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Manikarnika Ghat Renovation Controversy: वाराणसी के ऐतिहासिक मणिकर्णिका घाट पर चल रहे रेनोवेशन कार्य के दौरान लगभग 4 दिन पहले के एक चबूतरा तोड़ा गया। इस कार्य के दौरान राजमाता अहिल्यबाई होल्कर की प्रतिमा, एक शिवलिंग और एक अन्य मूर्ति को निकाल कर मलबें में रख दिया गया था। जिसके बाद इस वाक्ये से जुड़े कई वीडियो और सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। देखते ही देखते इस वाक्ये से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मच गई। वोयरल वीडियो को लेकर विरोध तेज हुआ जिस पर आज प्रदेश खुद मुख्यमंत्री ने जवाबदेही की। साथ ही धार्मिक संस्थाओं ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है।
क्या है पूरा विवाद
मणिकर्णिका घाट के पास जलासेन घाट पर कॉरिडोर का नया एंट्री पॉइंट बनाया जा रहा है। इस कार्य के दौरान 4 दिन पहले एक पत्थर का चबूतरा तोड़ा गया जिसमें राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा, एक शिवलिंग और एक अन्य मूर्ति को निकाल कर मलबे में रख दिया गया। इसका सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ जिसके बाद अहिल्याबाई होल्कर से जुड़े समिति के लोगों ने मध्यप्रदेश और बनारस में विरोध शुरू कर दिया। Manikarnika Ghat viral video
कई लोगों ने इसे अहिल्याबाई होल्कर का अपमान बनाया। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव , कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर प्रदेश सरकार को घेरा और कार्यशैली पर सवाल उठाया। Varanasi Manikarnika Ghat news
बीजेपी नेताओं और मंत्रियों की सफाई
शुक्रवार को वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी और पूर्व मंत्री व विधाय़क नीलकंठ तिवारी मौके पहुंचे। महापौर और पूर्व मंत्री ने कहा कि जो भी मूर्तियां रेनोवेशन के दौरान हटाई गई हैं सभी मूर्तियों को सुरक्षित रखा गया है और निर्माण पूरा होने के बाद उनकी पुनर्स्थापना कर विधिवत पूजा की जाएगी।
वहीं प्रदेश सरकार के मंत्री रविंद्र जायसवाल ने वायरल वीडियो को लेकर कहा कि कुछ विडियो AI जनरेटेड भी हो सकते हैं। उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि रेनोवेशन के दौरान हटाई गई मूर्तियां दोबारा स्थापित की जाएंगी और किसी भी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं है। Kashi Manikarnika Ghat redevelopment
मुख्यमंत्री योगी का बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार इस बात के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि घाटों पर होने वाले धार्मिक और अंतिम संस्कार के संस्कार बिना किसी हस्तक्षेप के संपन्न हों। बरसात के मौसम में गंगा का जल बढ़ने से होने वाली परेशानियों को देखते हुए यह विकास कार्य जरूरी हैं। सरकार का उद्देश्य है कि अंतिम विदाई सम्मानजनक, सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में हो सके और सनातन धर्म की परंपराओं की गरिमा बनी रहे। Varanasi ghat renovation dispute
ठेकेदार पर कार्रवाई की बात
राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा कि घाटों पर जगह-जगह पत्थर के चबूतरे बने हैं। जिनका लोग बैठने या योग के लिए इस्तेमाल करते रहते हैं। अगर वहां किसी ने मूर्ति स्थापित कर दी है तो उसे औपतारिक मंदिर नहीं माना जा सकता है। साथ ही मंत्री ने माना कि ठेकेदार से लापरवाही हुई है। इस मामले में संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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घाट के नए स्वरूप की तैयारी
पूर्व मंत्री नीलकंठ तिवारी ने बताया कि मणिकर्णिका घाट पर प्रतिदिन अंतिम संस्कार के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। वर्तमान में यहां केवल 12 से 15 प्लेटफार्म हैं, जिससे भीड़ के समय परेशानी होती है। नए विकास कार्य के तहत घाट पर 36 प्लेटफार्म बनाए जा रहे हैं। साथ ही तीन बड़ी चिमनियां लगाई जा रही हैं, ताकि धुआं ऊपर की ओर जाए और वातावरण साफ रहे। इससे एक साथ तीन दर्जन से अधिक शवों का अंतिम संस्कार संभव हो सकेगा। यात्रियों और परिजनों के लिए शौचालय, बैठने की व्यवस्था और वेटिंग रूम जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। Ahilyabai Holkar statue controversy
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काशी विद्वत परिषद का पक्ष
काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रोफेसर रामनारायण द्विवेदी ने कहा कि परिषद ने वायरल वीडियो की जांच की है। प्रशासन से बातचीत में स्पष्ट किया गया है कि हटाई गई मूर्तियों और धार्मिक वस्तुओं को संरक्षित रखा गया है और उन्हें उचित स्थान पर पुनर्स्थापित किया जाएगा। परिषद ने विकास कार्यों के साथ धार्मिक गरिमा बनाए रखने पर जोर दिया है।
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