Mau Ghosi Assembly Seat: घोसी विधानसभा सीट हुई रिक्त, यूपी विधानसभा सचिवालय ने जारी किया आदेश

घोसी विधानसभा सीट को यूपी विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक रूप से रिक्त घोषित कर दिया है। सपा विधायक सुधाकर सिंह के निधन के बाद अब इस सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू अब शुरू होगी 

खाली हुई मऊ की  घोषी विधानसभा सीट

खाली हुई मऊ की घोषी विधानसभा सीट

Mau Ghosi Assembly Seat: उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की चर्चित घोसी विधानसभा सीट को आधिकारिक रूप से रिक्त घोषित कर दिया गया है। यूपी विधानसभा के प्रमुख सचिव ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए कहा है कि यह सीट 20 नवंबर को समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party- SP) के विधायक सुधाकर सिंह (mau Sudhakar Singh) के निधन के बाद खाली हो गई थी। अब इसे नियमों के तहत रिक्त मानते हुए आगे की चुनावी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

उपचुनाव की तैयारी, दलों की रणनीति शुरू

जैसे ही विधानसभा सचिवालय ने सीट को रिक्त घोषित किया, राजनीतिक पार्टियों की सक्रियता अचानक बढ़ गई है। सपा Samajwadi Party (SP), भाजपा (BJP), बसपा (BSP) और अन्य दल इस महत्वपूर्ण सीट पर अपनी रणनीति को मजबूती देने में जुट गए हैं।  घोसी सीट पिछले कुछ वर्षों में कई बार उपचुनावों के कारण चर्चा में रही है। इसलिए इस बार भी मुकाबला बेहद रोचक रहने वाला है।

Mau Ghosi Assembly Seat
Mau Ghosi Assembly Seat

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2023 का उपचुनाव और सुधाकर सिंह की जीत

घोसी सीट पिछले कुछ वर्षों से लगातार राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण सुर्खियों में बनी हुई है। 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की ओर से दारा सिंह चौहान ने जीत दर्ज की थी। लेकिन कुछ ही महीनों बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देकर बीजेपी का दामन थाम लिया। उनकी इस चाल ने घोसी की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया और 2023 में यहाँ उपचुनाव कराए गए।

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बीजेपी ने दारा सिंह चौहान को ही अपना उम्मीदवार बनाया, जबकि समाजवादी पार्टी ने सुधाकर सिंह पर भरोसा जताया। यह चुनाव बेहद हाईप्रोफाइल रहा और नतीजों ने सबको चौंका दिया। सुधाकर सिंह ने दारा सिंह चौहान को करीब 50 हजार वोटों के भारी अंतर से हरा दिया। इस जीत ने न सिर्फ सपा को बड़ी राहत दी बल्कि सुधाकर सिंह को भी स्थानीय राजनीति में मजबूत पहचान दिलाई।

एक बार फिर खाली हुई सीट

लेकिन अब, करीब ढाई साल बाद, घोसी सीट फिर से रिक्त हो गई है। सुधाकर सिंह के अचानक निधन ने क्षेत्र की राजनीति को गहरा झटका दिया और अब उपचुनाव की तैयारी एक बार फिर से तेज होने लगी है। आने वाले दिनों में चुनाव आयोग की घोषणा के साथ ही इस सीट पर एक और दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है।

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