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Ghaziabad Triple Suicide: गाजियाबाद में 3 फरवरी को हुए तीन बहनों के सुसाइड केस में एक नया खुलासा हुआ है. इस केस की पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है. पोस्टमार्टम के बाद पिता ने तीनों बेटियों को मुखाग्नि दी हालांकि देर रात में हुए अंतिम संस्कार पर भी कुछ लोग सवाल खड़े कर रहे हैं, पुलिस ने भी इस सवाल का जवाब तलाशने की कोशिश में जुटी है.
रात में ही कर दिया गया था अंतिम संस्कार
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि तीनों बहनों की मौत सिर पर गहरी चोट लगने से हुई है. गाजियाबाद की पुलिस का कहना है कि अंतिम संस्कार रात में ही करने के पीछे कोई संदिग्ध कारण सामने नहीं आया है और यह परिवार का निजी निर्णय हो सकता है.
इस घटना को लेकर लड़कियों के पिता चेतन कुमार ने दावा किया है कि तीनों बेटियां पिछले करीब तीन वर्षों से एक कोरियाई टास्क-आधारित गेम या ऐप के प्रभाव में थीं. इसी वजह से लड़कियों ने स्कूल जाना भी छोड़ दिया था. लेकिन पुलिस का कहना है कि अब तक इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई है कि तीनों लड़कियां इस तरह की ऐप का इस्तेमाल कर रही थी.
लड़कियों की लिखी डायरी ने खोले राज
पुलिस को तीनों बहनों के कमरे से नौ पन्नों की एक पॉकेट डायरी मिली.यह डायरी न केवल भावनाओं से भरी है, बल्कि कई ऐसे संकेत देती है, जो किसी डिजिटल लत से से ज्यादा घरेलू टकराव की ओर इशारा करते हैं.डायरी में कोरियाई संस्कृति के प्रति आकर्षण का जिक्र है, लेकिन कहीं भी किसी खास ऐप, गेम या ऑनलाइन टास्क का स्पष्ट उल्लेख नहीं मिलता.इसके बजाय, भाषा और भावनाएं यह बताती हैं कि बच्चियां अपनी पसंद को लेकर परिवार से लगातार संघर्ष कर रही थीं.
डायरी के कुछ अंश सीधे माता-पिता पर सवाल खड़े करते हैं.इसमें लिखा है कि परिवार उनकी पसंद और भविष्य को स्वीकार नहीं कर रहा था.शादी को लेकर भी असहमति का जिक्र है. डायरी का सबसे गंभीर और संवेदनशील हिस्सा वह है, जहां शारीरिक सजा का जिक्र मिलता है.अंत में पिता के नाम लिखी गई माफी कि आपकी मार से बेहतर हमारे लिए मौत है...सॉरी पापा. इस पूरे मामले को शक के घेरे में लाकर खड़ा कर देती है.
ठीक नहीं थी परिवार की आर्थिक स्थिति
पुलिस की जांच में सामने आया है कि लड़कियों के पिता शेयर बाजार में करीब 20-30 लाख का नुकसान झेल चुके थे, जिसकी वजह से घर में आर्थिक तंगी थी और उनकी लड़कियों को स्कूल भी नहीं भेजा जा रहा था और वे कोविड के समय से स्कूल नहीं जा रही थी, वे सिर्फ कोचिंग पढ़ती थी.
फोन की चल रही है जांच
पुलिस के मुताबिक, परिवार के पास पहले दो मोबाइल फोन थे. इनमें से एक फोन 7 से 8 महीने पहले बेच दिया गया था. दूसरा फोन करीब 15 दिन पहले बेचा गया. पुलिस अभी तक इन दोनों फोन को रिकवर नहीं कर पाई है, लेकिन इन्हें ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है.
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