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रायपुर में बड़ा ITC फ्रॉड: DGGI की सख्त कार्रवाई 80 करोड़ की फर्जी GST इनवॉइस, कारोबारी गिरफ्तार

ITC Fraud Case: रायपुर में DGGI ने 80 करोड़ की फर्जी GST इनवॉइसिंग के मामले में कारोबारी संतोष वाधवानी को गिरफ्तार किया। आरोपी ने कागजी फर्म के जरिए अवैध ITC क्लेम कर सरकार को करीब 14 करोड़ का नुकसान पहुंचाया।

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Shantanu Singh
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ITC Fraud Case: छत्तीसगढ़ में GST चोरी के बड़े मामले का खुलासा हुआ है। DG GST Intelligence की रायपुर ज़ोनल यूनिट ने 80 करोड़ रुपए से अधिक की फर्जी इनवॉइसिंग के मामले में कारोबारी संतोष वाधवानी को गिरफ्तार किया है। इस घोटाले से सरकार को करीब 14 करोड़ रुपए के राजस्व नुकसान का अनुमान है।

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आरोपी गितफ़्तार 

DGGI अधिकारियों के अनुसार, संतोष वाधवानी को 29 जनवरी की रात करीब 9 बजे रायपुर से हिरासत में लिया गया। लंबी जांच और पुख्ता सबूत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। अधिकारी पिछले कई महीनों से इस नेटवर्क की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे।

फर्जी GST इनवॉइस

जांच में सामने आया कि आरोपी ने बिना किसी वास्तविक माल या सेवा की आपूर्ति किए फर्जी GST इनवॉइस जारी किए। इन इनवॉइस के आधार पर अवैध रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी ITC का दावा किया गया, जो GST कानून का सीधा उल्लंघन है।

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बेटे के नाम पर कंपनी 

DGGI ने बताया कि यह पूरा फर्जीवाड़ा आरोपी ने अपने बेटे के नाम पर पंजीकृत फर्म M/s Vijay Laxmi Trade Company के जरिए किया। जांच में पाया गया कि यह फर्म केवल कागजों पर मौजूद थी और इसका उपयोग फर्जी लेनदेन दिखाने के लिए किया जा रहा था।

करोड़ों के लेनदेन

अधिकारियों ने जब फर्म से जुड़े दस्तावेजों की जांच की, तो किसी भी प्रकार की वास्तविक व्यावसायिक गतिविधि के प्रमाण नहीं मिले। न तो माल की खरीद-बिक्री हुई और न ही सेवाओं की आपूर्ति, फिर भी करोड़ों के लेनदेन GST रिकॉर्ड में दर्शाए गए।

फर्जी ITC क्लेम 

यह मामला विशेष खुफिया जानकारी और एडवांस डेटा एनालिटिक्स के जरिए पकड़ा गया। अधिकारियों ने बैंक स्टेटमेंट, GST return, ई-वे बिल और अन्य वित्तीय दस्तावेजों का गहन विश्लेषण किया, जिससे फर्जी ITC क्लेम की पूरी श्रृंखला सामने आई।

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फर्जी इनवॉइसिंग नेटवर्क

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने सर्कुलर ट्रांजैक्शन का सहारा लिया। एक ही राशि को अलग-अलग खातों और फर्मों के जरिए घुमाया गया ताकि लेनदेन को वास्तविक दिखाया जा सके। इससे यह स्पष्ट हुआ कि यह एक संगठित फर्जी इनवॉइसिंग नेटवर्क था।

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CGST Act 2017

DGGI ने आरोपी के खिलाफ CGST Act 2017 की धारा 69 के तहत गिरफ्तारी की कार्रवाई की। यह अपराध धारा 132 के अंतर्गत दंडनीय है, जिसमें गंभीर मामलों में जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है।

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आरोपी जेल में बंद

गिरफ्तारी के बाद संतोष वाधवानी को रायपुर जिला अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजते हुए रायपुर सेंट्रल जेल भेजने के आदेश दिए। फिलहाल आरोपी जेल में बंद है।

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जांच अभी जारी है 

DGGI अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है। इस फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य फर्मों और व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जिन्होंने अवैध ITC का लाभ उठाया हो सकता है।

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GST चोरों को चेतावनी

DGGI रायपुर ज़ोनल यूनिट ने साफ कहा है कि GST चोरी और फर्जी बिलिंग के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। विभाग ने व्यापारियों से GST नियमों का सख्ती से पालन करने और पारदर्शी रिकॉर्ड रखने की अपील की है।

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