/bansal-news/media/media_files/2026/02/07/fasdsdsdsdsdsdsdsdsdsd-2026-02-07-18-45-13.jpg)
Bilaspur Airport New Rule: छत्तीसगढ़ के सेंट्रल एरिया की हवाई कनेक्टिविटी को बड़ी मजबूती मिली है। बिलासपुर स्थित बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट को नाइट लैंडिंग की आधिकारिक अनुमति मिल गई है। DGCA ने एयरपोर्ट को 3C-IFR लाइसेंस जारी किया है, जिससे अब यहां रात के समय और खराब मौसम में भी विमानों का संचालन किया जा सकेगा।
DGCA द्वारा जारी इस लाइसेंस पर निदेशक चंद्रमणि पांडेय के हस्ताक्षर हैं। जिसके साथ बिलासपुर एयरपोर्ट को 3C-VFR कैटेगोरी से बढ़ाकर 3C-IFR कैटेगोरी में शामिल कर लिया गया है। अब तक यहां केवल दिन के समय विजुअल फ्लाइट रूल्स के तहत उड़ानों की अनुमति थी।
बदलेगा फ्लाइट का शेड्यूल
अधिकारियों के अनुसार, इस मंजूरी का असर आगामी समर फ्लाइट शेड्यूल में साफ दिखाई देगा। पहली बार बिलासपुर से शाम और रात के समय उड़ानों के विकल्प यात्रियों को मिल सकेंगे। नाइट लैंडिंग सिस्टम के पूरी तरह चालू होने की संभावना फरवरी के अंत तक जताई जा रही है।
DGCA टीम करेगी निरीक्षण
एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया कि नाइट लैंडिंग से संबंधित सभी आवश्यक तकनीकी उपकरणों की स्थापना पूरी कर ली गई है। DGCA की तकनीकी टीम 20 फरवरी तक बिलासपुर पहुंचकर अंतिम निरीक्षण करेगी। इसके बाद रात में उड़ानों का औपचारिक संचालन शुरू हो जाएगा।
खराब मौसम में भी उड़ानें
IFR क्षमता मिलने के बाद अब कम विजिबलिटी, कोहरा और बारिश जैसी परिस्थितियों में भी विमान सुरक्षित रूप से लैंडिंग कर सकेंगे। इससे उड़ानों के रद्द होने या डायवर्ट होने की समस्या में कमी आएगी और ऑपरेशनल विश्वसनीयता बढ़ेगी।
नई एयरलाइंस की संभावना
फिलहाल, बिलासपुर से नियमित उड़ानों का संचालन केवल एलायंस एयर द्वारा किया जा रहा है। हालांकि इंडिगो सहित कई निजी एयरलाइंस ने यहां सर्वे और फीज़िबिलिटी स्टडी की है।
अधिकारियों का कहना है की हैदराबाद, कोलकाता और इंदौर जैसे शहरों के लिए नए रूट्स पर विचार किया जा रहा है। स्पाइसजेट प्रयागराज और वाराणसी के लिए उड़ानों की संभावना देख रही है, जबकि अकासा एयर भी बिलासपुर को अपने नेटवर्क में शामिल करने पर मंथन कर रही है।
यात्रियों के बढ़ने की उम्मीद
मार्च 2021 में वाणिज्यिक परिचालन शुरू होने के बाद से अब तक बिलासपुर एयरपोर्ट से ढाई लाख से अधिक यात्रियों ने यात्रा की है। नाइट ऑपरेशन और नए रूट्स शुरू होने के बाद यात्री संख्या में तेज़ वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।
क्या होगी आगे की योजना
DGCA ने लाइसेंस के साथ मानक संचालन प्रक्रिया के कड़ाई से पालन, निर्बाध बिजली आपूर्ति, पर्याप्त विजिबिलिटी सिस्टम, प्रशिक्षित स्टाफ और e-AIP इंडिया प्लेटफॉर्म पर नियमित डेटा अपडेट जैसी शर्तें भी लगाई हैं।
इसके साथ ही एयरपोर्ट प्रशासन नाइट पार्किंग सुविधा विकसित करने की योजना पर भी काम कर रहा है। दीर्घकालिक लक्ष्य एयरपोर्ट को 4C श्रेणी में अपग्रेड करना है, जिससे क्षमता, रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ सकेंगे।
/bansal-news/media/agency_attachments/2025/12/01/2025-12-01t081847077z-new-bansal-logo-2025-12-01-13-48-47.png)
Follow Us