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MP Govt Officers Employees Organization Protest: मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ और मध्यप्रदेश कर्मचारी मंच ने संयुक्त रूप से लंबित मांगों को लेकर सांकेतिक प्रदर्शन किया।
भोपाल स्थित मंत्रालय के गेट नंबर 6 पर शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को दोनों संगठनों के कर्मचारी जुटे। प्रदर्शनकारियों ने चौथा समयमान वेतनमान, 3 प्रतिशत महंगाई भात्ता समेत लंबित मांगों को पूरा करने की मांग की। उन्होंने राज्य सरकार को चेताया कि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो, अगले महीने विधानसभा का घेराव करेंगे। प्रदर्शन के बाद पुलिस की मौजूदगी में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया।
जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो करेंगे प्रदेश व्यापी आंदोलन
मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ अध्यक्ष सुधीर नायक ने कहा कि यह केवल एक सांकेतिक शुरुआत थी। यदि सरकार ने जल्द ही सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो अगले माह होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान प्रदेश व्यापी बड़ा आंदोलन किया जाएगा। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ प्रांताध्यक्ष विजय मिश्र ने कहा कि वर्ष 2023 में आकस्मिकता निधि कर्मचारियों के लिए आयोजित परीक्षा का परिणाम तत्काल घोषित हो। कर्मचारी नेता श्याम सुंदर शर्मा ने कहा कि लंबित 3% महंगाई भत्ता (DA) जल्द जारी किया जाए।
प्रमोशन की जगह उच्च पदनाम दिया जाए
कर्मचारी मंच प्रांताध्यक्ष अशोक पाण्डे ने कहा कि पिछले 10 सालों से पदोन्नति रुकी हुई है, उसके बदले राज्य प्रशासनिक सेवा की तर्ज पर उच्च पदनाम दिया जाए। मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ और मध्यप्रदेश कर्मचारी मंच के इस आंदोलन को तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, निगम मंडल, परिवहन और वन कर्मचारी संघ जैसे कई बड़े संगठनों का समर्थन मिला।
अधिकारी-कर्मचारी संगठनों की ये लंबित मांगें
कर्मचारियों को चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ दिया जाए।
लंबित 3% महंगाई भत्ता (DA) जारी किया जाए।
वर्ष 2023 में आकस्मिकता निधि कर्मचारियों का परीक्षा का परिणाम तत्काल घोषित हो।
डाइंग कैडर संबंधी आदेश रद्द कर स्थायी कर्मियों को नियमित किया जाए।
आउटसोर्स कर्मियों को सीधी भर्ती में अनुभव के अंक मिलें।
10 वर्षों से रुकी पदोन्नति के बदले राज्य प्रशासनिक सेवा की तर्ज पर उच्च पदनाम दिया जाए।
पुरानी पेंशन योजना (OPS) को दोबारा बहाल किया जाए।
70%-80% वेतन संबंधी आदेश को निरस्त कर हाईकोर्ट का निर्णय लागू हो।
पूर्ण पेंशन के लिए सेवा अवधि की अर्हता केंद्र की तरह 25 वर्ष की जाए।
2012 में मंत्री स्थापना से आए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को वेतन संरक्षण का लाभ मिले।
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