आईएएस प्रमोशन पर ब्रेक: इन पांच अधिकारियों का लिफाफा बंद, अनुराग चौधरी नहीं बन पाएंगे सचिव, IAS संतोष वर्मा पर दो विभागीय जांच लंबित

मध्यप्रदेश में अनुराग चौधरी समेत 5 आईएएस अधिकारियों का प्रमोशन लिफाफा बंद रहा, जांच और लंबित मामलों के कारण डीपीसी ने फैसला टाल दिया। पढ़ें पूरी खबर...

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MP IAS Promotion: मध्यप्रदेश में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के प्रमोशन को लेकर चल रही प्रक्रिया में कुछ अधिकारियों के प्रमोशन में अड़चन आई है। वर्ष 2010 बैच के आईएएस अधिकारी अनुराग चौधरी फिलहाल सचिव नहीं बन पाएंगे। उनके साथ ही चार अन्य आईएएस अधिकारियों के प्रमोशन पर भी रोक लगा दी गई है। विभागीय पदोन्नति समिति यानी डीपीसी (Departmental Promotion Committee) की बैठक में सहमति बनी कि इन मामलों को लिफाफा बंद ही रखा जाए।

पांच आईएएस अधिकारियों का प्रमोशन रुका

डीपीसी के निर्णय के अनुसार, 2012 बैच के तरुण भटनागर और संतोष वर्मा तथा 2013 बैच के ऋषि गर्ग और पवन जैन के प्रमोशन भी फिलहाल नहीं हो पाएंगे। अनुराग चौधरी के मामले में स्थिति थोड़ी अलग थी क्योंकि उनके प्रकरण में प्रमोशन की संभावना बन रही थी, लेकिन अंतिम बैठक में समिति ने लिफाफा बंद रखने पर ही सहमति जताई। इन सभी अधिकारियों को अगली समीक्षा तक इंतजार करना होगा।

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डीपीसी बैठक में क्या हुआ फैसला

शुक्रवार (19 दिसंबर) को हुई बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा और प्रशासन अकादमी के डीजी सचिन सिन्हा शामिल रहे। बैठक में अनुराग चौधरी सहित अन्य नामों पर विस्तार से चर्चा हुई। इससे पहले हुई डीपीसी में भी सभी नामों को रोक दिया गया था और शुक्रवार की बैठक में अलग से विचार के बावजूद स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ।

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मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन। (फाइल फोटो)

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इन मामलों में जांच बनी बाधा

मंत्रालय सूत्रों के अनुसार, संतोष वर्मा पर एक आपराधिक मामला और दो विभागीय जांच यानी डीई (Departmental Enquiry) लंबित हैं। वहीं ऋषि गर्ग और तरुण भटनागर के खिलाफ भी विभागीय जांच चल रही है। भटनागर का नाम इससे पहले भी प्रमोशन सूची में रुक चुका है। इन लंबित प्रकरणों के चलते डीपीसी ने इन्हें प्रमोशन के योग्य नहीं माना।

आईपीएस अधिकारियों की डीपीसी में राहत

आईएएस अधिकारियों के बाद आईपीएस (IPS) अफसरों की डीपीसी आयोजित की गई। इसमें स्पेशल डीजी पद के लिए वर्ष 1994 और 1995 बैच के अधिकारियों के नामों पर विचार किया गया। डीपीसी में सभी नाम क्लियर हो गए हैं। पद रिक्त होते ही सबसे पहले 1994 बैच के आशुतोष राय को स्पेशल डीजी बनाया जाएगा।

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इसी बैच के अनंत कुमार सिंह और मनमीत सिंह नारंग फिलहाल प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर प्रदेश से बाहर हैं। इस वजह से आशुतोष राय को प्राथमिकता मिलेगी। अनंत कुमार सिंह और मनमीत सिंह नारंग को प्रोफार्मा प्रमोशन दिया जाएगा। तय कार्यक्रम के अनुसार आशुतोष राय एक जनवरी 2026 को स्पेशल डीजी का पद संभालेंगे। इसके बाद पद खाली होने पर राजाबाबू सिंह और डीपी गुप्ता का नंबर आएगा।

एडीजी, आईजी और डीआईजी स्तर पर भी प्रमोशन

एडीजी (ADG) पद के लिए एकमात्र अधिकारी प्रमोद वर्मा का प्रमोशन तय माना जा रहा है। वहीं वर्ष 2008 बैच के शियष ए, जयदेवन ए और ललित शाक्यवार को आईजी (IG) पद पर प्रमोट किया जाएगा। वर्ष 2010 बैच के वे अधिकारी जो अब तक डीआईजी नहीं बन पाए थे, उन्हें भी डीपीसी में शामिल किया गया है। इसके साथ ही 2011 का पूरा बैच और 2012 बैच में विकास पाठक तक के अधिकारी डीआईजी (DIG) बनाए जाएंगे। इनकी कुल संख्या 20 बताई जा रही है।

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