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उज्जैन में विक्रमोत्सव 2026: महाशिवरात्रि पर महादेव की आराधना से आगाज, 1 करोड़ 1 लाख का सम्राट विक्रमादित्य अंतरराष्ट्रीय अवार्ड

उज्जैन में महाशिवरात्रि से विक्रमोत्सव 2026 का आगाज होगा। 139 दिन के इस महोत्सव में 1 करोड़ 1 लाख का सम्राट विक्रमादित्य अंतरराष्ट्रीय अवार्ड दिया जाएगा। महोत्सव में 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

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BP Shrivastava
Ujjain Vikramotsav 2026

Ujjain Vikramotsav 2026: उज्जैन में महाशिवरात्रि से विक्रमोत्सव 2026 का आरंभ कर सृष्टि निर्माण दिवस वर्ष प्रतिपदा से होते हुए पंच महाभूतों में अतिविशिष्ट जल तत्व के संरक्षण, संवर्धन के लिए विशिष्ट रूप से नियोजित जल गंगा संवर्धन अभियान का आयोजन होगा। 

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139 दिन चलेगा विक्रमोत्सव

12 फरवरी से 30 जून तक चलने वाला यह 139 दिवसीय आयोजन भारत और देश तथा दुनिया में आयोजित होने वाला सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों का एक अनूठा उत्सव होगा। जिसका प्रथम चरण महाशिवरात्रि के अवसर पर सुप्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम द्वारा शिवोऽहम महादेव की आराधना से प्रारंभ होगा।

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द्वितीय चरण 19 मार्च से 

 द्वितीय चरण 19 मार्च से 30 जून 2026 तक जलगंगा संवर्धन अभियान के तहत सम्पन्न होगा। जिसमें 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियों में 4 हजार से अधिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी। 

महोत्सव में 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियां

संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने शनिवार, 7 फरवरी को मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि 139 दिवसीय इस महोत्सव में 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियां शिवरात्रि मेलों का शुभारंभ, महाकाल वन मेला, कृषि मेला, कलश यात्रा, विक्रम व्यापार मेला, संगीत, नृत्य, वादन, शिवोद्य, शिवपुराण, अनादि पर्व, विक्रम नाट्य समोराह, पुतुल समारोह, संगीत का उद्भव और विकास पर केंद्रित अनहद वैचारिक समागम, चित्र प्रदर्शनियां, संगोष्ठी, विक्रमादित्य का न्याय समागम, भारतीय इतिहास समागम, राष्ट्रीय विज्ञान समागम, वेद अंताक्षरी, कोटि सूर्योपासना, शिल्प कला कार्यशाला, प्रकाशन लोकार्पण, पौराणिक फिल्मों का अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव, बोलियों एवं हिन्दी रचनाओं का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। 

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Ujjain Vikramotsav 2026
संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने विक्रमोत्सव 2026 के आयोजन की मीडिया को जानकारी दी।

सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण विशेष आकर्षण

इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर मातृशक्ति कवयित्री सम्मेलन, ड्रोन शो व ख्यात कलाकारों प्रीतम तथा विशाल मिश्रा की प्रस्तुतियां शामिल हैं। इसके साथ ही भारतीय कालगणना पर केन्द्रित विक्रम पंचांग सहित विविध पुस्तकों का लोकार्पण एवं सबसे महत्वपूर्ण देश का सबसे बड़ा सम्मान सम्राट विक्रमादित्य अंतर्राष्ट्रीय अलंकरण विशेष आकर्षण का केंद्र होगा।

दशहरा मैदान में लगेगा महाकाल वनमेला

विक्रमोत्सव अंतर्गत 12 से 16 फरवरी तक उज्जैन के दशहरा मैदान में महाकाल वन मेला आयोजित किया जा रहा है। जिसमें हर्बल उत्पादों एवं पारंपरिक हर्बल ज्ञान के विषय में प्रदर्शनी, उत्पादकों का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही इसमें आयुर्वेदिक डॉक्टरों द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की जाएगी। तथा इस मौके पर सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित होंगी।

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देव महादेव पर्वः 60 से अधिक शिव मंदिरों में लगेंगे मेले

महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव की कलापरक और सांस्कृतिक आराधना के अंतर्गत प्रदेश के 60 से अधिक प्रमुख शिव मंदिरों में मेलों का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें मंदिरों की साज-सज्जा, साफ-सफाई एवं सांस्कृतिक गतिविधियां प्रमुख हैं।

Ujjain Vikramotsav 2026
विक्रमोत्सव 2026 की जानकारी देते संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला एवं साथ में आयोजन से जुड़ी हस्तियां।

इन विषयों पर केंद्रित प्रदर्शनियां लगेंगी

विक्रमोत्सव अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ परिसर एवं कालिदास संस्कृत अकादमी परिसर में पौराणिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक, जनजातीय विषयों पर 7 विभिन्न प्रदर्शनियों का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें सम्राट विक्रमादित्य और अयोध्या, आर्ष भारत, महाभारतकालीन अस्त्र-शस्त्र, चक्रव्यूह, पताकाएं, शंख, 84 महादेव, जनजातीय देवलोक, श्रीकृष्ण प्रभात एवं रागमाला प्रमुख हैं। इन प्रदर्शनियों को महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी द्वारा तैयार किया गया है।

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विक्रम नाट्य समारोह में होंगी श्रेष्ठ प्रस्तुतियां

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन कर चुकी नाट्य प्रस्तुतियों पर केन्द्रित दस दिवसीय इस विक्रम नाट्य समारोह में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय द्वारा तैयार की गया प्रस्तुतियों जटायुवधम्, चारूदत्तम, भरतवाक्य, जाति जीवनम्, अभिज्ञान शाकुन्तलम् और चतुर्भाणी शामिल हैं। इसके साथ ही अंधायुग, भूमि सूर्य वीरगाथा, आदि-अनंत, अभंग नाद, सौगंधिकाहरणं का भी मंचन होगा।

25 फरवरी से कठपुतली समारोह

भारत की विभिन्न पुतुल (कठपुतली) शैलियों पर आधारित पुतुल समारोह में 6 विभिन्न शैलियों में कठपुतलियों के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य, भीम और बकासुर, आठवां, द आर्चर स्टूड अलोन, दुर्योधन वधम् व पद्मगाथा की प्रस्तुतियां होंगी।

भारतीय कवि सम्मेलनों का आयोजन

1 मार्च को लोकरंजन के अंतर्गत जनजातीय भाषा एवं बोलियों का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। जिसमें देश भर के विभिन्न बोलियों एवं भाषाओं के लगभग 9 कवि अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे। 

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अभा कवयित्री सम्मेलन 7 मार्च को

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या (7 मार्च) पर नारी शक्ति अखिल भारतीय कवयित्री सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। जिसमें देश-प्रदेश की 9 महिला कवयित्रियों का कविता पाठ होगा। इसके साथ ही 14 मार्च को देशभर के 10 सुप्रसिद्ध एवं जाने-माने कवियों का कविता पाठ होगा। जिसका संचालन अंतरराष्ट्रीय कवि दिनेश दिग्गज करेंगे।

शिव पुराण आख्यान पर चित्र प्रदर्शनी

13 से 17 मार्च तक शिवपुराण के अंतर्गत भारतीय ज्ञान परंपरा के अठारह पुराणों में से एक शिव पुराण आख्यान पर आधरित चित्र प्रदर्शनी, लोक नृत्य तथा नृत्य नाटिकाओं का आयोजन होगा।

 पौराणिक फिल्म महोत्सव में 25 से ज्यादा देश होंगे शामिल

पौराणिक फिल्मों का अंतरराष्ट्रीय महोत्सव 13 से 17 मार्च 2026 तक उज्जैन में आयोजित किया जा रहा है। जिसमें 25 से देश शामिल हो रहे हैं। इसके साथ ही समारोह में अंग्रेजी, फ्रेंच, हिबरू, रसियन, स्पेनिश, अइसलेन्दीक, इटेलियन, डच, मंगोलियन, फिजियन, इन्डोनेशियन, अफ्रीकन, नाइजिरियन, सिंहली, ग्रीक,, भाषाओं की 25 से अधिक फिल्मों का प्रदर्शन होगा। इस फिल्म समारोह में महाभारत पर केन्द्रित फिल्मों का भी प्रदर्शन किया जाएगा।

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देश का सबसे बड़ा सम्मान- सम्राट विक्रमादित्य अवार्ड

मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग के महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ ने ऐसे युग निर्माता गणनायक की स्मृति को सुरक्षित रखने तथा उनके शौर्य, औदार्य, न्यायप्रियता तथा धर्म एवं प्रजावत्सल गुणों को समाज में पुनःस्थापित करने की दृष्टि से राशि रुपए 1 करोड़ 1 लाख का अंतरराष्ट्रीय सम्मान स्थापित किया गया है। यह देश का सबसे बड़ा सम्मान होने जा रहा है। इसके अलावा सम्राट विक्रमादित्य के नाम से 21 लाख रुपए का एक राष्ट्रीय सम्मान और 5-5 लाख रुपए राशि के तीन राज्य स्तरीय सम्मान स्थापित किए हैं।

ये भी रहे मौजूद

इस अवसर पर संस्कृति संचालनालय के संचालक एनपी नामदेव, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार एवं महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी एवं दत्तोपंत ठेंगडी शोध संस्थान के निदेशक डॉ. मुकेश मिश्रा उपस्थित थे।

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Samrat Vikramaditya International Award Ujjain Vikramotsav 2026
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