/bansal-news/media/media_files/2026/02/07/up-app-based-taxi-service-new-policy-panic-button-gps-safety-hindi-news-zxc-2026-02-07-21-57-21.jpg)
UP App Based Taxi Service: उत्तर प्रदेश में ओला, उबर जैसी ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं को लेकर सरकार पहली बार एक व्यापक नीति लागू करने की तैयारी में हैं। इस नीति के तहत यात्रियों की सुरक्षा, किराये की पारदर्शिता और ड्राइवरों को हितों को ध्यान में रखते हुए सख्त नियम तय किए जाएंगे। app based cab services UP
सुरक्षा व्यवस्था होगी अनिवार्य
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में संचालित ऐप बेस्ड कैब ड्राइवरों को राज्य सरकार के पास पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया है। साथ ही साथ ओला-उबर जैसी टैक्सियों में पैनिक बटन, GPS ट्रैकिंग और 24 घंटे कंट्रोल रूम से कनेक्ट सिस्टम अनिवार्य किया जाएगा। इससे कभी भी आपात स्थिति में यात्री सीधे कंट्रोल रूम और पुलिस तक सूचना पहुंचा सकेगा। जिन टैक्सियों में ये सुविधाएं नहीं होंगी, उन्हें संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही वाहन की फिटनेस, बीमा, ड्राइवरों की योग्यता और सेवा की शर्तों को भी तय किया जाएगा। UP taxi policy
महिला यात्रियों पर रहेगा खास फोकस
इस नीति में महिला यात्रियों की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई है। देर रात और सुनसान इलाकों में सफर करने वाली महिलाओं के लिए ये व्यवस्था जरूरी है। पैनिक बटन और लाइव ट्रैकिंग से महिला यात्रियों को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद सेवा मिल सकेगी।
ड्राइवरों के लिए तय होंगी सख्त शर्तें
ऐप आधारित कैब चलाने वाले सभी ड्राइवरों का पुलिस सत्यापन (Police Verification) अनिवार्य होगा। इसके साथ ही ड्राइवरों को समय-समय पर ट्रेनिंग भी दी जाएगी, जिससे वह यात्रियों के साथ बेहतर व्यवहार और सुरक्षित ड्राइविंग सुनिश्चित कर सकें। इससे ड्राइवरों की जवाबदेही भी तय होगी।
ये भी पढ़ें - Maruti Suzuki Victoris Discount: लॉन्च के बाद विक्टोरिस पर मिल रहा है बंपर डिस्काउंट, 50 हजार तक मिलेगा फायदा
पीक ऑवर में मनमाने किराये पर रोक
पीक ऑवर (Peak Hour) के दौरान कैब ड्राइवरों के मनमाने तरीके से किराया बढ़ाने पर रोक लगाई जा सकती है। इसके लिए न्यूनतम और अधिकतम किराया सीमा तय करने का प्रावधान रखा जाएगा, ताकि यात्रियों से अधिका वसूली न हो और पारदर्शिता बनी रहे।
ये भी पढ़ें - Ghooshkhor Pandit: फिल्म 'घूसखोर पंडत' पर लखनऊ पुलिस का बड़ा प्रहार, इंस्पेक्टर ने खुद दर्ज कराई FIR
शिकायत निवारण के लिए बनेगा ऑनलाइन सिस्टम
यात्रियों की शिकायतों के तुरंत समाधान के लिए ऑनलाइन शिकायत निवारण तंत्र (Online Grievance Redressal System) बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। इससे कैब सेवा से जुड़ी शिकायतों का समय पर निस्तारण हो पाएगा।
ये भी पढ़ें - महोबा झड़प मामला: नोटिस के बाद भी नहीं थमे चरखारी विधायक बृजभूषण के तेवर, पार्टी बदलने की चर्चाएं तेज
सभी ऐप आधारित परिवहन सेवाएं आएंगी दायरे में
यह नीति उन सभी कंपनियों पर लागू होगी जो ऐप के जरिए परिवहन सेवा देती हैं। अभी कुछ सेवाओं में ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन नीति लागू होने के बाद उन्हें भी इन नियमों का पालन करना होगा। फिलहाल नीति का मसौदा तैयार किया जा रहा है और कैब एग्रीगेटरों व अन्य हितधारकों से सलाह के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
ये भी पढ़ें - सीएम योगी पहुंचे पैतृक गांव: बच्चों पर उमड़ा बाल प्रेम - ‘हम भी तेरे दादा लगते हैं’, बुजुर्गों का भी जाना हालचाल
/bansal-news/media/agency_attachments/2025/12/01/2025-12-01t081847077z-new-bansal-logo-2025-12-01-13-48-47.png)
Follow Us