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Raipur Women Protest
Raipur Women Protest: छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत संचालित बिहान योजना से जुड़ी महिलाओं का सब्र मंगलवार को सड़क पर आ गया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से राजधानी रायपुर पहुंची महिलाएं राजीव गांधी चौक पर धरने पर बैठ गईं। महिलाओं का साफ कहना है कि जब तक उनकी सात सूत्रीय मांगों पर संबंधित विभाग के मंत्री से सीधी बातचीत नहीं होती, तब तक वे धरना खत्म नहीं करेंगी।
धरने पर बैठी महिलाओं (Raipur Women Protest) ने बताया कि वे वर्षों से सरकार की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का काम कर रही हैं। स्व-सहायता समूहों का गठन, महिलाओं को रोजगार से जोड़ना और योजनाओं की निगरानी जैसे अहम कार्यों की जिम्मेदारी उन्हीं पर है, लेकिन इसके बदले उन्हें न तो नौकरी की सुरक्षा मिली है और न ही सम्मानजनक मानदेय।
1910 रुपये मानदेय में गुजारा नामुमकिन
प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं का कहना है कि वर्तमान में उन्हें मात्र 1910 रुपये मासिक मानदेय दिया जाता है, जो आज के समय में बेहद कम है। इतनी राशि में न परिवार चल पाता है और न ही काम से जुड़े खर्च पूरे हो पाते हैं। महिलाओं ने मांग की कि मानदेय को छत्तीसगढ़ शासन के न्यूनतम वेतन के अनुरूप बढ़ाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में इसी तरह काम करने वाली महिलाओं को 6000 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में उन्हें बेहद कम भुगतान किया जा रहा है।
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निजी मोबाइल और खर्चे पर सरकारी काम
बिहान से जुड़ी महिलाओं ने बताया कि उनसे लगातार ऑनलाइन रिपोर्टिंग और डेटा एंट्री का काम लिया जा रहा है, लेकिन इसके लिए न तो सरकारी मोबाइल दिया गया है और न ही इंटरनेट खर्च। महिलाएं अपने निजी मोबाइल और अपने पैसे से रिचार्ज कर सरकारी काम करने को मजबूर हैं। इसके साथ ही यात्रा, मीटिंग और प्रशिक्षण के लिए बुलाए जाने पर भी किसी तरह का भत्ता नहीं दिया जाता।
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नियमितिकरण और नियुक्ति पत्र की मांग
धरने पर बैठी महिलाओं ने आरोप लगाया कि कई अनुभवी कार्यकर्ताओं को बिना वजह काम से हटाया जा रहा है। साथ ही वर्षों की सेवा के बावजूद आज तक उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया। महिलाओं ने नियमितिकरण, समय पर मानदेय भुगतान और सीधे बैंक खाते में राशि ट्रांसफर की मांग दोहराई। उनका कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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