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भोपाल गोमांस कांड पर नगर निगम की बड़ी कार्रवाई: 8 कर्मचारी निलंबित और 3 को शोकाज

Bhopal Municipal Corporation Action: भोपाल के गोमांस कांड में के बाद नगर निगम प्रशासन ने 8 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है, जबकि 3 अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

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sanjay warude
Bhopal Municipal Corporation Action

Bhopal Municipal Corporation Beef Scandal Action: भोपाल के गोमांस कांड में मचे बवाल के बाद नगर निगम प्रशासन ने आखिरकार कड़ा एक्शन मोड में आते हुएकदम उठाया है। 

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काम में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में नगर निगम ने 8 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है, जबकि 3 अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। निगम द्वारा जारी आदेश के अनुसार, ड्यूटी के दौरान सतर्कता न बरतने और लापरवाही के चलते यह कार्रवाई की गई है।

इन कर्मचारियों पर गिरी निलंबन की गाज

वसीम खान (सिपाही)

सलीम (कामगार)

राजा खां (कामगार)

शेख युसूफ (कामगार)

वहिद खान (कामगार)

मोहम्मद फैयाज (चौकीदार)

ईशा मोहम्मद खान (चौकीदार)

अब्दुल रहमान

तीन स्थायीकर्मियों को कारण बताओ नोटिस

निलंबन के साथ-साथ तीन विनियमित स्थायीकर्मियों को भी नोटिस थमाया गया है। इन्हें 10 दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण नगर निगम प्रशासन के समक्ष पेश करना होगा।

युसूफ खान

अब्दुल हकीम

मोहम्मद रफीक

स्लॉटर हाउस में भैंसों की मौजूदगी का दावा किया था

भोपाल नगर निगम के वेटनरी डॉक्टर की एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें स्लॉटर हाउस में भैंसों की मौजूदगी का दावा किया था। बताया जा रहा है निगम की ओर से स्लॉटर हाउस में भैंसों के वीडियो फुटेज भी दिए हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर नगर निगम ने मांस से भरा कंटेनर 17 दिसंबर 2025 को छोड़ दिया था। हालांकि, जब पुलिस द्वारा कंटेनर से भेजे गए सैंपल में गौं मांस की पुष्टि की गई तो नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

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गौ मांस कांड पर दो बड़े सवाल

पहला: जांच पूरी होने तक कंटेनर क्यों जब्त नहीं किया ?

पुलिस ने सैंपल लिए पर कंटेनर नगर निगम के सुपूर्द कर दिया, हालांकि जब गौ मांस की पुष्टि हुई तो निगम ने तर्क दिया कि मांस रखने की जगह नहीं है, इसलिए कंटेनर को छोड़ दिया। जबकि कंटेनर कूलिंग सिस्टम से लैस था।

दूसरा: बिना जांच भैंस का प्रमाण पत्र कैसे जारी किया  ?

सवाल ये कि बिना जांचे डॉक्टर ने भैंस का प्रमाण पत्र कैसे जारी किया ? डॉ. बेनीप्रसाद गौर ने लिखित में दिया कि वध से पहले और बाद में परीक्षण किया गया। जिसमें उन्होंने भैंसें होने और मांस को मानव उपयोग के लिए फिट बताया।

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परिषद बैठक में पार्षद उठाएंगे मुद्दा

गौ मांस की पुष्टि के बाद अब शहर सरकार अपने ही पार्षदों के निशाने पर है। इस मामले में नगर निगम के अधिकारियों और ठेका कंपनी के बीच गहरी मिलीभगत के संकेत मिल रहे हैं। पार्षदों के मुताबिक, इस मुद्दे को 13 जनवरी की परिषद बैठक में उठाया जाएगा।

निगमाध्यक्ष का कड़ा रुख, चमड़ी उधेड़ी जाएगी

भोपाल में हाल ही में एक वाहन में गौमांस मिलने की घटना के बाद नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने सख्त चेतावनी दी है। असलम चमड़ा हो या कहीं का चमड़ा हो, ऐसे अपराध में लिप्त पाए गए तो उनकी चमड़ी उतार दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश की पावन धरती पर गौ-हत्या और इससे जुड़े अपराधों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि गौ-हत्या जैसे अपराधों में लिप्त लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।

  • गाय के बछड़ों की तस्करी: सूत्रों के अनुसार, 15 और 16 दिसंबर की रात बैतूल के रास्ते दो वाहनों में 160 गाय के बछड़े स्लॉटर हाउस लाए गए थे, जिनका मांस मुंबई भेजा जा रहा था।

  • पुलिस की लापरवाही: 17 दिसंबर को जब हिंदू संगठनों ने कंटेनर रुकवाया, तो पुलिस ने सैंपल तो लिए लेकिन कंटेनर को जब्त करने के बजाय नगर निगम को सौंप दिया।

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