उन्नाव में इंसानियत शर्मसार: किराया न दे पाने पर मकान मालिक ने पति के शव समेत महिला को घर से निकाला

उत्तर प्रदेश के उन्नाव से मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। किराया न चुका पाने पर एक निर्दयी मकान मालिक ने महिला को उसके पति के शव और सामान के साथ सड़क पर बैठा दिया। 

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ये घटना के बाद पीड़ित महिला की बाइट है।

Unnao me Mahila Ko Ghar Se Bahar Kiya: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां किराया न चुका पाने के कारण एक मकान मालिक ने महिला को उसके पति के शव और घरेलू सामान के साथ घर से बाहर निकाल दिया। सड़क पर बैठी बेबस महिला का दृश्य देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। पीड़िता अनीता अपने पति विनोद के साथ किराए के मकान में रहती थीं। लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहे इस परिवार के लिए हालात उस वक्त और मुश्किल हो गए, जब विनोद की तबीयत अचानक बिगड़ गई।

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महिला के पति का शव

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बीमारी, मौत और बेबसी की कहानी

आर्थिक परेशानियों के बावजूद अनीता ने हार नहीं मानी और किसी तरह अपने पति को अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान बुधवार को विनोद की मौत हो गई। पति की मौत से टूट चुकी अनीता जब शव लेकर घर लौटी, तो उसे उम्मीद थी कि मकान मालिक थोड़ी संवेदना दिखाएगा। लेकिन यहां इंसानियत पूरी तरह हार गई। मकान मालिक ने बकाया किराए का हवाला देते हुए अनीता को पति के शव और घर के सामान के साथ सड़क पर निकाल दिया। बेसहारा महिला सड़क पर बैठकर रोती रही, लेकिन मकान मालिक का दिल नहीं पसीजा। Husband Dead Body on Road

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घटना के बाद उक्त सूचना पर पहुंची पुलिस ने पूछताछ की है। Photograph: (सोर्स- रिपोर्टर- अनुराज भारती- उन्नाव)

सड़क पर बैठी महिला, देखता रहा सिस्टम

पति का शव पास में रखे सड़क पर बैठी महिला की तस्वीरें और वीडियो इलाके में तेजी से फैल गए। स्थानीय लोगों ने इस घटना को बेहद अमानवीय बताया। कई लोग यह सोचकर सन्न रह गए कि एक इंसान इतना निर्दयी कैसे हो सकता है। हालांकि इस दौरान प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठे, क्योंकि शुरुआती घंटों में किसी तरह की सरकारी मदद मौके पर नहीं पहुंची। unnao news

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पड़ोसी बना फरिश्ता, निभाई इंसानियत

इस अंधेरे वक्त में इंसानियत की एक रोशनी भी दिखाई दी। विनोद और अनीता की कोई संतान नहीं थी। ऐसे में मोहल्ले के ही निवासी संजय सिंह ने आगे बढ़कर मानवता की मिसाल पेश की। संजय सिंह ने न सिर्फ अनीता को ढांढस बंधाया, बल्कि पति विनोद के अंतिम संस्कार की पूरी जिम्मेदारी भी उठाई। उन्होंने पूरे विधि-विधान से कर्मकांड कराया और मुखाग्नि भी दी। मोहल्ले के लोग संजय सिंह के इस निस्वार्थ काम की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

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