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WPL FINAL 2026: विमेंस प्रीमियर लीग 2026 के फाइनल में एक बार फिर इतिहास ने खुद को दोहराया। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने दबाव भरे मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स को 6 विकेट से हराकर दूसरी बार WPL का खिताब अपने नाम कर लिया। वडोदरा में खेले गए इस हाई-स्कोरिंग फाइनल में स्मृति मंधाना और जॉर्जिया वोल की रिकॉर्डतोड़ साझेदारी आरसीबी की जीत की सबसे बड़ी वजह बनी, जबकि दिल्ली कैपिटल्स को लगातार चौथी बार फाइनल में हार का सामना करना पड़ा।
दिल्ली ने खड़ा किया विशाल स्कोर
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स ने शानदार शुरुआत की और निर्धारित 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 203 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स ने एक जिम्मेदार कप्तानी पारी खेलते हुए 37 गेंदों में 57 रन बनाए। उनके साथ लौरा वोल्वार्ट ने नाबाद 44 रन जोड़कर पारी को संभाला।
दिल्ली की बल्लेबाजी यहीं नहीं रुकी। लिज़ेल ली ने आक्रामक अंदाज में 37 रन बनाए, जबकि अंतिम ओवरों में चिनेल हेनरी ने सिर्फ 15 गेंदों में 35 रन ठोककर स्कोर को 200 के पार पहुंचा दिया। एक समय आरसीबी की गेंदबाजी अनुशासित दिख रही थी, लेकिन मध्य ओवरों में दिल्ली ने मैच पर पूरी तरह पकड़ बना ली।
RCB की पारी डगमगाई, फिर आया तूफान
204 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी की शुरुआत हालांकि थोड़ी लड़खड़ाई। पहली ही गेंद पर ग्रेस हैरिस का विकेट गिरने के बाद कुछ देर के लिए दिल्ली को लगा कि मैच उनकी पकड़ में है। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने फाइनल का पूरा रंग बदल दिया।
कप्तान स्मृति मंधाना और युवा बल्लेबाज जॉर्जिया वोल ने दिल्ली के गेंदबाजों पर ऐसा हमला बोला कि विपक्ष पूरी तरह बैकफुट पर चला गया। दोनों ने मिलकर हर गेंदबाजी विकल्प को निशाना बनाया और तेजी से रन बटोरे।
रिकॉर्डतोड़ साझेदारी ने बदला मैच
मंधाना और वोल की जोड़ी ने किसी भी विकेट के लिए WPL इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारी दर्ज की। दोनों ने तेजी से अर्धशतक पूरे किए और 10 ओवर के भीतर आरसीबी को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। 15वें ओवर तक स्कोर 161/1 हो चुका था और मुकाबला लगभग एकतरफा नजर आने लगा।
इस दौरान स्मृति मंधाना ने न सिर्फ टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया, बल्कि ऑरेंज कैप की रेस में भी खुद को शीर्ष पर पहुंचा दिया। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था।
आखिरी ओवरों में बढ़ा रोमांच
हालांकि, दिल्ली कैपिटल्स ने हार नहीं मानी। पहले जॉर्जिया वोल का विकेट गिरा, फिर ऋचा घोष भी पवेलियन लौट गईं। इसके बाद खुद स्मृति मंधाना भी एक दुर्भाग्यपूर्ण गेंद पर आउट हो गईं, जिससे अंतिम दो ओवरों में मुकाबला अचानक रोमांचक हो गया।
जब 6 गेंदों में 10 रन चाहिए थे, तब क्रीज पर मौजूद खिलाड़ियों ने संयम दिखाया और बिना किसी गलती के लक्ष्य हासिल कर लिया। जैसे ही विजयी रन बना, आरसीबी खेमे में जश्न का सैलाब उमड़ पड़ा।
दिल्ली की चौथी फाइनल हार
इस हार के साथ दिल्ली कैपिटल्स का फाइनल का अभिशाप एक बार फिर कायम रहा। लगातार चौथी बार फाइनल खेलने के बावजूद टीम खिताब से दूर रह गई। शानदार बल्लेबाजी के बावजूद गेंदबाजी के अहम मौकों पर चूक दिल्ली को भारी पड़ गई।
वहीं, आरसीबी ने यह जीत साबित कर दिया कि बड़े मैचों में टीम का संयम और अनुभव उसे चैंपियन बनाता है। दूसरी बार WPL ट्रॉफी जीतकर आरसीबी ने महिला क्रिकेट में अपनी मजबूत पहचान और भी पुख्ता कर ली है।
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