
Bhopal Beef Scandal Update 2026: भोपाल गौमांस कांड की जांच अब स्पेशल इंवेस्टीगेशन कमेटी करेगी।
भोपाल पुलिस कमिश्नर ने सोमवार, 19 जनवरी 2026 को स्पेशल इंवेस्टीगेशन कमेटी का गठन किया है। असिस्टेंट कमिश्नर उमेश तिवारी एसआईटी का नेतृत्व करेंगे। जांच कमेटी में दो टीआई समेत अन्य स्पेशलिस्ट को सदस्य नियुक्त किया है। पुलिस कमिश्नर ने जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट मांगी है।
34 दिन पहले पीएचक्यू के सामने पकड़ा था कंटेनर
भोपाल में बुधवार, 17 दिसंबर पुलिस मुख्यालय (PHQ) के ठीक सामने हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मांस से भरे एक संदिग्ध ट्रक को घेराबंदी कर पकड़ा था। कंटेनर में 26 टन मांस के पैकेट बरामद हुए थे, जिन्हें लेकर कार्यकर्ताओं ने गौ-मांस होने का दावा किया था। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने ट्रक में तोड़फोड़ कर दी थी। स्थिति बिगड़ती देख जहांगीराबाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचकर भीड़ को शांत कराया। पुलिस ने ट्रक को अपने कब्जे में लेकर मांस के नमूनों को जांच के लिए पशु चिकित्सालय भेजे थे।
जांच के ये मुख्य बिंदु
जांच टीम इस बात का पता लगाएगी कि गौवंश की तस्करी किन रास्तों से और किन जिलों से की जा रही थी।
स्लॉटर हाउस से 26 टन गौमांस की बरामदगी ने बड़े नेटवर्क की ओर इशारा किया है।
पुलिस का मानना है कि जेल भेजे गए दो आरोपियों के अलावा मामले में अन्य रसूखदार भी शामिल हो सकते हैं।
लंबे समय से मिल रही थी गौमांस तस्करी की सूचना
हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी का आरोप था कार्यकर्ताओं को पिछले कई दिनों से गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं कि एक स्लाटर हाउस में संदिग्ध मांस की पैकिंग की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मांस को हैदराबाद और मुंबई के रास्ते विदेशों में तस्करी करने की योजना थी।
गौमांस तस्करी के मास्टरमाइंड पर ऐक्शन की मांग
चंद्रशेखर तिवारी के मुताबिक, घेराबंदी के दौरान ट्रक से एक संदिग्ध व्यक्ति भागने में सफल रहा, जबकि दूसरे को कार्यकर्ताओं ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। हिंदू संगठनों ने मांग की है कि पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इस पूरे गिरोह के पीछे जो मुख्य 'मास्टरमाइंड' है, उसे बेनकाब कर कठोर सजा दी जाए।
वेटरनरी डॉक्टर ने रिपोर्ट में किया था भैंस का दावा
भोपाल नगर निगम के वेटरनरी डॉक्टर ने एक रिपोर्ट में स्लॉटर हाउस में भैंसों की मौजूदगी का दावा किया था। इस रिपोर्ट के आधार पर नगर निगम ने मांस से भरा कंटेनर 17 दिसंबर 2025 को छोड़ दिया था। हालांकि, जब पुलिस द्वारा कंटेनर से भेजे गए सैंपल में गौं मांस की पुष्टि की गई तो नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
वेटरनरी डॉक्टर समेत 8 कर्मियों को सस्पेंड कर चुके
नगर निगम की परिषद की बैठक में पक्ष और विपक्ष के पार्षदों ने जमकर हंगामा किया था। जिसके बाद नगर निगम के वेटरनरी डॉक्टर समेत 9 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया था। जिसमें नगर निगम के वेटरनरी डॉ. बेनीप्रसाद गौर और काम में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में नगर निगम ने 8 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया था, जबकि 3 अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया। निगम द्वारा जारी आदेश के अनुसार, ड्यूटी के दौरान सतर्कता न बरतने और लापरवाही के चलते यह कार्रवाई की गई थी।
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