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Kanpur Lamborghini Case: कानपुर में तेज रफ्तार लेम्बोर्गिनी से 6 लोगों को टक्कर मारने वाले अरबपति कारोबारी का बेटा 7 घंटे में ही रिहा हो गया। आरोपी के वकील अनंत शर्मा ने बताया- पुलिस ने कोर्ट में 14 दिन की रिमांड मांगी थी। जज ने पूछा कि रिमांड क्यों चाहिए, जबकि सारी धाराएं जमानती हैं। इस पर इन्वेस्टिगेशन अफसर कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए। इसके चलते कोर्ट ने रिमांड की अर्जी खारिज कर दी। 20 हजार रुपए का बेल बॉन्ड भरने के बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया।

VIP रोड पर हुए भीषण हादसे में, जिसमें एक लग्जरी लेम्बोर्गिनी कार ने कई लोगों को कुचल दिया था, इस मामले कानपुर लैंबॉर्गिनी केस में पुलिस ने मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है. उसे आज कोर्ट में पेश किया जाएगा. यह वही हाई‑प्रोफाइल मामला है जिसमें 8 फरवरी को करोड़ों की कीमत वाली लैंबॉर्गिनी VIP रोड पर अनियंत्रित होकर कई लोगों को टक्कर मार गई थी.

शिवम मिश्रा को गिरफ्तारी के 7 घंटे बाद मिली जमानत
पुलिस की शुरुआती जांच और CCTV फुटेज ने संकेत दिया था कि गाड़ी शिवम मिश्रा ही चला रहा था, हालांकि उसका पक्ष लगातार यह दावा करता रहा कि कार ड्राइवर चला रहा था. इस मामले में बुधवार को अदालत में मोहन नामक शख्स ने दावा किया था कि हादसे के वक्त कार वह चला रहा था, न कि कारोबारी के.के. मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा, हालांकि पुलिस ने अब शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है.
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सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और मौके पर मौजूद लोगों ने दावा किया था कि कार तेज रफ्तार में थी और चालक नियंत्रण खो बैठा था. दुर्घटना के तुरंत बाद सवाल उठने लगे थे कि कार चला कौन रहा था. शुरुआती चरण में परिवार और बचाव पक्ष की तरफ से दावा किया गया कि कार ड्राइवर मोहन चला रहा था. मोहन ने भी अदालत में पेशी के दौरान यही बयान दिया था.
तंबाकू कारोबारी का बेटा है शिवम मिश्रा
तकनीकी सबूतों और CCTV फुटेज की जांच के बाद टीम को पता चला कि दुर्घटना के समय कार की ड्राइविंग सीट पर तंबाकू कारोबारी का बेटा शिवम मिश्रा ही मौजूद था. पुलिस सूत्रों के अनुसार, फुटेज में साफ दिख रहा है कि दुर्घटना के बाद कार से बाहर निकलने वाला व्यक्ति शिवम जैसा ही नजर आता है.
पुलिस ने बीते तीन दिनों में घटना स्थल की मैपिंग, डिजिटल सबूतों, मोबाइल लोकेशन और गाड़ी के अंदर मिले फॉरेंसिक संकेतों को आधार बनाकर कार्रवाई तेज की.अब अदालत में पेशी के दौरान पुलिस उसकी कस्टडी रिमांड की मांग कर सकती है, ताकि दुर्घटना से जुड़े और पहलुओं की जांच की जा सके.
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