Marriage Bureau Scam: भोपाल में फर्जी मैरिज ब्यूरो का खुलासा, दुल्हन दिखाई... रिंग सेरीमनी भी हुई, फिर ऐसे हुआ भंडाफोड़

भोपाल में फर्जी मैरिज ब्यूरो गिरोह ने लड़की दिखाकर और रिंग सेरेमनी कराकर कई युवकों से 24 हजार रुपए वसूलकर पुलिस वेरिफिकेशन के नाम पर ठगी की।

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Bhopal Marriage Bureau Scam: भोपाल में सक्रिय एक फर्जी मैरिज ब्यूरो गिरोह ने शादी के इच्छुक युवकों को भरोसे में लेने के लिए ऐसा जाल बिछाया, जिसमें लड़की दिखाने से लेकर रिंग सेरेमनी तक की रस्में शामिल थीं। भरोसा बनने के बाद आरोपी हर परिवार से एडवांस रकम वसूलते और फिर वेरिफिकेशन के नाम पर महीनों तक बहाने बनाते रहे। जब पीड़ित दोबारा पहुंचे तो कार्यालय बंद और संचालक फरार मिले। अब तक यूपी, राजस्थान, बुंदेलखंड और कई जिलों के युवक धोखाधड़ी की शिकायत करने भोपाल पहुंच चुके हैं।

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स्कैम करने वालों का दावा होता था कि केवल एक हल्की रजिस्ट्रेशन फीस के बाद मनचाहा रिश्ता मिल जाएगा।

लड़की दिखाने से रिंग सेरेमनी तक हुई

शिकायतकर्ताओं के अनुसार मैरिज ब्यूरो के संचालक उत्तम सिंह और मैनेजर रोशन खान जरूरतमंद परिवारों से संपर्क करने के बाद उन्हें भोपाल बुलाते। उनका दावा होता कि केवल एक हल्की रजिस्ट्रेशन फीस के बाद मनचाहा रिश्ता मिल जाएगा। पीड़ित युवक जब शहर आते तो उन्हें किसी गांव ले जाया जाता, जहां पहले से तैयार की गई लड़की को संभावित दुल्हन बताकर दिखाया जाता। कई मामलों में रिंग सेरेमनी जैसी रस्में कराई गईं ताकि परिवारों को पूरा भरोसा हो जाए कि रिश्ता पक्का है। इसी माहौल में आरोपी लगभग 24 हजार रुपए एडवांस वसूल लेते थे।

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शादी के लिए फर्जी पैम्फलेट।

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फिर करते थे महीनों तक टालमटोल

राशि मिलने के बाद आरोपी शादी की तारीख तय करने के बजाय पुलिस वेरिफिकेशन का हवाला देते हुए समय मांगते रहते। पीड़ितों को बताया जाता कि फाइल अटकी है और अधिकारी की अनुमति मिलते ही शादी की तारीख घोषित कर दी जाएगी। दो-दो महीने तक इंतजार कराने के बाद संचालक अचानक गायब हो जाते। जब युवक दोबारा दिए गए पते पर पहुंचते, तो वहां ताला लगा मिलता और उनके मोबाइल फोन बंद होते।

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पुलिस ने शुरू की तहकीकात

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि मैरिज ब्यूरो के संचालकों ने कई नामों से फर्जी आईडी, किराए के कार्यालय पते और अलग-अलग सिम कार्ड का इस्तेमाल किया। यह भी संदेह है कि जिन युवतियों को दुल्हन बताकर दिखाया जाता था, वे भी गिरोह का हिस्सा थीं या उन्हें केवल अभिनय के लिए लाया जाता था। पुलिस मोबाइल नंबर, बैंक खातों, लेनदेन और वितरण किए गए प्रचार पर्चों के आधार पर गिरोह की लोकेशन और पहचान तलाश रही है।

कई राज्यों में फैलाया था जाल

गिरोह देशभर के बस स्टैंड, बाजारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्चे बांटकर दावा करता था कि सिर्फ थोड़ी-सी रजिस्ट्रेशन फीस में लड़की उपलब्ध करवा दी जाएगी। इन पर्चों में फोन नंबर दिए होते थे और युवक जब उनसे संपर्क करते, तो मीठी बातों और भरोसेमंद आवाज के साथ उन्हें भोपाल बुलाया जाता। जिस गांव में लड़की दिखाई जाती, वह भी पहले से तय होता था, ताकि हर चरण पर पीड़ित को विश्वास रहे कि रिश्ता सही दिशा में बढ़ रहा है।

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10 पीड़ितों ने दर्ज कराई FIR

अब तक झांसी, हमीरपुर, ललितपुर, राजस्थान और बुंदेलखंड के 10 युवक छोला मंदिर थाने में ठगी की शिकायत दर्ज करा चुके हैं। सभी का कहना है कि उनसे एडवांस लिया गया और कुछ दिन बाद पूरा संपर्क टूट गया। पुलिस को आशंका है कि यह संख्या और बढ़ सकती है, क्योंकि गिरोह ने कई महीनों में सैकड़ों पर्चे बांटे थे और कई युवकों को उसी तरीके से भरोसा दिलाया गया था। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है और जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।

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मध्यप्रदेश की मंदसौर पुलिस का काला कारनामा सामने आया है। यहां की पुलिस पर 12वीं क्लास के टॉपर छात्र को बस से उठाकर NDPS एक्ट के तहत अफीम तस्करी के केस में फंसाने का आरोप है। इंदौर हाईकोर्ट बेंच ने मंगलवार, 9 दिसंबर को सुनवाई की। इस दौरान मंदसौर एसपी विनोद कुमार मीणा कोर्ट में पेश हुए और स्वीकार किया कि युवक को पकड़ने वाली पुलिस टीम मल्हारगढ़ थाने की ही थी। उन्होंने कोर्ट को यह भी बताया कि मामले में निर्धारित जांच प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। इसके चलते पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।

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