Bahraich Medical College Blast:  मेडिकल कॉलेज में बड़ा हादसा, ऑपरेशन थिएटर में ब्लास्ट, ऑटोक्लेव मशीन फटी, जांच समिति गठित

यूपी के बहराइच मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन थिएटर में लगी ऑटोक्लेव मशीन तेज धमाके के साथ फट गई, जिससे ओटी धुएं से भर गया। हादसे में कोई घायल नहीं हुआ। प्रारंभिक तौर पर ज्यादा स्टीम बनने को कारण माना जा रहा है। जांच समिति गठित की गई है। 

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Bahraich Medical College Blast: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में स्थित मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी विभाग में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब ऑपरेशन थिएटर में लगी ऑटोक्लेव मशीन तेज धमाके के साथ फट गई।

इस हादसे के बाद पूरे ओटी में धुआं भर गया और कुछ देर के लिए मेडिकल सेवाएं प्रभावित रहीं। राहत की बात यह रही कि घटना के समय ऑपरेशन थिएटर में कोई मरीज मौजूद नहीं था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।

स्टाफ मशीन चालू कर बाहर निकला ही..

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी यूनिट में रोजमर्रा का कामकाज चल रहा था। ऑपरेशन थिएटर में कॉटन और अन्य सर्जिकल कपड़ों को स्टरलाइज करने के लिए ऑटोक्लेव मशीन चलाई जा रही थी। नर्सिंग स्टाफ मशीन चालू कर बाहर निकला ही था कि अचानक तेज धमाके की आवाज हुई और मशीन फट गई। धमाके के साथ ही ओटी धुएं से भर गया, जिससे आसपास मौजूद स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई। 

कोई भी घायल नहीं हुआ

तेज आवाज सुनते ही डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे। कुछ देर के लिए इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर का काम बाधित रहा। हालांकि स्थिति पर जल्द ही नियंत्रण पा लिया गया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार, इस घटना में किसी भी कर्मचारी या मरीज के घायल होने की कोई सूचना नहीं है।  

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इस वजह से हुआ हादसा 

घटना की जानकारी मिलते ही मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एमएमएम त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि ऑटोक्लेव मशीन में अत्यधिक भाप (स्टीम) बनने के कारण यह धमाका हुआ। हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। 

मेडिकल कॉलेज प्रशासन गठन की जांच समिति 

मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने एक जांच समिति का गठन कर दिया है। यह समिति मशीन की तकनीकी स्थिति, रखरखाव और संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ऑटोक्लेव मशीन क्या होती है?

ऑटोक्लेव मशीन एक मेडिकल और लैब उपकरण है, जिसका इस्तेमाल सर्जरी में उपयोग होने वाले औजारों, कपड़ों, कॉटन और मेडिकल उपकरणों को कीटाणु-मुक्त (Sterilize) करने के लिए किया जाता है। यह मशीन उच्च तापमान और ज्यादा दबाव वाली भाप (Steam) के जरिए बैक्टीरिया, वायरस और फंगस को नष्ट करती है।
अस्पतालों के ऑपरेशन थिएटर, लैब और मेडिकल कॉलेजों में इसका नियमित उपयोग होता है। 

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ऑटोक्लेव मशीन कैसे काम करती है?

  • मशीन के अंदर पानी गर्म किया जाता है

  • पानी भाप (Steam) में बदलता है

  • भाप 121°C से 134°C तापमान और अधिक दबाव पर उपकरणों को स्टरलाइज करती है

  • तय समय बाद भाप बाहर निकल जाती है और सामान सुरक्षित हो जाता है 

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ऑटोक्लेव मशीन कैसे फट सकती है?

ऑटोक्लेव मशीन के फटने के पीछे कई तकनीकी और मानवीय कारण हो सकते हैं:

  1. अत्यधिक भाप (Over Steam Pressure):
    अगर मशीन के अंदर जरूरत से ज्यादा दबाव बन जाए और सेफ्टी वाल्व काम न करे, तो विस्फोट हो सकता है।

  2. सेफ्टी वाल्व खराब होना:
    सेफ्टी वाल्व का काम अतिरिक्त भाप को बाहर निकालना होता है। इसके फेल होने पर दबाव बढ़ता जाता है।

  3. गलत संचालन (Human Error):

    • जरूरत से ज्यादा सामान भर देना

    • ढक्कन ठीक से बंद न होना

    • निर्धारित समय से ज्यादा मशीन चलाना

  4. तकनीकी खराबी:

    • प्रेशर गेज या थर्मोस्टेट खराब होना

    • पुरानी या समय पर सर्विस न हुई मशीन

  5. मेंटेनेंस की कमी:
    नियमित जांच और सर्विसिंग न होने पर मशीन कमजोर हो जाती है, जिससे हादसे का खतरा बढ़ता है। 

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