स्कूल शिक्षा विभाग में नए फ्रॉड का खुलासा: अतिथि शिक्षकों के नाम पर 7.61 लाख का फर्जी भुगतान, कुल घोटाला 1.08 करोड़ के पार

स्कूल शिक्षा विभाग में बीईओ पनागर से जुड़ा घोटाला बढ़ा। अतिथि शिक्षकों के नाम पर 7.61 लाख का फर्जी भुगतान सामने आया, कुल राशि 1.08 करोड़ के पार।

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MP School Education Scam: मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग (School Education Department) में सामने आया घोटाला लगातार गहराता जा रहा है। बीईओ पनागर कार्यालय से जुड़े इस मामले में अब अतिथि शिक्षकों (Guest Teachers) के नाम पर किए गए फर्जी भुगतान का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि 7.61 लाख रुपये ऐसे शिक्षकों के नाम पर निकाले गए, जिन्होंने या तो कभी पढ़ाया ही नहीं या फिर महज दो महीने के लिए कक्षाएं ली थीं। इस नए खुलासे के बाद पूरे मामले में घोटाले की राशि 1 करोड़ 8 लाख रुपये से अधिक हो गई है।

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बीईओ पनागर कार्यालय में परत-दर-परत खुल रहा घोटाला

यह मामला पनागर स्थित बीईओ (Block Education Officer) कार्यालय से जुड़ा है, जहां पहले ही वेतन और अन्य खातों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की बात सामने आ चुकी है। जांच एजेंसियों का कहना है कि जैसे-जैसे रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं, वैसे-वैसे घोटाले की रकम बढ़ती जा रही है। शुरुआती जांच में यह मामला सीमित राशि का लग रहा था, लेकिन अब आंकड़े एक करोड़ रुपये के पार पहुंच चुके हैं।

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दो महीने पढ़ाने के बाद भी महीनों तक निकाला गया वेतन

जांच में यह तथ्य सामने आया है कि जिन अतिथि शिक्षकों के नाम पर भुगतान दिखाया गया, उनमें से कई ने छात्रों को केवल दो महीने तक ही पढ़ाया था। इसके बावजूद उनके नाम पर नियुक्ति से पहले और कार्यकाल समाप्त होने के बाद तक लगातार वेतन निकाला जाता रहा। इससे साफ है कि भुगतान प्रक्रिया में जानबूझकर फर्जीवाड़ा किया गया।

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अकाउंटेंट की भूमिका जांच के घेरे में

बीईओ कार्यालय में पदस्थ अकाउंटेंट विजय भलावी इस पूरे मामले में संदेह के केंद्र में है। आरोप है कि उसने अतिथि शिक्षकों के नाम पर वेतन की राशि निकालकर उसका दुरुपयोग किया। जांच में यह भी सामने आया है कि कई ऐसे नामों पर भुगतान किया गया, जो कभी स्कूल में मौजूद ही नहीं थे। ऐसे फर्जी नामों का उपयोग कर सरकारी खजाने से लाखों रुपये निकाले गए।

जांच टीम ने अब इस मामले में दस्तावेजों (Documents) के साथ-साथ संबंधित बैंक खातों (Bank Accounts) की भी जांच शुरू कर दी है। भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड, नियुक्ति आदेश और उपस्थिति रजिस्टर का मिलान किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया के बाद घोटाले की राशि और बढ़ सकती है, क्योंकि अभी सभी फाइलों की जांच पूरी नहीं हुई है। इससे पहले भी बीईओ पनागर कार्यालय में वेतन भुगतान को लेकर अनियमितताओं की शिकायतें मिलती रही हैं।

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