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ऐसे बनाता था भरोसा, फिर करता था ठगी
पुलिस के अनुसार आरोपी पहले ठेले वालों और छोटे व्यापारियों से दोस्ताना व्यवहार कर उनका भरोसा जीतता था। वह विभिन्न ऑनलाइन फाइनेंस, कैशबैक और इन्वेस्टमेंट ऐप्स की जानकारी जुटाकर पीड़ितों को शुरुआती तौर पर वास्तविक लाभ दिलवाता था, जैसे कैशबैक, प्रोमो कोड और रेफरल बोनस। इससे पीड़ितों को लगता था कि आरोपी भरोसेमंद है।
भरोसा बनने के बाद आरोपी पीड़ितों के आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य निजी दस्तावेज हासिल कर लेता था। लोन प्रक्रिया में मदद, प्रोसेसिंग फीस माफ कराने जैसे बहानों से वह पीड़ितों को आश्वस्त करता और किसी भी तरह का संदेह नहीं होने देता था।
प्री-अप्रूव्ड लोन लेकर रकम की हेराफेरी
इसके बाद आरोपी अलग-अलग फाइनेंस ऐप्स के जरिए पीड़ितों के नाम पर प्री-अप्रूव्ड लोन स्वीकृत कराता और लोन की राशि को अपने ऑनलाइन वॉलेट और अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर कर देता था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह एक दर्जन से अधिक फाइनेंस और इन्वेस्टमेंट एप्लिकेशनों का इस्तेमाल कर रहा था।
कोरोना काल के बाद आर्थिक संकट
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके पिता पहले इंश्योरेंस सेक्टर में कार्यरत थे, लेकिन कोरोना काल के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई। इसी वजह से उसने दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए फाइनेंस व निवेश से जुड़ी जानकारी हासिल की। उसका दावा है कि ठगी से जुटाई गई रकम से वह अपने गृह नगर में मोबाइल की दुकान खोलना चाहता था।
ट्रेन से फरार होने से पहले पुलिस ने दबोचा
मामले की गंभीरता को देखते हुए उमेश प्रसाद गुप्ता और तारकेश्वर पटेल ने स्वयं साक्ष्यों का परीक्षण किया और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षक मुकेश शर्मा के नेतृत्व में मौदहापारा पुलिस ने आरोपी को ट्रेन से फरार होने से ठीक पहले घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
बैंक कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री बरामद
दीपक मिश्रा के सुपरविजन में पुलिस ने आरोपी के पास से दर्जनभर बैंक कार्ड, क्रेडिट कार्ड, पासबुक, चेकबुक और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जांच में विभिन्न ऑनलाइन वॉलेट्स के जरिए ठगी की रकम को चैनलाइज किए जाने के सबूत भी मिले हैं।
फिलहाल आरोपी के बैंक खातों, वॉलेट्स और मोबाइल फोन की गहन जांच जारी है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी अन्य ठगी मामलों में भी संलिप्त हो सकता है। पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों, खासकर छोटे व्यापारियों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन लोन या फाइनेंस ऑफर में अपने दस्तावेज और मोबाइल फोन किसी अनजान व्यक्ति को सौंपने से पहले पूरी सतर्कता बरतें।
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