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Budget 2026 Opposition Reaction: वित्त मंत्री के 53.47 लाख करोड़ के बजट को सत्ता पक्ष ने बताया विकसित भारत का बजट, क्या ​कहना है विपक्ष का

Budget 2026 Opposition Reaction: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज रविवार 1 फरवरी 2026 को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का नौवां केंद्रीय बजट पेश कर दिया है। इस साल का कुल बजट 53.47 लाख करोड़ रुपए का है

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anjali pandey
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Budget2026 Opposition Reactionवित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज रविवार 1 फरवरी 2026 को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का नौवां केंद्रीय बजट पेश कर दिया है। इस साल का कुल बजट 53.47 लाख करोड़ रुपए का है, जो पिछले साल (2025-26) के बजट अनुमानों की तुलना में 5.5 प्रतिशत ज्यादा है।

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ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए 5 लाख 98 हजार 520 करोड़ का प्रावधान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में परिवहन यानी ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए सबसे अधिक 5 लाख 98 हजार 520 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया है। परिवहन के बाद रक्षा (डिफेंस) सेक्टर के लिए 5 लाख 94 हजार 585 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। बजट में ग्रामीण विकास (रूरल डेवलपमेंट) के लिए 2 लाख 73 हजार 108 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान रखा गया है। इसके बाद गृह मंत्रालय (आंतरिक सुरक्षा एवं व्यवस्था) के लिए 2 लाख 55 हजार 234 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों के विकास के लिए 1 लाख 62 हजार 671 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।

ट्रंप के टैरिफ के बाद ट्रेड डील से मिलेगा लाभ 

ट्रंप द्वारा भारत पर टैरिफ लगाए जाने के बाद जो ट्रेड डील हुई है उसे भारत के लिए गेम चेंजर माना गया है। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी बजट पर रिएक्शन देते हुए बताया कि हाल ही जो बड़ी ट्रेड डील्स भारत ने की है उसका फायदा युवाओं, लघु मघ्यम उद्योगों को मिले इसका ध्यान रखा गया है।

Budget 2026 में सरकार ने कई अहम ऐलान किए हैं। विदेशी यात्रा, शिक्षा और चिकित्सा के लिए TCS दरों में कटौती की गई है, जबकि 17 एंटी-कैंसर दवाओं के साथ साथ दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को कस्टम ड्यूटी से छूट दी गई है। भारत में रहने वाले विदेशी नागरिकों की विदेश से होने वाली आय को अब कर के दायरे से बाहर रखा गया है। रक्षा मंत्रालय को 7.8 लाख करोड़ रुपये का आवंटन मिला है, हालांकि आयकर स्लैब और टैक्स छूट में कोई बदलाव नहीं किया गया।

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Budget 2026 में सरकार ने स्पष्ट किया है कि उसका मुख्य फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा, ग्रामीण विकास और सामाजिक क्षेत्रों पर रहेगा। वहीं Expenditure of Major Items का आंकड़ा दर्शाता है कि केंद्र सरकार किन क्षेत्रों में सबसे अधिक निवेश कर रही है और किन सेक्टर्स को प्राथमिकता दी गई है।

देश की आर्थिक वृद्धि है बजट का मकसद! 

इस बजट का मकसद देश की आर्थिक वृद्धि को बनाए रखने के साथ साथ निवेश बढ़ाना और विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार एवं अवसरों का विस्तार करना है। बजट 2026 में एमएसएमई (Micro, Small & Medium Enterprises) क्षेत्र पर विशेष जोर दिया गया। 

अर्थव्यवस्था की रीढ़ है MSME 

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वित्त मंत्री ने कहा कि MSME देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। ऐसे में सरकार चाहती है कि इन्हें चैंपियन की तरह विकसित किया जाए। इसी उद्देश्य से MSME सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का पैकेज घोषित किया गया।  जिससे छोटे और मध्यम उद्यमों को सस्ती वित्तीय सहायता उपलब्ध हो सके। इससे न सिर्फ घरेलू उत्पादन और प्रतिस्पर्धा को बल मिलेगा, बल्कि यूरोपीय और अन्य वैश्विक बाजारों में भी इसका लाभ मिलेगा।

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डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश को बढ़ावा 

बजट में पूंजीगत व्यय (Capex) को बढ़ाकर अब 12.2 लाख करोड़ रुपए किया गया है, जो पिछले साल के 11.2 लाख करोड़ रुपए की तुलना में 8.9% ज्यादा है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से सड़कों, रेलवे, हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, मेडिकल हब और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश को बढ़ावा देने के लिए की गई है। 

7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा 

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आज के बजट में  वित्त मंत्री ने 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की भी घोषणा की। जिसमें  प्रमुख कॉरिडोर मुंबई–पुणे, पुणे–हैदराबाद, हैदराबाद–बेंगलुरु, हैदराबाद–चेन्नई, चेन्नई–बेंगलुरु, दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलीगुड़ी हैं। इन कॉरिडोरों का उद्देश्य यात्रियों के लिए तेज़, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन सुनिश्चित करना है।

स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र में भी महत्व 

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बजट में स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र को भी विशेष महत्व दिया गया है। दरअसल, इसमें 5 नए मेडिकल हब स्थापित करने की योजना बनाई है। जो निजी क्षेत्र की भागीदारी के साथ काम करेंगे। जानकारी के लिए बता दें कि, इन हब में आयुष केंद्र, मेडिकल टूरिज़्म फैसिलिटेशन, डायग्नोस्टिक्स और रिहैबिलिटेशन सुविधाएं शामिल होंगी। इससे स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

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कृषि और ग्रामीण विकास 

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बजट में कृषि और ग्रामीण विकास पर भी ध्यान दिया गया। इसमें मत्स्य पालन, पशुपालन और डिजिटल कृषि के जरिए किसानों की आय बढ़ाने के साथ साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित करने पर जोर दिया। इसके साथ ही बजट में काजू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए तटीय क्षेत्रों में विशेष कार्यक्रम और उच्च क्षेत्र वाले कृषि क्षेत्रों में उत्पादकता बढ़ाने के उपाय शामिल हैं।

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शिक्षा और विकास में कई पहल

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बजट में शिक्षा और विकास के क्षेत्र में नई पहल की घोषणा की गई। नए क्रिएटिव स्किल संस्थान, यूनिवर्सिटी टाउनशिप और हॉस्टल सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। जिससे छात्रों और युवा प्रोफेशनल्स को आधुनिक शिक्षा और प्रशिक्षण प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

वहीं डिजिटल और टेक्नोलॉजी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने डेटा सेंटर में निवेश पर टैक्स हॉलिडे की घोषणा की। जिसमें भारत में क्लाउड सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनियों को 2047 तक टैक्स में छूट दी जाएगी। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के लिए 5 साल की टैक्स छूट भी उपलब्ध होगी।

शिक्षा के लिए 1 लाख 39 हजार 289 करोड़ खर्च

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बजट में शिक्षा क्षेत्र के विकास के लिए 1 लाख 39 हजार 289 करोड़ रुपए खर्च का प्रावधान किया गया है। ऊर्जा क्षेत्र के लिए बजट में 1 लीख 9 हजार 29 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य यानी हेल्थ सेक्टर के लिए 1 लाख 4 हजार 599 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। बजट में शहरी विकास यानी अर्बन डेवलपमेंट के लिए 85 हजार 522 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। देश में आईटी एवं टेलीकॉम सेक्टर के विकास के लिए नए वित्त वर्ष में 74 हजार 560 करोड़ रुपए खर्च किए जायेंगे।

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कॉमर्स एंड इंडस्ट्री - 70 हजार 296 करोड़

सामाजिक कल्याण - 62 हजार 362 करोड़

साइंस एंड टेक्नोलॉजी - 55 हजार 756 करोड़

टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन - 45 हजार 500 करोड़

विदेशी मामले - 22 हजार 119 करोड़

वित्त विभाग - 20 हजार 649 करोड़

नॉर्थ ईस्ट विकास - 6 हजार 812 करोड़

बजट में कराधान में सुधार

 बजट में वित्तीय नियमों और कराधान में सुधार भी किया गया। इसमें इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन करदाताओं के लिए ऑटोमेटेड निल डिडक्शन, फॉर्म 15G जमा करने के साथ साथ संशोधित रिटर्न कम शुल्क में दाखिल करने की सुविधा भी दी गई है। क्रेडिट और बैड क्रेडिट नियमों में बदलाव के जरिए करदाता अपनी वित्तीय स्थिति सुधार सकेंगे।

इतना ही नहीं सिक्योरिटीज और शेयर बाजार के लिए भी बदलाव किए गए हैं। स्टॉक्स और फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर Securities Transaction Tax (STT) को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% किया गया। इसके साथ ही, विदेशी निवेशकों और NRIs के लिए निवेश सीमा बढ़ाकर बाजार में और निवेश को आकर्षित करने का प्रावधान किया गया है।

आम जनता को राहत

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बजट में उपभोक्ताओं के साथ साथ आम जनता के लिए भी राहत है। बजट के मुताबिक, विदेश यात्रा, CNG, 7 गंभीर बीमारियों के इलाज, कैंसर की दवाएं, जूते और कपड़े और EV बैटरी सस्ती होगी। तो खनिज, शराब और स्क्रैप से जुड़े उत्पाद महंगे हो सकते हैं।

बजट पर क्या बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ? 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट की सराहना की। उन्होंने कहा कि, यह बजट भारत के साहसी और प्रतिभाशाली युवाओं को उड़ान भरने का मौका देता है। उन्होंने यह भी बताया कि बजट का उद्देश्य भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में तेजी लाना है। PM मोदी ने  कहा कि हाल ही में किए गए बड़े व्यापारिक समझौतों का लाभ युवाओं और लघु-मध्यम उद्यमों (MSME) को मिलेगा। रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में बड़े निवेशों के साथ-साथ बजट में नए डेटा सेंटर, स्वास्थ्य, डिजिटल कृषि, शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट पर भी फोकस किया गया है। 

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बजट को बताया ऐतिहासिक 

बजट आने के बाद इसपर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बजट को ऐतिहासिक बताया और कहा कि उनके विभाग के बजट में 21 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है और विकसित भारत ग्राम योजना के लिए 55,600 करोड़ रुपये से ज्यादा आवंटित किए गए हैं।

बजट पर  मल्लिकार्जुन खड़गे ने दागे सवाल 


कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्रीय बजट 2026 को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के पास अब नए विचारों की कमी साफ दिखाई देती है। यह बजट देश की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों का कोई ठोस समाधान पेश नहीं करता। खरगे ने कहा, सरकार का ‘मिशन मोड’ अब ‘चैलेंज रूट’ बनकर रह गया है। ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ शायद ही कभी किसी वास्तविक सुधार के स्टेशन पर रुकती नजर आती है।

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि बजट में न तो स्पष्ट नीतिगत दृष्टि है और न ही राजनीतिक इच्छाशक्ति। किसानों के लिए आय सुरक्षा या ठोस कल्याण योजना का कोई उल्लेख नहीं है, जबकि असमानता ब्रिटिश शासन के दौर से भी आगे बढ़ चुकी है, लेकिन एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए बजट में कोई विशेष राहत नहीं दी गई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बजट को चुनौतियों का ठोस समाधान न देने वाला बताया।

बजट पर बोले FICCI के अध्यक्ष अनंत गोयनका

FICCI के अध्यक्ष अनंत गोयनका ने यूनियन बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट ऐसे समय में स्थिरता और निरंतरता का संदेश देता है, जब पूरी दुनिया अनिश्चितता और तेज बदलावों से गुजर रही है। उन्होंने ने कहा कि अनुसार भारत ने खुद को एक मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित किया है, जहां महंगाई नियंत्रण में है और आर्थिक स्थिरता बनी हुई है।

अनंत गोयनका ने आगे कहा कि यह बजट सरकार के पिछले फोकस को आगे बढ़ाता है साथ ही व्यापक आर्थिक दृष्टिकोण को मजबूत करता है। सुधारों की रफ्तार लगातार जारी है, वहीं मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को अब भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए FDI और मल्टीनेशनल कंपनियों को दी गई टैक्स हॉलिडे जैसी घोषणाओं को सकारात्मक बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि वित्तीय घाटे का लक्ष्य हासिल होना और इसे 4.4 फीसदी पर बनाए रखना देश की अर्थव्यवस्था के लिए भरोसा बढ़ाने वाला कदम है। 

सही दिशा में मजबूत पहल: मेदांता के चेयरमैन एवं एमडी डॉ. नरेश त्रेहान 

“ये सभी कदम सही दिशा में मजबूत पहल हैं। भारत संक्रामक बीमारियों को खत्म करने की ओर बढ़ रहा है। दूसरी ओर कैंसर, मोटापा और डायबिटीज जैसी गैर-संक्रामक बीमारियों का बोझ बढ़ता जा रहा है। सवाल यह है कि अब हम इस हिस्से पर नियंत्रण कैसे करें? बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर दवाओं के विकास के लिए बड़े स्तर पर शोध की जरूरत होती है, और इसके लिए प्रोत्साहन दिया गया है। मानसिक स्वास्थ्य संस्थान की स्थापना भी एक लाभकारी कदम है…।” 

बजट 2026 को CM मोहन यादव ने बताया सुश​क्त भारत का बजट 

बजट की दिशा को सुशक्त भारत की तरफ है। आर्थिक ग्रोथ को बढ़ावा दिया गया है। क्लिनिकल ट्रायल स्थरों का विकास किया गया। इससे हमारा एमपी भी आगे बढ़ेगा। ज्यादा आबादी वाले शहरों का विकास होगा। छोटे स्थलों पर तीर्थ स्थलों के विकास किया गया है। प्रत्येक जिले में लड़कियों के लिए छात्रावास का निर्माण महिलाओं के लिए अच्छ कदम है। 

एक बेहद सकारात्मक और दूरदर्शी बजट: IMC चैंबर ऑफ कॉमर्स के डिप्टी डायरेक्टर जनरल संजय मेहता

आईएमसी चैंबर ऑफ कॉमर्स के डिप्टी डायरेक्टर जनरल संजय मेहता ने कहा कि  “निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया यह बजट, जो उनका लगातार नौवां बजट है, आईएमसी और उद्योग जगत के नजरिए से कुल मिलाकर एक बेहद सकारात्मक और दूरदर्शी बजट है।”

IMC Deputy Director Chamber of Commerce Sanjay Mehta

ये बजट सभी का बजट: केंद्रीय बजट पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया


केंद्रीय बजट पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, “यह एक प्रगतिशील बजट है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र पर केंद्रित है। यह हर नागरिक के लिए बना बजट है। खास तौर पर इस बजट में दूरसंचार और डोनियर (DoNEAR) क्षेत्रों को मजबूत प्रोत्साहन मिला है।

रेल मंत्री ने कहा डेटा सेंटर बहुत बड़ा हब बनेगा भारत

“मैं प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री का धन्यवाद करना चाहता हूं। देश के सर्वांगीण विकास और विकसित भारत के लिए एक मजबूत नींव रखी गई है। इसके लिए मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं। आज के बजट में मैन्युफैक्चरिंग पर खासा जोर दिया गया है। चाहे इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हो, सेमीकंडक्टर निर्माण हो या आईटी सेवाएं—इन सभी क्षेत्रों में बड़े स्तर पर सरलीकरण किया गया है।

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आने वाले समय में डेटा सेंटर देश के लिए एक बड़ी शक्ति बनकर उभरेंगे। इससे दुनिया के लिए नई सेवाओं का रास्ता खुलेगा और भारत में नए रोजगार व उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। इसलिए डेटा सेंटर पर टैक्स हॉलिडे देने के लिए मैं प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री का धन्यवाद करता हूं। ऑरेंज इकोनॉमी यानी क्रिएटर्स इकोनॉमी में 20 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। रेलवे के लिए 7 नए हाई-स्पीड कॉरिडोर की घोषणा की गई है और चेन्नई, बेंगलुरु व हैदराबाद को जोड़ने वाला एक दक्षिणी त्रिकोण भी बनाया जाएगा। इसके अलावा एक नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर भी घोषित किया गया है।”

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बजट को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन, IT सेवाओं और डेटा सेंटर निवेश को बढ़ावा देगा।  साथ ही रेल नेटवर्क और हाइव-टेक मेडिकल हब में भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। 

CM योगी ने कहा- आशा और आकांक्षाओं का प्रतीक ये बजट

बजट पर लखनऊ के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ये आशा और आकांक्षाओं का प्रतीक ये बजट है। जिसमें नए भारत और विकसित भारत की संकल्पना की दृष्टि स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होेंने कहा कि आयुष और स्वास्थ्य क्षेत्र पर जोर दिया है। महिलाओं के लिए हर जनपद में छात्रावास के निर्माण की व्यवस्था- से लाभ होगा। नौजवानों के लिए हर क्षेत्र में अवसर के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्र में रिफॉर्म का बजट पेश किया गया है। भारत की अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए ये बजट मददगार साबित होगा। 

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