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Budh Gochar Kumbh 2026 Effect: यदि आपकी राशि भी है वृश्चिक, कर्क और मीन, तो हो जाएं सतर्क, 22 मार्च तक अच्छे नहीं संकेत

Budh Gochar Kumbh 2026: बुध का कुंभ राशि में प्रवेश, लंबे समय तक रहेंगे शनि की राशि में, क्या होगा आप पर असर

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Preeti Dwivedi
Budh Gochar Kumbh 2026 Effect vrashchik kark meen par grah gochar ka asar

Budh Gochar Kumbh 2 Feb 2026 Effect Vrashchik Kark Meen: फरवरी में ग्रहों की चाल मेंं बड़ा बदलाव होने जा रहा है। ग्रहों के राजकुमार बुध अपनी चाल बदलने वाले हैं। अभी तक मकर राशि में चल रहे बुध राशि चक्र की ग्यारहवीं राशि यानी कुंभ में प्रवेश करने जा रहे हैं। ज्योतिष में बुध की चाल राशियों के अनुसार बेहद खास मानी जाती है।

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क्योंकि बुध का सीधा संबंध बुद्धि से होता है। यदि आपकी राशि भी वृश्चिक, कर्क और मीन है तो चलिए जानते हैं ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविंद शास्त्री के अनुसार आपके लिए 2 फरवरी से 22 मार्च तक का समय क्या संकेत दे रहा है। बुध का गोचर किसके लिए शुभ और किसके लिए अशुभ रहेगा। 

कुंभ राशि में बुध गोचर कब होगा

बिंदुविवरण
ज्योतिषाचार्यपंडित रामगोविंद शास्त्री
ग्रहबुध (बुद्धि के कारक)
बुध का गोचरकुंभ राशि
गोचर की तिथि2 फरवरी
गोचर का समयदोपहर 1 बजे
कुंभ राशि में स्थिति2 फरवरी से 2 मार्च तक
वक्री होने की तिथि2 मार्च
वक्री चालकुंभ राशि में ही
पंचांग अनुसार विशेषताबुध का कुंभ राशि में गोचर लंबे समय तक रहेगा
ग्रहों की चालस्थान के अनुसार दिन व समय में थोड़ा परिवर्तन संभव

ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविंद शास्त्री ने बताया कि बुद्धि के कारक बुध 2 फरवरी को दोपहर 1 बजे कुंभ राशि में प्रवेश कर गए हैं। ग्रहों की चाल में स्थान के अनुसार दिन और समय में थोड़ा परिवर्तन हो जाता है। कुंभ राशि में बुध 2 फरवरी को प्रवेश करने के बाद 2 मार्च तक इसी स्थिति में रहेंगे। इसके बाद 2 मार्च को बुध कुंभ राशि में ही वक्री हो जाएंगे। यानी इसी राशि में बुध की उल्टी चाल शुरू हो जाएगी। हिन्दू पंचांग के अनुसा बुध का कुंभ् राशि में गोचर लंबे समय तक के लिए होगा। 

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मार्च 2026 में बुध कब मार्गी होंगे

तिथिबुध की स्थितिराशिविवरण
2 मार्चवक्री आरंभकुंभबुध कुंभ राशि में वक्री होंगे
22 मार्चमार्गीकुंभकुंभ राशि में ही बुध की सीधी चाल शुरू होगी
9 अप्रैलराशि परिवर्तन (गोचर)मीनबुध कुंभ से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे

ज्योतिषीय गणना के अनुसार बुध 2 मार्च को वक्री होेने के करीब 20 दिन बाद 22 मार्च को कुंभ राशि में ही मार्गी हो जाएंगे। यानी दौरान कुंभ में इनकी सीधी चाल शुरू हो जाएगी। इसके बाद 9 अप्रैल को बुध एक बार फिर अपनी राशि बदलेंगे और आखिरी राशि मीन में प्रवेश कर जाएंगे। 

कुंभ में बुध गोचर का शुभ असर

जिन जातकों की राशि मिथुन और कन्या है। इन जातकों को बुध का गोचर बेहद खास होगा। आपके द्वारा सही निर्णय लिए जाएंगे। आप जो भी काम करेंगे उसमें आपको सफलता मिलेगी। 

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कुंभ में बुध गोचर से ये रहें सतर्क 

हिन्दू पंचांग के अनुसार कुंभ राशि में बुध का गोचर वृश्चिक राशि के लिए चौथा, कर्क राशि के लिए आठवां और मीन राशि के लिए बारहवां रहेगा। ऐसे में इन तीन राशि के जातकों को बेहद सतर्क रहना होगा। गोचर काल में इन जातकों को निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। किसी भी चीज के निर्णय लेने में बहुत सोच समझकर विचार करें। 

22 मार्च तक समय क्या दे रहा संकेत

कुंभ राशि में बुध का गोचर 2 फरवरी को हो रहा है। इसके बाद करीब 50 दिन तक यानी 22 मार्च तक इसी राशि में बुध बार बार चाल बदलेंगे। पहले ये वक्री, फिर मार्गी होंगे। इसके बाद अप्रैल में मीन राशि में प्रवेश करेंगे। 

बुध की चाल से बदलेगा मौसम 

किसी भी ग्रह के मार्गी और वक्री होने पर मौसम में बदलाव होता है। ज्योतिष के अनुसार जब बुध और सूर्य मिलकर बुधादित्य योग बनाते हैं तो ये मौसम के लिए खास माना जाता है। लेकिन जब ये योग टूटता है तो मौसम में परिवर्तन आता है। अभी तक मकर राशि में चल रहा बुधादित्य योग आज 2 फरवरी को बुध के कुंभ में प्रवेश करते ही टूट जाएगा। इसके बाद जब सूर्य 13 फरवरी को बुध के साथ कुंभ राशि में पहुंचेंगे तो ये योग फिर से बनेगा और मौसम में स्थिरता आएगी। 

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इतने दिन बनेंगे आंधी बारिश के योग 

2 फरवरी से 13 फरवरी यानी करीब 11 दिन एक बार फिर मौसम बदला रहेगा और इस दौरान कहीं बारिश कहींं गर्मी, कहीं ठंड ऐसा मौसम रहेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि इस दौरान सूर्य और बुध अलग अलग राशि में रहेंगे।  

बुध को मजबूत करने के उपाय 

  • यदि आपकी कुंडली में बुध की स्थिति अच्छी नहीं है। या बुध आपकी कुंडली में नीच राशि मीन यानी 12 वें भाव में हैं तो आपको इसे मजबूत करने के लिए कुछ उपाय करना चाहिए। 
  • बुध के लिए हरी चीजों का दान करना चाहिए। 
  • गाय को बुधवार को हरा चारा खिलाएं। 
  • गणेशजी को दूर्बा चढ़ाएं। 
  • गणेशी की आराधना, लड्डू का भोग लगाएंं। 

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