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Feb Panchgrahi Yog Kumbh: फरवरी में ग्रहों की चाल में बड़ा फेरबदल होने वाला है। 23 फरवरी से राशि चक्र ग्यारहवीं राशि कुंभ में ग्रहों का महा संयोग होने वाला है। जो कुछ जातकों को लाभकारी तो कुछ को कष्टकारी हो सकता है। 1 मार्च तक इस महासंयोग से किस शुभ फल मिलेगा, किसे सतर्क रहना होगा जानते हैं ज्योतिषाचार्य पंडित अनिल पांडे से।
सूर्य, मंगल, शुक्र, बुध और राहु का संयोग
आपको बता दें ज्योतिषीय गणना के अनुसार ग्रहों में एक बड़ा और चमत्कारिक संयोग कुंभ राशि में बनने जा रहा है। जिसका असर सभी जातकों पर पड़ेगा। ये महा संयोग 23 फरवरी सोमवार को कुंभ में मंगल के प्रवेश के साथ ही प्रारंभ हो जाएगा। जो 1 मार्च को शुक्र के मीन राशि में प्रवेश करते ही समाप्त हो जाएगा।
इसी प्रकार सूर्य एक बहुत तेज ग्रह है उसको दूसरे तेज ग्रह मंगल, कुटिल ग्रह राहु अत्यंत बुद्धिमान और दैत्य गुरु शुक्र तथा लेखन और व्यापार का ग्रह बुध का सहयोग मिल जाए तो क्या नहीं हो सकता है। पंडित अनिल पाण्डेय से जानते हैं कि कुंभ राशि में इन पांच ग्रहों के इस संयोग का सभी राशियों के साथ सा​थ पूरे विश्व पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
कुंभ राशि में कैसे बनेगा पंचग्रही योग
| ग्रह | कुंभ राशि में प्रवेश तिथि | कुंभ राशि से निकलने की तिथि | कुंभ राशि में रहने की अवधि |
|---|---|---|---|
| सूर्य | 13 फरवरी | 14 मार्च | लगभग 1 महीना |
| मंगल | 23 फरवरी | 2 अप्रैल | लगभग 1 महीना 8 दिन |
| शुक्र | 5 फरवरी | 1 मार्च | लगभग 24 दिन |
| बुध | 3 फरवरी | 10 अप्रैल | लगभग 2 महीने 7 दिन |
| राहु | 19 मई | लगभग नवंबर 2026 (डेढ़ साल) | लगभग 18 महीने |
- सूर्य 13 फरवरी से 14 मार्च तक कुंभ राशि में गोचर कर रहे हैं।
- मंगल ग्रह 23 फरवरी को कुंभ में प्रवेश करेंगे जो 2 अप्रैल तक कुंभ राशि में ही रहेंगे।
- शुक्र ग्रह 5 फरवरी से कुंभ राशि में हैं और एक मार्च तक कुंभ में ही रहेंगे।
- बुध 3 फरवरी से लेकर 10 अप्रैल तक कुंभ राशि में गोचर करेंगे।
- राहु 19 मई से कुंभ राशि में है और डेढ़ साल तक कुंभ राशि में ही रहेंगे।
क्यों खास है फरवरी में बनने वाला पंचग्रही योग
ज्योतिष के अनुसार सूर्य एक बहुत तेज ग्रह है। परंतु इस अवधि में यह अपने पुत्र शनि की राशि कुंभ में रहेगा। वैसे तो शनि देव सूर्य के पुत्र हैं परंतु पिता और पुत्र के संबंध अच्छे नहीं हैं। सूर्य का निवास अपने शत्रु के घर में होने के कारण सूर्य की प्रखरता में काफी कमी आएगी।
इस अवधि मंगल ग्रह जो कि एक तेज ग्रह माना जाता है। ये कुंभ राशि में रहेगा। कुंभ राशि के स्वामी शनि देव हैं और शनि तथा मंगल में न तो मित्रता है और न ही शत्रुता है। जिसके चलते मंगल की गति सामान्य रहेगी।
शुक्र दैत्यों के गुरु शुक्र इस अवधि में अपने मित्र शनि की राशि में रहेंगे। इसके कारण इनकी बल में थोड़ी वृद्धि होगी।
कुंभ राशि के स्वामी शनि देव की बुध से शत्रुता या मित्रता दोनों नहीं है। यानी बुध का बल सामान्य ही रहेगा।
शनि देव और राहु में मित्रता है अतः राहु के बल में वृद्धि होगी।
इन सभी कारणों के चलते इस युति में सूर्य का बाल उसके सामान्य बल से कम हो जाएगा। मंगल और बुध का बल सामान्य रहेगा तथा शुक्र का बल बढ़ेगा।
सूर्य के प्रभाव के कारण मंगल अस्त रहेंगे। यानी इनकी शक्तियां काफी कम हो जाएंगीं। राहु के प्रभाव के कारण सूर्य के ताकत में और कमी आएगी।
पंचग्रही योग का देश दुनिया पर क्या होगा असर
कुंभ रााशि में पंचग्रही योग के असर की बात करें तो अमेरिका और कमजोर होगा तथा यह संभव नहीं है कि वह ईरान पर आक्रमण कर पाए। इसी प्रकार कनाडा को धमकाने की स्थिति में भी वह नहीं रहेगा।
17 फरवरी को खग्रास सूर्य ग्रहण के कारण 13 फरवरी से लेकर 1 मार्च तक कुछ युद्ध हो सकते हैं। संभावना इस बात की भी है कि उस समय रूस और यूक्रेन में निर्णायक युद्ध हो और उसके बाद शांति कायम हो जाए।
कुंभ राशि पर पंचग्रही योग का सभी 12 राशियों पर असर
मेष राशि पर पंचग्रही योग का असर
आपके संतान को लाभ होगा। धन हानि की संभावना है।
वृष राशि पर पंचग्रही योग का असर
आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कार्यालय में आपकी स्थिति खराब हो सकती है। पिताजी को कष्ट हो सकता है।
मिथुन राशि पर पंचग्रही योग का असर
आपके पराक्रम में वृद्धि होगी। भाई बहनों के साथ संबंध ठीक रहेंगे। भाग्य से आपको मदद नहीं मिल पाएगी। धर्म के कार्यों में मन नहीं लगेगा।
कर्क राशि पर पंचग्रही योग का असर
धन आ सकता है। दुर्घटनाओं की आशंका है।
सिंह राशि पर पंचग्रही योग का असर
अविवाहित जातकों के लिए अच्छा समय है। युवकों के लिए भी यह समय ठीक है। विवाह के नए-नए संबंध आएंगे। नए-नए प्रेम संबंध बनेंगे। आपके स्वयं का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। आपके जीवनसाथी का स्वास्थ्य खराब हो सकता है।
कन्या राशि पर पंचग्रही योग का असर
आप अपने शत्रुओं को थोड़े से प्रयास से इस अवधि में पराजित कर सकते हैं। कचहरी के कार्यों में सावधानी की आवश्यकता है।
तुला राशि पर पंचग्रही योग का असर
आपके संतान को कष्ट हो सकता है। छात्रों की पढ़ाई में बाधा पड़ेगी। मामूली धन आ सकता है। व्यापार में कमी हो सकती है। कचहरी के कार्यों में कोई भी रिस्क न लें।
वृश्चिक राशि पर पंचग्रही योग का असर
आपकी प्रतिष्ठा में हानि हो सकती है। माता जी को कष्ट हो सकता है। कार्यालय में आपकी स्थिति ठीक रहेगी।
धनु राशि पर पंचग्रही योग का असर
आपका क्रोध में वृद्धि होगी भाग्य से आपको लाभ होगा। कार्यालय में आपको कष्ट हो सकता है। शत्रुओं से सावधान रहना है।
मकर राशि पर पंचग्रही योग का असर
धन आएगा। परंतु धन प्राप्त करने के लिए बहुत कष्ट उठाना पड़ेगा। दुर्घटनाओं की आशंका कम रहेगी।
कुंभ राशि पर पंचग्रही योग का असर
आपके जीवनसाथी का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। आपके आत्मविश्वास में कमी आएगी। आपका स्वास्थ्य खराब हो सकता है। व्यापारियों का व्यापार ठीक रहेगा।
मीन राशि पर पंचग्रही योग का असर
अपने शत्रुओं को आप आसानी से पराजित कर सकते हैं कचहरी के कार्यों में सावधानी बरतें आपके भाइयों को और आपके जीवनसाथी को कष्ट हो सकता है।
पंचग्रही योग के कुप्रभाव से बचने के उपाय क्या हैं
- आपको ग्रहों के इस विकट संयोग से होने वाले दुष्प्रभाव से बचने के एक मंत्र का जाप करना चाहिए। ज्योतिषाचार्य पंडित अनिल पांडे के अनुसार महामृत्युंजय मंत्र का 12 हजार बार जाप किसी विद्वान ब्राह्मण से करवायें।
- इसके अलावा गायत्री मंत्र की तीन माला का प्रतिदिन जाप करना भी लाभकारी रहेगा।
- भगवान शिव का दूध और जल से अभिषेक भी करना चाहिए।
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