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Badaun Prabhat Pheri Lathicharge: बदायूं जिले के इस्लामनगर थाना क्षेत्र के ब्योर कासिमाबाद गांव में माघ मास की प्रभात फेरी को लेकर उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब पुलिस ने रास्ते को विवादित बताते हुए फेरी रोक दी। शुक्रवार को हुई इस कार्रवाई में पुलिस लाठीचार्ज से आठ से अधिक ग्रामीण घायल हो गए, जिसके बाद SP देहात के हस्तक्षेप पर फेरी को उसी मार्ग से निकालने की अनुमति दी गई।
प्रभात फेरी ले जाने पर पुलिस-ग्रामीण आमने-सामने

बदायूं जिले में माघ महीने में निकलने वाली प्रभात फेरी को लेकर इस्लामनगर के ब्योर कासिमाबाद गांव में पुलिस और ग्रामीणों के बीच टकराव हो गया। गांव के प्राचीन रास्ते से निकलने वाली प्रभात फेरी को पुलिस ने विवादित बताते हुए रोक दिया। फेरी को आगे बढ़ने से रोकने के दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हंगामे में बदल गई।
पुलिस लाठीचार्ज में आठ से ज्यादा ग्रामीण घायल

स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। इस कार्रवाई में आठ से अधिक महिलाएं, पुरुष और बच्चे घायल हो गए। लाठीचार्ज के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और नाराज ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना किसी ठोस वजह के पुलिस ने बल प्रयोग किया।
SP देहात के पहुंचने के बाद बदली स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही SP देहात हृदेश कठेरिया मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। शुरुआत में ग्रामीण काफी आक्रोशित थे और SSP को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। काफी समझाने के बाद प्रशासन ने ग्रामीणों को उसी पुराने रास्ते से प्रभात फेरी निकालने की अनुमति दी, जिस मार्ग से वे सालों से फेरी निकालते आ रहे हैं। इसके बाद जाकर स्थिति सामान्य हो सकी।
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तीन दिन से चल रहा था रास्ते को लेकर विवाद

बताया जा रहा है कि ब्योर कासिमाबाद गांव में प्रभात फेरी के रूट को लेकर पिछले तीन दिनों से विवाद चल रहा था। पुलिस का कहना है कि ग्रामीण तय रूट छोड़कर दूसरे रास्ते से फेरी निकालने की कोशिश कर रहे थे। जबकि ग्रामीणों का दावा है कि वही रास्ता सालों से इस्तेमाल किया जा रहा है। बुधवार को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने गांव पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाया था। गुरुवार को भी CO बिल्सी और नायब तहसीलदार बिसौली गिरिजा शंकर यादव ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया था, बावजूद इसके शुक्रवार को स्थिति बिगड़ गई।
पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग
पुलिस लाठीचार्ज से नाराज ग्रामीणों ने इस्लामनगर पुलिस पर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि धार्मिक परंपरा का पालन कर रहे लोगों पर बल प्रयोग करना गलत है। फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात है और हालात पर नजर रखी जा रही है।
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