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Organic Vegetables Market: सब्जी खरीदते समय हम सभी लोगों के मन में एक सवाल आता है कि कहीं सब्जी व फल में मिलावट तो नहीं है. दरअसल, मिलावटी सब्जी में कई तरह के रसायन होते हैं जो हमारी सेहत के लिए नुकसानदायक होते हैं. अगर आप भी इस चीज से परेशान हैं तो समस्या के समाधान के लिए भोपाल के 10 नंबर मार्केट के पास राग भोपाली मैदान में हर शनिवार दोपहर 3 से 8 बजे तक प्राकृतिक खेती का सरकारी बाजार लगता है, जहां से आप ऑर्गेनिक सब्जियां खरीद सकते हैं
कैसे करें ऑर्गेनिक सब्जियों की पहचान
ऑर्गेनिक सब्जियों की पहचान उनके प्राकृतिक रूप, अनूठे आकार और कम शेल्फ लाइफ से की जा सकती है। ये आम तौर पर उतनी चमकदार या एकदम सही आकार की नहीं दिखतीं और इनमें कीड़ों के छोटे छेद या दाग हो सकते हैं। इन पर 5 अंकों वाला PLU कोड हो सकता है जो 9 से शुरू होता है। ऑर्गेनिक फल-सब्जियां चमकदार या एकदम एक जैसी नहीं दिखतीं। उन पर मोम (wax) की परत नहीं होती। ऑर्गेनिक सब्जियों में कीड़ों के छोटे छेद, दाग या असामान्य आकार हो सकते हैं। इनका स्वाद और गंध अधिक तीव्र और प्राकृतिक होती है। ऑर्गेनिक सब्जियां जल्दी खराब होती हैं, क्योंकि उन पर प्रिजर्वेटिव्स नहीं लगाए जाते। ये आमतौर पर सामान्य सब्जियों की तुलना में महंगी होती हैं।
इस मार्केट में मिलेंगी ताजी ऑर्गेनिक सब्जियां व फल
यहां करीब 40 से 50 किसान अपने खेतों से उसी दिन तोड़ी गई सब्जी, फल, शहद और अनाज लेकर सीधे बिक्री के लिए पहुंचते हैं। अभी इस बाजार में खरीदारी के लिए अरेरा कॉलोनी, चार इमली, 10 नंबर मार्केट और आसपास के करीब 600 लोग आ रहे हैं। विभाग को उम्मीद है कि जैसे-जैसे लोगों को जानकारी मिलेगी, दूसरे इलाकों से भी खरीदार बढ़ेंगे। यह पहल जिला प्रशासन, जिला पंचायत और कृषि व उद्यानिकी विभाग के संयुक्त प्रयास से शुरू की गई है। मकसद साफ है- लोगों की सेहत का ख्याल रखना और किसानों को मेहनत का सही दाम देना।
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फंदा और बैरसिया में होती है प्राकृतिक खेती
कृषि विभाग के अनुसार यह बाजार नेशनल मिशन फॉर नेचुरल फॉर्मिंग के तहत शुरू किया गया है। फंदा ब्लॉक और बैरसिया में 10-10 क्लस्टर बनाए गए हैं। हर क्लस्टर में 125 किसान जुड़े हैं। कुल 1250 किसान शामिल हैं। किसानों को एक एकड़ भूमि पर प्राकृतिक खेती, प्रशिक्षण और गाजियाबाद स्थित नेशनल काउंसिल फॉर ऑर्गेनिक फॉर्मिंग से प्रमाणन के बाद ही बिक्री की अनुमति दी जाती है।
इस बाज़ार में किसान बिना रासायनिक खाद-कीटनाशक उगाई सब्जी, फल, शहद और गुड़ खेत से सुबह तोड़कर दोपहर तक बाजार लाते हैं, इसलिए उपज ताजी रहती है। वहीं, रबी सीजन में प्राकृतिक तरीके से गेहूं, चना और हरी सब्जियों की पैदावार हो रही है। बाजार में किसान उत्पादक समूह से जुड़े किसान और प्रमाणित उत्पादक स्टॉल लगा रहे हैं।
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