NPS New Rules 2025: एनपीएस में बड़ा बदलाव, अब अकाउंट खोलते ही निकाल सकते हैं रुपए, 85 साल तक निवेश की छूट

NPS New Rules 2025: नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करने वालों के लिए जरूरी खबर सामने आई है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने एनपीएस से जुड़े कई अहम नियमों में बदलाव कर दिया है।

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NPS New Rules 2025: नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करने वालों के लिए जरूरी खबर सामने आई है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने एनपीएस से जुड़े कई अहम नियमों में बदलाव कर दिया है। इन बदलावों के बाद एनपीएस पहले से ज्यादा आसान और जरूरत के अनुसार इस्तेमाल करने के योग्य बन गया है। आइए जानते हैं डिटेल में।।

इसमें सबसे बड़ा बदलाव है कि अब 5 साल का लॉक-इन पीरियड पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। यानी एनपीएस अकाउंट खोलने के तुरंत बाद भी आंशिक निकासी या पूरा एग्जिट संभव होगा। ये नए नियम सरकारी, गैर-सरकारी और एनपीएस-लाइट (स्वावलंबन) सभी सब्सक्राइबर्स पर लागू होंगे।

अब अकाउंट खोलते ही पैसे निकाल सकेंगे

अब अकाउंट खोलते ही पैसे निकाल सकेंगे
अब अकाउंट खोलते ही पैसे निकाल सकेंगे

पहले एनपीएस से आंशिक निकासी के लिए कम से कम 5 साल का इंतजार जरूरी था, लेकिन अब यह शर्त हटा दी गई है। अब सब्सक्राइबर्स बच्चों की शिक्षा, शादी, घर खरीदने या फिर अन्य जरूरी जरूरतों के लिए तुरंत निकासी कर सकते हैं। इसकी निकासी की सीमा कुल फंड का अधिकतम 25% रहेगा। इसके साथ ही इसे साल में अधिकतम 3 बार ही निकालने की अनुमति है। 60 साल से पहले एग्जिट में ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी रहेगी। 

रिटायरमेंट (60 साल) से पहले पूरा एग्जिट लेने वालों को अब पहले के मुकाबले ज्यादा आजादी मिलेगी। निकालने की  प्रक्रिया को भी आसान बनाया गया है। 

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड

प्रोसेस पहले से ज्यादा तेज हो गई है। निवेश की उम्र सीमा बढ़ कर अब 85 साल तक निवेश की हो गई है। 

एनपीएस से जुड़ा एक और बड़ा बदलाव यह है कि अब निवेश की अधिकतम उम्र 75 साल से बढ़ाकर 85 साल कर दी गई है। इससे सरकारी और गैर-सरकारी दोनों कर्मचारी अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग को ज्यादा समय तक बढ़ा सकते हैं और बड़ा कॉर्पस बना सकते हैं।

एन्युटी खरीदने का नियम हुआ आसान

पहले रिटायरमेंट के समय कुल जमा राशि का 40% एन्युटी में लगाना अनिवार्य था, खासकर जब कॉर्पस 5 लाख रुपये से ज्यादा होता था। अब गैर-सरकारी सब्सक्राइबर्स के लिए यह शर्त आसान कर दी गई है। अब सिर्फ 20% राशि एन्युटी में लगानी होगी। इसके साथ ही 8 लाख रुपये तक के कॉर्पस पर 100% निकासी की गई है। 

नए नियमों के अनुसार अगर एनपीएस कॉर्पस 8 लाख रुपये या उससे कम है तो 60 साल की उम्र में पूरी 100% राशि एक साथ निकाली जा सकती है। यह सुविधा सरकारी और गैर-सरकारी दोनों सब्सक्राइबर्स के लिए लागू होगी।

सिस्टमैटिक यूनिट रिडेम्पशन की शुरुआत

अब एनपीएस से पैसा निकालने का एक नया तरीका भी शुरू किया गया है।  Systematic Unit Redemption इसमें पूरा पैसा एक साथ निकालने के बजाय आप किस्तों में धीरे-धीरे पैसे निकाल सकते हैं। कम से कम 6 साल की अवधि में यूनिट्स निकालनी होंगी। यह उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो रिटायरमेंट के बाद नियमित आय चाहते हैं।

नए कॉर्पस स्लैब लागू

अब एनपीएस में दो नए कॉर्पस स्लैब तय किए गए हैं। एक 8 लाख से ज्यादा और दूसरा 12 लाख रुपए तक। 8 लाख रुपये तक के कॉर्पस पर 100% निकासी संभव होगी, जबकि ज्यादा राशि पर अलग नियम लागू होंगे।

60 साल से पहले ज्यादा बार निकासी की अनुमति

पहले 60 साल से पहले अधिकतम 3 बार निकासी की अनुमति थी, जिसे अब बढ़ाकर 4 बार कर दिया गया है। हर निकासी के बीच कम से कम 4 साल का अंतर जरूरी होगा

60 साल के बाद आंशिक निकासी का नियम

अगर कोई सब्सक्राइबर 60 साल के बाद भी एनपीएस में निवेश जारी रखता है तो वह आंशिक निकासी कर सकता है। हर निकासी के बीच 3 साल का अंतर जरूरी है। निकासी की सीमा खुद के योगदान का 25% तक रहेगी। 

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भारत की नागरिकता छोड़ने पर पूरा एग्जिट

अगर कोई एनपीएस सब्सक्राइबर भारत का नागरिक नहीं रहता तो वह अपना एनपीएस अकाउंट बंद कर सकता है। और पूरी जमा राशि एक साथ निकाल सकता है। वहीं लापता या मृत माने गए सब्सक्राइबर के लिए नियम की बात करे। तक अगर कोई एनपीएस सब्सक्राइबर लापता हो जाता है तो नॉमिनी को 20% राशि तुरंत अंतरिम राहत के तौर पर मिलेगी। बाकी 80% राशि तब दी जाएगी जब उसे कानून के तहत मृत घोषित किया जाएगा। 

अकाउंट-सेंट्रिक अप्रोच लागू

नए नियमों में अब हर व्यक्तिगत पेंशन खाते को अलग पहचान दी गई है। इससे एक से ज्यादा एनपीएस अकाउंट रखने वाले सब्सक्राइबर्स के लिए प्रबंधन ज्यादा स्पष्ट और आसान हो जाएगा।

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