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MP Polytechnic Lecturer Recruitment: मध्यप्रदेश के पॉलीटेक्निक कॉलेजों में प्रोफेसरों की नियुक्ति प्रोसेस अब कानूनी विवादों के घेरे में आ गई है।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डबल बेंच ने प्रदेश सरकार और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद एआईसीटीई सहित अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी किया है, जिसमें उनसे पूछा गया है कि क्या गेट परीक्षा प्रोफेसर भर्ती की नियुक्ति का आधार बन सकती है। इस भर्ती में गेट परीक्षा मेंडेटरी पर जबलपुर हाईकोर्ट ने सख्त रूख अपनाया है।
भर्ती के मापदंडों पर उठे सवालों पर कोर्ट गंभीर
यह याचिका पॉलीटेक्निक कॉलेजों में कार्यरत अतिथि प्रोफेसरों की ओर से दायर की गई है, जिसमें अधिवक्ता विनायक प्रसाद शाह और पुष्पेंद्र कुमार शाह पैरवी कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने भर्ती नियमों में गेट 2026 को मेंटेडरी बनाए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर संज्ञान लिया और भर्ती के मापदंडों पर उठ रहे संवैधानिक सवालों को गंभीरता से लिया है। राज्य सरकार और एआईसीटीई से स्पष्टीकरण मांगा है।
गेट परीक्षा स्नोनकोत्तर प्रवेश के लिए, भर्ती में नहीं
याविकाकर्ताओं ने साल 2004 के भर्ती नियमों और 2015 के संशोधनों को चुनौती दी है। याचिका में कहा गया है कि गेट परीक्षा मूल रूप से स्नातकोत्तर यानी एम-टेक, एमई पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है, ऐसे में इस परीक्षा को प्रोफसरों की सीधी भर्ती की मेंडेटरी का पैमाना नहीं बनाया जा सकता।
AICTE ने प्रोफेसर भर्ती में गेट अनिवर्य नहीं किया
अधिवक्ता विनायक प्रसाद शाह और पुष्पेंद्र कुमार शाह ने सुनवाई के दौरान कोर्ट में तर्क दिया कि तकनीकी शिक्षा की नियामक संस्था एआईसीटीई ने भी प्रोफेसर पद की नियुक्ति के लिए गेट परीक्षा को अनिवार्य नहीं किया है।
राज्य सरकार द्वारा किए संशोशन विसंगतिपूर्ण बताया
पॉलीटेक्निक कॉलेजों में कार्यरत अतिथि प्रोफेसरों की ओर से दायर याचिका में राज्य सरकार द्वारा किए गए संशोधनों को विसंगतिपूर्ण बताया है, जिससे वर्तमान में कार्यरत अतिथि प्रोफेसरों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है।
किस आधार पर गेट को भर्ती प्रोसेस का हिस्सा बनाया
हाईकोर्ट के नोटिस के बाद अब राज्य सरकार और तकनीकी शिक्षा विभाग को यह सिद्ध करना होगा कि किस आधार पर गेट-2026 को भर्ती प्रोसेस का हिस्सा बनाया गया है। इस फैसले का असर प्रदेश के हजारों तकनीकी शिक्षा कैंडिडेट्स और अतिथि प्रोफसरों पर पड़ना तय है।
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