Advertisment

इंदौर में जहरीले पानी ने छीनी जिंदगी: 8 लोगों की मौत, 35 से ज्यादा बीमार, जोनल अधिकारी, असिस्टेंट इंजीनियर सस्पेंड, सब-इंजीनियर बर्खास्त

इंदौर शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से स्थिति भयावह हो गई है। इलाके में फैले जलजनित संक्रमण के कारण अब तक 5 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 35 से अधिक लोग गंभीर रूप से बीमार हैं।

author-image
sanjay warude
indore pani hindi news

Indore Contaminated Water: इंदौर के भागीरथपुरा में शौचालय के नीचे मेन लाइन में लीकेज का पता चला है। इसी से दूषित पानी, पेयजल की पाइपलाइन में मिलने की आशंका जताई जा रही है। इस पानी से नंदलाल पाल, उर्मिला यादव, उमा कोरी, मंजुला और सीमा प्रजापत की जान चली गई। 35 से ज्यादा बीमार लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। जिला प्रशासन ने 3 लोगों की मौत की पुष्टि की है। स्वास्थ्य विभाग की जानकारी के अनुसार, मृतकों में नंदलाल, उर्मिला और तारा कोरी शामिल हैं। बताया गया है कि इन तीनों की मौत डायरिया से हुई है। ताजा अपडेट के अनुसार 8 लोगों की मौत की खबर है. 

Advertisment

सीएम मोहन यादव ने दुख जताया, कार्रवाई के निर्देश

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई घटना बेहद दुखद है। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रभावितों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने इस दुखद हादसे में क्षेत्र का दायित्व संभालने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए है। इस संबंध में कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि भागीरथपुरा मामले में जोनल अधिकारी शालिग्राम सितोले, सहायक यंत्री योगेश जोशी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है। प्रभारी सब-इंजीनियर PHE शुभम श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया गया है।

3 सदस्यीय कमेटी करेगी जांच

पूरे मामले की जांच के लिए 3 सदस्यों की एक कमेटी बनाई गई है। कमेटी IAS नवजीवन पंवार के निर्देशन में जांच करेगी। समिति में प्रदीप निगम, सुप्रिडेंट इंजीनियर और मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शैलेश राय को भी शामिल किया गया है।

दूषित पानी से गई जान

मंगलवार सुबह वर्मा अस्पताल में 75 साल के नंदलाल पाल ने दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट है, क्योंकि मरीज को हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत थी। हालांकि, परिजन का स्पष्ट आरोप है कि 28 दिसंबर को दूषित पानी पीने के बाद शुरू हुए उल्टी-दस्त की वजह से ही उनकी हालत बिगड़ी थी। इसके अलावा 2 महिलाओं की मौत की खबर भी सामने आई है, जिनके परिजन ने 'जहरीले' पानी को ही मौत की वजह बताया है।

Advertisment
Indore Contaminated Water
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।

अस्पतालों में मची अफरातफरी

भागीरथपुरा क्षेत्र से बीमारों के आने का सिलसिला थम नहीं रहा है। वर्मा हॉस्पिटल में मंगलवार को 5 नए मरीज भर्ती हुए, जबकि फिलहाल 20 लोगों का उपचार जारी है। गंभीर रूप से बीमार अन्य मरीजों को त्रिवेणी हॉस्पिटल और निजी क्लीनिकों में भर्ती कराया गया है।

150 शिकायतें, अब जागा प्रशासन

बताया जा रहा है कि पिछले एक हफ्ते में करीब 150 लोग दूषित पानी की शिकायत प्रशासन से कर चुके थे, लेकिन समय रहते कार्रवाई न होने से यह स्थिति बनी। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के हस्तक्षेप के बाद नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें अलर्ट पर हैं। पानी के नमूनों की जांच की जा रही है और इलाके में वैकल्पिक जल आपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है।

Advertisment

जांच के लिए पानी के सैंपल लैब भेजे

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। मंत्री विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया कि प्रभावितों के उपचार का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेंगी। पानी की शुद्धता की जांच के लिए नमूने लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट आते ही संक्रमण के मूल कारण का पता चलेगा।

ये भी पढ़ें:मध्यप्रदेश में कहीं ठंड, कहीं दिन में गर्मी: कल्याणपुर में पारा 1.7°C, ग्वालियर-दतिया में कोहरे का टॉर्चर

शौचालय के नीचे पाइपलाइन में मिला लीकेज

नगर निगम की जांच में भागीरथपुरा चौकी के पास स्थित एक शौचालय के नीचे से गुजरने वाली मुख्य पाइपलाइन में लीकेज पाया गया है। आशंका जताई जा रही है कि इसी रिसाव के कारण दूषित पानी पीने के पानी की लाइन में मिल गया, जो क्षेत्र में बीमारी और मौतों का कारण बना। नगर निगम कमिश्नर दिलीप कुमार यादव ने कहा लीकेज को ठीक करने का काम तत्काल शुरू कर दिया गया है। पाइपलाइन की मरम्मत के बाद पूरी लाइन की फ्लशिंग और क्लोरीनेशन (Chlorination) की जाएगी।

Advertisment

कलेक्टर शिवम वर्मा ने जाना मरीजों का हाल

हालात की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा अपनी पूरी प्रशासनिक टीम के साथ एमवाय (MY) अस्पताल पहुंचे। उन्होंने भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से व्यक्तिगत रूप से चर्चा की। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों को निर्देश दिए कि इलाज में कोई भी कमी न रहे और मरीजों को सर्वोत्तम सुविधाएं मिलें। अस्पताल प्रबंधन को रिकवरी रेट की पल-पल की रिपोर्ट देने को कहा है।

ये भी पढ़ें: इंदौर में दूषित पानी से 35 लोग बीमार: सभी अस्पताल में भर्ती, सीएम मोहन यादव ने लिया संज्ञान

Indore contaminated water Kailash Vijayvargiya Indore News MP news
Advertisment
चैनल से जुड़ें