Advertisment

Kanpur Lamborghini Case Update: कथित ड्राइवर मोहन का कोर्ट में सरेंडर, पुलिस ने कहा हमारे पास पुख्ता दावा - शिवम मिश्रा ही असली ड्राइवर

(रिपोर्ट - अनुराग श्रीवास्तव) कानपुर लेम्बोर्गिनी हादसे में नया मोड़ आया है। कथित ड्राइवर मोहन ने कोर्ट में सरेंडर कर खुद को चालक बताया, जबकि पुलिस CCTV, गवाहों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर शिवम मिश्रा को ही असली ड्राइवर बता रही है।

author-image
Shaurya Verma
_Kanpur Lamborghini Case Update driver surrender court police said real driver shivam mishra hindi news zxc

Kanpur Lamborghini Case Update:   VIP रोड पर हुए उस भीषण हादसे में, जिसमें एक लग्जरी लेम्बोर्गिनी कार ने कई लोगों को कुचल दिया था, अब नया ट्विस्ट आ गया है। बुधवार को कथित ड्राइवर मोहन ने ACJM-7 कोर्ट में सरेंडर कर दिया। वकील के साथ कोर्ट पहुंचे मोहन ने मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि हादसे के समय लेम्बोर्गिनी कार वह खुद चला रहा था। उसने दावा किया कि कार मालिक शिवम मिश्रा को दौरा पड़ गया था, जिससे वह घबरा गया और हादसा हो गया। मोहन ने आगे बताया कि हादसे के बाद वह घबरा कर कार से निकल गया था, जबकि बाउंसर ने शिवम को बाहर निकाला और दूसरी गाड़ी से अस्पताल ले गए।

Advertisment

Kanpur Lamborghini Case Update
कथित ड्राइवर ने कोर्ट में सरेंडर किया

यह हादसा रविवार को हुआ था, जब लेम्बोर्गिनी ने फुटपाथ पर खड़े और गुजर रहे लोगों को टक्कर मार दी। हादसे में कुल 6 लोग घायल हुए थे, जिसमें एक बुलेट सवार भी शामिल था। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और जांच शुरू की। पुलिस कमिश्नर ने जांच के आधार पर दावा किया था कि कार तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा ही चला रहे थे। इसी आधार पर शिवम का नाम FIR में जोड़ा गया।

मंगलवार को मामले में पहला बड़ा ट्विस्ट आया, जब कारोबारी केके मिश्रा खुद ग्वालटोली थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस के दावे को खारिज करते हुए कहा कि हादसे के समय उनका बेटा शिवम कार नहीं चला रहा था, बल्कि ड्राइवर मोहन ही ड्राइविंग कर रहा था। पिता का दावा था कि शिवम उस वक्त सो रहा था या उसकी तबीयत खराब हो गई थी। उन्होंने पुलिस कमिश्नर पर झूठ बोलने का आरोप लगाया और कहा कि शिवम बेहोश होकर दिल्ली में भर्ती है। कारोबारी के वकील ने भी यही बात दोहराई।

लेकिन पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। जांच रिपोर्ट में पुलिस ने 5 बड़े सबूत पेश किए हैं, जो साफ बताते हैं कि कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था और गाड़ी में कोई दूसरा ड्राइवर मौजूद नहीं था। shivam mishra real accused

Advertisment

पहला सबूत: हादसे के बाद का वीडियो, जिसमें दिखता है कि बाउंसर ने लेम्बोर्गिनी का शीशा ईंट से तोड़कर ड्राइविंग सीट से शिवम को बाहर निकाला। इससे साफ है कि कार में सिर्फ एक ही व्यक्ति था और दरवाजा लॉक होने की वजह से बाहर निकालना पड़ा।

दूसरा: 10 से ज्यादा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए गए हैं। सभी ने एकमत होकर कहा कि कार शिवम ही चला रहा था, गाड़ी में कोई दूसरा व्यक्ति नहीं था। हादसे के बाद बाउंसर ने शिवम को कार से निकालकर ले गए।  driver surrender court

तीसरा: शिवम की मोबाइल लोकेशन हादसे वाली जगह पर ही मिली, जो इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के तौर पर मजबूत है। 

Advertisment

ये भी पढ़ें - UP Budget 2026: MSME के लिए 3,822 करोड़ रुपये का बजट, हर साल खुलेंगे 1 लाख सूक्ष्म उद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग में 16 हजार युवाओं को रोजगार का मौका

चौथा: स्मार्ट सिटी के CCTV फुटेज में पूरी घटना कैद हुई है। फुटेज से साफ दिखता है कि कार में सिर्फ एक व्यक्ति था, कोई अलग ड्राइवर नहीं। 

ये भी पढ़ें -  UP Budget 2026 For Women: महिलाओं के लिए बजट में बड़ा ऐलान, शादी के लिए सहायता राशि 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख की, बनेंगे जॉब प्लेसमेंट सेंटर-वर्किंग वूमेन हॉस्टल

Advertisment

पांचवां: FIR दर्ज कराने वाले घायल वादी मो. तौफीक ने बयान में शिवम को ही ड्राइवर बताया और वीडियो देखकर पहचान की। वादी का बयान किसी केस में सबसे महत्वपूर्ण होता है।

बुधवार को कोर्ट में सुनवाई हुई, जहां शिवम के वकील ने जब्त लेम्बोर्गिनी को रिलीज कराने की अर्जी दी, जबकि मोहन ने सरेंडर याचिका दाखिल की। पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश की, जिसमें साफ कहा गया कि शिवम ही ड्राइवर था। DCP सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पर्याप्त सबूत और इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस के आधार पर शिवम पर कार्रवाई हुई है। FIR जमानतीय धाराओं में है, लेकिन पुलिस का स्टैंड क्लियर है। 

ये भी पढ़ें - UP Budget 2026: 43 हजार करोड़ की नई योजनाएं- स्टेट डाटा अथॉरिटी और डाटा सेंटर क्लस्टर, अयोध्या समेत ये सिटी बनेंगी स्मार्ट

Advertisment

यह मामला अब कोर्ट में है, जहां सबूतों के आधार पर फैसला होगा। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी है और कानून सबके लिए बराबर है। हादसे ने एक बार फिर लग्जरी वाहनों की तेज रफ्तार और जिम्मेदारी पर सवाल खड़े किए हैं।  

ये भी पढ़ें -  UP Budget 2026: 10 लाख युवाओं को रोजगार, लड़कियों की शादी में एक लाख रुपये की सहायता, महिलाओं के लिए अलग ट्रेनिंग सेंटर

Kanpur Lamborghini Case Update driver surrender court shivam mishra real accused
Advertisment
चैनल से जुड़ें