UP SIR: यूपी में मतदाता सूची से तीन करोड़ नाम हटने की आशंका, चुनाव आयोग ने दिए दोबारा जांच के निर्देश

 उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से करीब तीन करोड़ नाम हटाए जाने की आशंका पर चुनाव आयोग ने सभी जिलों को पुनः सत्यापन का आदेश दिया है। 18.48% मतदाता मृतक, स्थानांतरित या अनुपस्थित श्रेणी में पाए गए हैं। Form-6 पंजीकरण पर भी जोर दिया गया है।

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UP SIR: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची सुधार (UP Voter List Revision 2025) को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने उन सभी मतदाताओं के नामों की पुनः जांच (Voter Reverification) के आदेश दिए हैं, जिन्हें वर्तमान सूची में “असंग्रहीत” यानी मृतक, स्थायी रूप से स्थानांतरित, अनुपस्थित या दोहरी प्रविष्टि (Duplicate Entry) के रूप में चिह्नित किया गया है। अभी तक की समीक्षा में पाया गया है कि 18.48% मतदाताओं को हटाने योग्य श्रेणी में रखा गया है, जो संख्या में करीब तीन करोड़ मतदाताओं के बराबर है। यह संख्या केरल के कुल मतदाताओं से भी ज्यादा है, जिससे यह मामला बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। Uttar Pradesh Election Commission 

यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित ऑनलाइन समीक्षा बैठक में प्रदेश के सभी मंडलायुक्त, जिला निर्वाचन अधिकारी, रोल प्रेक्षक और विशेष रोल प्रेक्षकों ने भाग लिया। बैठक में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR – Special Intensive Revision) से जुड़ी प्रगति का आकलन किया गया और मतदाता सूची को सटीक बनाने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश तय किए गए। up election news 

डिजिटाइजेशन और डेटा विश्लेषण

प्रदेश के 15.44 करोड़ मतदाताओं के गणना प्रपत्रों में से 98.14% का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है। इनमें से 79.95% प्रपत्र मतदाता या परिवार के हस्ताक्षर सहित प्राप्त हुए हैं, जबकि 18.48% प्रपत्रों को असंग्रहीत श्रेणी में रखा गया है। इस श्रेणी में शामिल मतदाताओं की संख्या ही तीन करोड़ तक पहुंच रही है।

जिला अधिकारियों को मिले अहम निर्देश (SEO Focus)

Dead/Shifted Voters Reverification—सभी जिलों को मृतक, स्थायी रूप से स्थानांतरित, अनुपस्थित और दोहरी प्रविष्टियों का पुनः सत्यापन करने का आदेश।

जिन बूथों पर कार्य पूरा हो चुका है, वहां बीएलओ अपनी सूची बीएलए (Booth Level Agents) को प्रदान करेंगे।

12 दिसंबर तक बीएलओ और बीएलए की संयुक्त बैठक आयोजित करना अनिवार्य। 

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मतदाताओं की मैपिंग में तेज़ी

वर्ष 2003 की मतदाता सूची से अब तक 72.90% मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है।

27.10% मतदाताओं की मैपिंग अभी शेष है, जिसे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कम नोटिस जारी करने पड़ें।

नए मतदाता पंजीकरण के निर्देश (Form-6 Registration SEO Keyword)

बैठक में बताया गया कि Form-6 कम संख्या में प्राप्त हो रहे हैं।
इस पर आयोग ने निर्देश जारी किए:

जिन मतदाताओं के नाम 2025 की सूची में नहीं हैं, उनसे Form-6 भरवाया जाए।

1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष के होने वाले युवा को भी मतदाता सूची में शामिल करने के लिए Form-6 अनिवार्य रूप से भरवाया जाए।

अब तक 9 जिलों, 88 विधानसभा क्षेत्रों और 1,31,308 बूथों पर डिजिटाइजेशन पूरी तरह संपन्न हो चुका है। 

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