अम्बेडकरनगर: दबंगों ने पुलिस की मौजूदगी में गलत मकान ढहाया, पुलिस - राजस्व विभाग ने की कार्रवाई, DM ने दिए जांच के आदेश

अम्बेडकरनगर के अकबरपुर में दबंगों ने बेदखली आदेश की आड़ में गलत मकान ढहा दिया। पुलिस-राजस्व विभाग की भूमिका पर सवाल उठे हैं। DM अनुपम शुक्ला ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। 

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रिपोर्ट - गिरजेश सिंह

Ambedkarnagar House Demolition Case: अम्बेडकरनगर जिले के अकबरपुर तहसील क्षेत्र में दबंगों द्वारा जबरन एक मकान गिराए जाने का मामला अब गंभीर रूप ले चुका है। Akbarpur House Demolition Case को लेकर प्रशासनिक महकमे की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने स्वतः संज्ञान लेते हुए पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच का मुख्य फोकस यह है कि आखिर किसकी लापरवाही या मिलीभगत से गलत मकान गिरा दिया गया।

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378 की जगह 376 नंबर का मकान गिरा

पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में दबंगों ने JCB से उनका मकान ढहा दिया, जबकि मौके पर कोई विधिवत राजस्व कार्रवाई नहीं चल रही थी। पीड़ितों के अनुसार, वे रोते-बिलखते रहे लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ गया।

378 की जगह 376 नंबर का मकान गिरा

पूरा मामला अकबरपुर तहसील के अरिया बाजार का है, जहां अकबरपुर-टांडा मार्ग पर हाइवे किनारे बेशकीमती जमीन पर बने मकानों को लेकर विवाद चल रहा था। जानकारी के मुताबिक, मकान संख्या 378 पर अपर उप जिलाधिकारी द्वारा बेदखली का आदेश जारी किया गया था। लेकिन दबंगों ने JCB लगाकर गलती से या जानबूझकर मकान संख्या 376 को भी गिरा दिया। 

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घटना के बाद मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार धीरेंद्र श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि उनके पहुंचने से पहले ही मकान गिराया जा चुका था और आदेश केवल 378 के लिए था, न कि 376 के लिए। इसके बाद Police and Revenue Department Role को लेकर सवाल खड़े हो गए। 

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पुलिस-राजस्व विभाग आमने-सामने 

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पुलिस-राजस्व विभाग आमने-सामने

मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आधी रात को पुलिस ने अपना पक्ष रखा। रात करीब 1 बजे सीओ अकबरपुर नीतीश कुमार का बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा कि राजस्व टीम की मौजूदगी में कार्रवाई की जा रही थी और जैसे ही गलत मकान गिरने की जानकारी मिली, JCB को सीज कर दिया गया। हालांकि, इससे पहले नायब तहसीलदार के बयान ने पुलिस के दावे पर सवाल खड़े कर दिए थे। 

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दोनों विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नजर आए, जिससे मामला और उलझ गया। अब सवाल यह भी उठ रहा है कि चिन्हांकन किसने किया, और बिना स्पष्ट आदेश के पुलिस मौके पर क्यों मौजूद थी।

DM ने लिया संज्ञान, जांच जारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए Ambedkarnagar DM Anupam Shukla ने कहा है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। दोनों पक्षों को बुलाया गया है और यह जांच की जा रही है कि 378 के स्थान पर 376 का मकान कैसे गिरा। DM ने स्पष्ट किया कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

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