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UPSC New Rule: Union Public Service Commission ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 (CSE 2026) के लिए नोटिफिकेशन जारी करते हुए उन कैंडिडेट्स के लिए नियमों को स्पष्ट कर दिया है, जो पहले से सिविल सेवाओं में कार्यरत हैं। खास तौर पर IAS, IFS, IPS और अन्य ग्रुप A सेवाओं के अधिकारियों को लेकर भ्रम की स्थिति खत्म करने की कोशिश की गई है।
UPSC के मुताबिक़, जो कैंडिडेट्स पहले ही IAS या IFS में चयनित होकर सेवा दे रहे हैं, वे CSE 2026 में आवेदन के पात्र नहीं होंगे। UPSC का कहना है कि यह नियम पहले भी था, लेकिन अब इसे स्पष्ट और लिखित रूप में सख्ती से लागू किया गया है।
IAS, IFS पर सख्ती
नोटिफिकेशन के मुताबिक, यदि कोई कैंडिडेट्स CSE 2026 की प्रारंभिक परीक्षा पास करने के बाद लेकिन मुख्य परीक्षा से पहले IAS या IFS में नियुक्त हो जाता है, तो वह मुख्य परीक्षा नहीं दे सकेगा। वहीं, अगर मुख्य परीक्षा शुरू होने के बाद लेकिन अंतिम परिणाम से पहले नियुक्ति होती है, तो CSE 2026 के जरिए किसी भी सेवा में उसका चयन नहीं किया जाएगा।
IPS के विस्तृत नियम
UPSC ने IPS को लेकर भी बड़ा और साफ फैसला किया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जो उम्मीदवार पहले ही किसी पिछले सिविल सेवा परीक्षा के जरिए IPS में चयनित या नियुक्त हो चुके हैं, वे CSE 2026 के परिणाम के आधार पर दोबारा IPS के लिए न तो विकल्प चुन सकेंगे और न ही उन्हें IPS आवंटित किया जाएगा। पहले की अधिसूचनाओं में यह नियम इतना स्पष्ट नहीं था।
आवेदन में 14 बड़े बदलाव
UPSC CSE 2026 में केवल पात्रता ही नहीं, बल्कि आवेदन प्रक्रिया में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। आयोग ने चार चरणों वाली नई ऑनलाइन आवेदन प्रणाली लागू की है। इसमें यूनिवर्सल रजिस्ट्रेशन नंबर (URN), कॉमन एप्लिकेशन फॉर्म (CAF), परीक्षा-विशेष मॉड्यूल और लाइव फोटो कैप्चर को अनिवार्य किया गया है।
वेरिफिकेशन की नई प्रक्रिया
अब कैंडिडेट्स को आवेदन के दौरान लाइव फोटो कैप्चर करना होगा, जो अपलोड की गई फोटो से मेल खाना चाहिए। सिग्नेचर अपलोड के लिए भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पहचान सत्यापन के लिए आधार कार्ड को प्राथमिक दस्तावेज के रूप में अपनाने की सलाह दी गई है, हालांकि अन्य सरकारी आईडी भी मान्य होंगी।
आवेदन में कोई सुधार नहीं
UPSC ने इस बार साफ कर दिया है कि एक बार आवेदन सबमिट होने के बाद न तो उसमें कोई सुधार होगा और न ही आवेदन वापस लिया जा सकेगा। इसलिए कैंडिडेट्स को अंतिम सबमिशन से पहले हर विवरण बेहद सावधानी से भरने की सलाह दी गई है।
परीक्षा केंद्र से जुड़े नियम
PwBD उम्मीदवारों को केंद्र चयन में अतिरिक्त छूट दी गई है। वहीं OBC नॉन-क्रीमी लेयर और EWS प्रमाण पत्र के लिए वित्तीय वर्ष और जारी करने की तारीख को लेकर भी सख्त नियम तय किए गए हैं।
कैंडिडेट्स के लिए संदेश
UPSC CSE 2026 नोटिफिकेशन ने साफ़ कर दिया है की जो उम्मीदवार पहले से सेवा में हैं, उनके लिए दोबारा प्रयास के रास्ते सीमित कर दिए गए हैं और नई आवेदन प्रणाली में छोटी गलती भी भारी पड़ सकती है। UPSC ने सभी कैंडिडेट्स से अपील की है कि वे 24 फरवरी 2026 तक upsc.gov.in पर आवेदन करते समय नियमों को ध्यान से पढ़ें और समझें।
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