बदायूं में कुत्ते के काटने से भैंस की मौत: पूरे गांव ने तेरहवीं में उसी के दूध का रायता पिया था, दहशत में पूरा गांव पहुंचा अस्पताल

ग्रामीणों ने बताया कि जिस भैंस के मट्ठे से रायता बनाया गया था, उसे कुछ दिन पहले एक पागल कुत्ते ने काट लिया था। इसके बाद भैंस की तबीयत लगातार खराब चल रही थी।

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Budaun Thirteenth Feast Incident: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां तेरहवीं के भोज के बाद पूरे गांव में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मामला उझानी ब्लॉक के पिपरौल गांव का है, जहां एक भोज में शामिल होने के बाद सैकड़ों ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए।

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तेरहवीं भोज बना डर की वजह

जानकारी के अनुसार गांव में 22 दिसंबर को एक व्यक्ति की मौत के बाद तेरहवीं का आयोजन किया गया था। इस भोज में गांव और आसपास के इलाकों से करीब 1200 लोग शामिल हुए थे। भोज में अन्य व्यंजनों के साथ रायता भी परोसा गया था, जो गांव के ही एक व्यक्ति की भैंस के मट्ठे से तैयार किया गया था। UP Strange News 

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पागल कुत्ते के काटने से बीमार थी भैंस

ग्रामीणों ने बताया कि जिस भैंस के मट्ठे से रायता बनाया गया था, उसे कुछ दिन पहले एक पागल कुत्ते ने काट लिया था। इसके बाद भैंस की तबीयत लगातार खराब चल रही थी। शनिवार को अचानक भैंस की मौत हो गई। जैसे ही यह खबर गांव में फैली, भोज में शामिल लोगों में डर बैठ गया कि कहीं उन्हें रैबीज का खतरा तो नहीं हो गया।

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अस्पतालों में उमड़ी भीड़

भैंस की मौत की जानकारी मिलते ही दावत में शामिल लोगों ने जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का रुख करना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि करीब 200 लोग अब तक एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने अस्पताल पहुंच चुके हैं। कुछ लोग बदायूं जिला अस्पताल तो कुछ उझानी और कछला के स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचे।

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ग्रामीणों में गहरा डर

गांव के आदेश गुप्ता ने बताया कि पिपरौल और आसपास के गांव चंदनपुर से कई लोग इंजेक्शन लगवाने गए हैं। जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। कई लोगों में अभी भी डर बना हुआ है और वे लगातार स्वास्थ्य केंद्रों से संपर्क कर रहे हैं।

गांव में कैंप लगाने की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से गांव में ही मेडिकल कैंप लगाकर एंटी रैबीज इंजेक्शन देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों का अस्पताल आना-जाना मुश्किल है और डर के माहौल में सभी को तुरंत इलाज मिलना चाहिए।

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