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MP Board Exam 2026: मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने आगामी बोर्ड परीक्षाओं में सामूहिक नकल को रोकने का बड़ा फैसला लिया है।
प्रदेश भर के परीक्षा सेंटर्स में होने वाली नकल की सेंधमारी को रोकने के लिए एमपी बोर्ड अब पायलेट प्रोजेक्ट के तहत सीसीटीवी कैमरों का अभेद्य घेरा तैयार कर रहा है। इस बार मंडल का सीधा प्रहार उन 226 प्राइवेट सेंटर्स पर है, जहां प्राइवेट परीक्षार्थी परीक्षा देते हैं। पायलेट प्रोजेक्ट के तहत यहां डिजिटली पहरा रहेगा।
इन सेंटर्स को बनाया डिजिटल किला
एमपी बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक, प्रदेश भर में कुल 3 हजार 856 परीक्षा केंद्र बनाए हैं, इनमें से 226 प्राइवेट सेंटरों को इस हाई—टेक निगरानी के लिए चुना गया है। पिछले सालों में यहां से सामूहिक नकल जैसी सैकड़ों शिकायतें सामने आती रही हैं। इस साल के परिणामों और फीडबैक के आधार पर इसे भविष्य में पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
प्राइवेट सेंटर्स प्रिंसिपल कक्ष पर भी पहरा
खास बात यह है कि ये कैमरे केवल क्लास रूम तक सीमित नहीं रहेंगे। नकल के लिए कुख्यात माने जाने वाले प्रदेश के सिलेक्टेड इन सेंट्ररों के सभी परीक्षा वाले क्लास रूम, गैलरी और यहां तक की प्रिंसिपल रूम को भी कैमरे की जद में रखा जाएगा। इन सभी संवेदनशील स्थानों को कैमरों से कवर किया जाएगा।
इंदौर, भोपाल, ग्वालियर में भी पैनी नजर
मंडल ने पहले चरण में प्रदेश के उन 9 बड़े जिलों को सिलेक्ट किया है, जहां से नकल की शिकायतें ज्यादा आती हैं। इनमें इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, भिंड, मुरैना और रीवा जैसे जिले शामिल हैं। इन केंद्रों पर वर्तमान में सर्वे का काम जारी है कि किस स्थान पर कितनी संख्या में कैमरे लगाए जाने की जरुरत है।
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इस बार 16 लाख परीक्षार्थी देंगे परीक्षा
इस साल बोर्ड परीक्षा में लगभग 16 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जिनमें 9 लाख हाईस्कूल और 7 लाख हायर सेकंडरी के छात्र हैं। फरवरी से एकसाथ प्रदेशभर में बोर्ड परीक्षा की शुरुआत होगी।
अभी समन्वय सेंटर्स की लाइव मॉनिटरिंग
अब तक सीसीटीवी कैमरों का उपयोग केवल प्रदेश के 52 जिलों के उन समन्वय सेंटर्स में होता रहा, जहां कॉपियों का मूल्यांकन किया जाता है, लेकिन अब सीधे परीक्षा केंद्रों से लाइव मॉनिटरिंग की तैयारी है।
10 जनवरी तक सब्जेक्ट में कर सकेंगे सुधार
हाईस्कूल और हायर सेकंडरी परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को विषय सुधार में एक और मौका दिया है। विषयों में सुधार के लिए 21 दिसंबर 2025 तक का समय दिया गया था, लेकिन अब मंडल ने तारीख आगे बढ़ा दी है। अब 10 जनवरी तक छात्र ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
500 रुपए प्रति सब्जेक्ट देना होगी लेट फीस
विषय सुधार की यह प्रोसेस नि:शुल्क नहीं होगी। मंडल ने स्पष्ट किया है कि विषय में किसी भी प्रकार के ऑनलाइन संशोधन के लिए 500 रुपए प्रति सब्जेक्ट के मान से लेट फीस देना होगी। सुधार प्रोसे पूरी तरह से ऑनलाइन रहेगी। आवेदन से जुड़े अन्य सभी नियम और निर्देश पूर्व में जारी आदेशों के अनुसार रहेंगे।
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