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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का अनशन जारी: अन्न-जल त्यागकर 24 घंटे से बैठे स्वामी, कहा-हमारी हत्या की साजिश रची गई, प्रशासन की माफी का इंतजार

( रिपोर्ट - धीरज बाबा ) प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पालकी रोके जाने से नाराज होकर अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने अधिकारियों को पर आरोप लगाए।

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Rahul Garhwal
Shankaracharya Avimukteshwarananda Mauni Amavasya shobha yatra hindi news

Shankaracharya Avimukteshwarananda: प्रयागराज के माघ मेले में मौनी अमावस्या स्नान पर शोभायात्रा के साथ त्रिवेणी संगम में स्नान करने जा रहे ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को रोके जाने का मामला लगातार सुर्खियों में है। खुद के अपमान और अपने शिष्यों के साथ पुलिस की अभद्रता से आहत होकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मेला प्रशासन के खिलाफ पिछले 24 घंटे से अन्न-जल त्याग अपने शिविर के बाहर अनशन पर बैठे हैं।

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ससम्मान स्नान कराए प्रशासन

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अब इस बात पर अड़े हैं कि प्रशासन उनसे इस कृत्य के लिए माफी मांगे और उन्हें ससम्मान संगम में स्नान कराए। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मीडिया से बातचीत करते हुए योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाया उन्होंने कहा कि सरकार मौनी अमावस्या पर मेरी हत्या कराना चाहती थी। योगी चापलूस संतों को पसंद कर रहे हैं। पालकी से उतरने का दबाव इसलिए ही बनाया जा रहा था।

शंकराचार्य स्वामी बोले-हमारी हत्या की साजिश रची गई

शंकराचार्य स्वामी ने कहा है कि मौनी अमावस्या पर हमारी हत्या की साजिश रची गई थी। अधिकारियों ने काम तमाम करने की पूरी तैयारी कर ली थी। उनके सेवकों को पुलिस घसीटकर ले कर चली गई। इसके बाद उनको भी पालकी से उतरने के लिए कहा जा रहा था। कहा कि इतिहास गवाह है जब जब राजा रथ से उतरा है तब तब दुश्मन अपने मंसूबों में सफल हुए हैं। इसलिए अपने सेवकों और संत समाज की संतुष्टि के लिए वह पालकी से नीचे नहीं उतरे।

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मौनी अमावस्या स्नान पर शोभायात्रा के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ऐसी स्थिति बनी थी
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'न अनशन, न धरना, हमारा आसन ही पालकी'

शंकराचार्य स्वामी ने कहा कि न तो वह अनशन पर बैठे हैं न ही धरने पर बैठे हैं। हम शंकराचार्य हैं। हमारा आसन ही पालकी है। मेला प्रशासन ने उनको पालकी समेत जहां पर छोड़ा है हम उसी स्थिति में बैठे हैं। यहां सड़क के फुटपाथ पर तब तक बैठे रहेंगे जब तक कि अधिकारी सम्मान पूर्वक उनको संगम में स्नान नहीं कराएंगे और अपनी गलती के लिए सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना नहीं करेंगे। वहीं शंकराचार्य के आरोपों के बाद मेला प्रशासन ने भी सफाई दी है।

पुलिस कमिश्नर बोले-किसी साधु संत के साथ मारपीट नहीं की

मेला कार्यालय में बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने कहा कि किसी को भी संगम स्नान से नहीं रोका गया है। भीड़ के मद्देनजर अविमुक्तेश्वरानंद से कुछ देर रुकने के लिए कहा गया था। पुलिस ने किसी के साथ अभद्रता नहीं की। उनके आरोप निराधार हैं।

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'अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य नहीं'

डीएम मनीष कुमार वर्मा और मेलाधिकारी ऋषिराज ने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि उनको पीठाधीश्वर नहीं माना गया है। उनका जो शिविर है वह बद्रिकाश्रम के नाम पर आवंटित है। पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने कहा कि पुलिसकर्मियों ने किसी साधु-संत के साथ मारपीट नहीं की है। जांच में बात सामने आई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

shobha yatra mauni amavasya Magh mela Shankaracharya Avimukteshwarananda
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