपी की लौह अयस्क खदान संचालित है। यहां से निकाले गए लौह अयस्क को ट्रकों के माध्यम से नारायणपुर से अंतागढ़ तक लगभग 50 किलोमीटर दूरी तय कर ले जाया जाता है। ट्रक मालिकों का कहना है कि मार्ग सिंगल लेन होने के कारण प्रशासन ने इस रास्ते पर माइंस से जुड़े भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है।
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50 किमी की दूरी बनी 250 किमी का चक्कर
प्रतिबंध लागू होने के बाद ट्रकों को कोंडागांव होकर लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है, जिससे दूरी बढ़कर लगभग 250 किलोमीटर हो जाती है। ट्रक संचालकों के अनुसार इससे डीजल, समय और श्रम लागत कई गुना बढ़ गई है और परिवहन व्यवसाय पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है।
रात में परिवहन की मजबूरी
प्रदर्शन कर रहे ट्रक संचालकों ने बताया कि नारायणपुर शहर से दिन में ट्रकों के गुजरने पर रोक है और केवल रात में ही आवाजाही की अनुमति दी गई है। इससे ड्राइवरों को दिनभर इंतजार करना पड़ता है और रात में लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे सुरक्षा जोखिम बढ़ जाता है।
अधूरी सड़क और धूल से दुर्घटना का खतरा
नारायणपुर से कोंडागांव तक NH 130D का निर्माण कार्य जारी है। अधूरी सड़क, उड़ती धूल और सीमित दृश्यता के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। चालकों का कहना है कि धूल के गुबार में सड़क दिखाई नहीं देती, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और घंटों जाम की स्थिति बन जाती है।
रोज गुजरते हैं सैकड़ों भारी वाहन
बताया जा रहा है कि बीएसपी माइंस से जुड़े लगभग 250 ट्रक और निको कंपनी से जुड़े करीब 600 ट्रक प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरते हैं। भारी वाहनों की इस बड़ी संख्या के कारण जाम और अव्यवस्था आम बात हो गई है।
DMF राशि को लेकर भी उठी मांग
प्रदर्शन के दौरान जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि बीएसपी की खदान नारायणपुर जिले में संचालित है, लेकिन जिला खनिज न्यास (DMF) की राशि दूसरे जिले कांकेर को दी जा रही है। उनका कहना है कि इससे नारायणपुर जिले के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
गोद ग्रामों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव
जनप्रतिनिधियों ने बताया कि बीएसपी के गोद ग्रामों में सड़क, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी अब भी बनी हुई है। यदि DMF राशि नारायणपुर को मिले तो क्षेत्र में आधारभूत ढांचे का विकास संभव हो सकेगा।
समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और बीएसपी प्रबंधन से मांग की है कि प्रतिबंध हटाया जाए या वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन के बाद क्षेत्र में खनन परिवहन, विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है। स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि प्रशासन शीघ्र समाधान निकालकर आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को सामान्य करेगा।
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