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Chhattisgarh (CG) Budget 2026: छत्तीसगढ़ बजट 2026 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश कर ‘संकल्प’ थीम के साथ विकास का रोडमैप रखा।
इस बजट में क्षेत्रीय संतुलन, अधोसंरचना विस्तार, औद्योगिक विकास, कृषि सुदृढ़ीकरण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को समान प्राथमिकता दी गई है। बस्तर जैसे आदिवासी अंचलों से लेकर शहरी केंद्रों तक विकास की व्यापक रूपरेखा प्रस्तुत की गई है।
बस्तर विकास और जल संरचना पर विशेष जोर
बस्तर क्षेत्र के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे अधोसंरचना, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। इंद्रावती नदी पर जल प्रबंधन को मजबूत करने के लिए बैराज निर्माण हेतु 68 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
मटनार और देउरगांव क्षेत्रों में लगभग 24 करोड़ रुपये की लागत से बैराज निर्माण कार्य किए जाएंगे। इससे सिंचाई क्षमता बढ़ेगी और किसानों को स्थायी जल उपलब्धता मिलेगी।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा
महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए मुख्यमंत्री लखपति दीदी भ्रमण योजना लागू की जाएगी, जिससे स्व-सहायता समूहों और आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। प्रदेश में 250 महतारी सदनों के निर्माण के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो महिलाओं के प्रशिक्षण और सामुदायिक गतिविधियों के केंद्र बनेंगे।
बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से रानी दुर्गावती योजना की घोषणा की गई है। इसके तहत 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर बेटियों को डेढ़ लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।
सड़क और शहरी विकास को नई गति
मुख्यमंत्री सड़क योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें राज्य की 36 सड़कों को शामिल किया गया है। इसके साथ मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना लागू की जाएगी, जिसके लिए 200 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इससे शहरी अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं में सुधार होगा।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 1700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे ग्रामीण संपर्क मार्गों को मजबूत किया जाएगा।
23 नए उद्योग स्थापित करेंगे
राज्य में 23 नए उद्योग स्थापित किए जाएंगे। भिलाई में व्यावसायिक परिसर निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये और नवा रायपुर से राजनांदगांव औद्योगिक कॉम्प्लेक्स के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स के भवन निर्माण की भी घोषणा की गई है।
उद्योग विभाग का बजट 248 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 775 करोड़ रुपये कर दिया गया है। उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए अनुदान मद में 750 करोड़ रुपये रखे गए हैं। खनिज ऑनलाइन 2.2 प्रणाली के लिए 35 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे पारदर्शिता और डिजिटल प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा।
शिक्षा और कौशल विकास को मजबूती
रायपुर में मेगा परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। अनुसूचित जाति छात्रों के लिए हॉस्टल और स्कूल निर्माण हेतु अनुदान दिया जाएगा, जबकि रायपुर में अन्य पिछड़ा वर्ग छात्राओं के लिए 200 सीट का छात्रावास बनाया जाएगा। अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के लिए 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
रायपुर मठपुरैना स्थित दृष्टिबाधित विद्यालय के लिए 2 करोड़ 50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और तकनीकी सुधार
रायपुर के कालीबाड़ी क्षेत्र में 200 बिस्तरों वाला मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल बनाया जाएगा, जबकि चिरमिरी में जिला अस्पताल निर्माण का प्रावधान किया गया है। नशा मुक्ति केंद्रों के संचालन के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
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कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
भूमिहीन कृषि परिवारों के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। मार्कफेड को 6 हजार करोड़ रुपये दिए जाएंगे ताकि खरीदी और विपणन व्यवस्था मजबूत हो सके।
कृषि पंपों के लिए 5500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जिससे सिंचाई क्षमता बढ़ेगी। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 40 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। डेयरी समग्र विकास योजना के लिए 90 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याण योजनाएं
पेंशन योजनाओं के लिए 1400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सयानगुड़ी योजना को प्रदेश भर में विकसित करने के लिए 5 हजार करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। नमक वितरण योजना के लिए 1 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
ग्राम सभाओं को 50 लाख रुपये तक के कार्यों की एजेंसी बनाने का निर्णय लिया गया है, जिससे स्थानीय विकास कार्यों में भागीदारी बढ़ेगी।
पर्यटन, संस्कृति और स्थानीय अर्थव्यवस्था
गिरौदपुरी मेले के अनुदान को बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया गया है। शिल्पकारों को राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों में भागीदारी के लिए वित्तीय सहयोग दिया जाएगा। उपहार प्लेटफॉर्म के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
राज्य के पांच प्रमुख शहरों के एयरपोर्ट पर शोरूम खोले जाएंगे, जिससे स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलेगा और हस्तशिल्प को प्रोत्साहन मिलेगा।
छत्तीसगढ़ बजट 2026 राज्य के समग्र विकास का विस्तृत खाका प्रस्तुत करता है। अधोसंरचना, उद्योग, कृषि, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा पर समान ध्यान देते हुए सरकार ने संतुलित विकास की दिशा में कदम बढ़ाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।
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