Advertisment

UPSC New Rule: सिविल सेवाओं में पहले से कार्यरत अफसरों के लिए कड़े नियम, आवेदन प्रक्रिया में 14 बड़े बदलाव, IAS–IPS को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन

UPSC New Rule: UPSC CSE 2026 नोटिफिकेशन में IAS, IFS, IPS समेत ग्रुप A सेवाओं के अफसरों के लिए पात्रता और प्रयासों के नियम स्पष्ट किए गए हैं। आवेदन प्रक्रिया में 14 बड़े बदलाव किए गए हैं।

author-image
Shantanu Singh
AFSDDSAF

UPSC New Rule: Union Public Service Commission ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 (CSE 2026) के लिए नोटिफिकेशन जारी करते हुए उन कैंडिडेट्स के लिए नियमों को स्पष्ट कर दिया है, जो पहले से सिविल सेवाओं में कार्यरत हैं। खास तौर पर IAS, IFS, IPS और अन्य ग्रुप A सेवाओं के अधिकारियों को लेकर भ्रम की स्थिति खत्म करने की कोशिश की गई है।

Advertisment

UPSC के मुताबिक़, जो कैंडिडेट्स पहले ही IAS या IFS में चयनित होकर सेवा दे रहे हैं, वे CSE 2026 में आवेदन के पात्र नहीं होंगे। UPSC का कहना है कि यह नियम पहले भी था, लेकिन अब इसे स्पष्ट और लिखित रूप में सख्ती से लागू किया गया है।

IAS, IFS पर सख्ती 

नोटिफिकेशन के मुताबिक, यदि कोई कैंडिडेट्स CSE 2026 की प्रारंभिक परीक्षा पास करने के बाद लेकिन मुख्य परीक्षा से पहले IAS या IFS में नियुक्त हो जाता है, तो वह मुख्य परीक्षा नहीं दे सकेगा। वहीं, अगर मुख्य परीक्षा शुरू होने के बाद लेकिन अंतिम परिणाम से पहले नियुक्ति होती है, तो CSE 2026 के जरिए किसी भी सेवा में उसका चयन नहीं किया जाएगा।

यह भी पढ़ें: SSC MTS Exam Raipur 2025: फरवरी में अलग-अलग तिथियों पर होंगे एग्जाम, डिप्टी कलेक्टर उपेन्द्र किण्डो बने नोडल अधिकारी

Advertisment

IPS के विस्तृत नियम

UPSC ने IPS को लेकर भी बड़ा और साफ फैसला किया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जो उम्मीदवार पहले ही किसी पिछले सिविल सेवा परीक्षा के जरिए IPS में चयनित या नियुक्त हो चुके हैं, वे CSE 2026 के परिणाम के आधार पर दोबारा IPS के लिए न तो विकल्प चुन सकेंगे और न ही उन्हें IPS आवंटित किया जाएगा। पहले की अधिसूचनाओं में यह नियम इतना स्पष्ट नहीं था।

यह भी पढ़ें: Bhilai Medical Negligence: भिलाई में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही, मृत व्यक्ति का मेडिकल सर्टिफिकेट जारी, अस्पताल प्रभारी पर उठे सवाल

आवेदन में 14 बड़े बदलाव

UPSC CSE 2026 में केवल पात्रता ही नहीं, बल्कि आवेदन प्रक्रिया में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। आयोग ने चार चरणों वाली नई ऑनलाइन आवेदन प्रणाली लागू की है। इसमें यूनिवर्सल रजिस्ट्रेशन नंबर (URN), कॉमन एप्लिकेशन फॉर्म (CAF), परीक्षा-विशेष मॉड्यूल और लाइव फोटो कैप्चर को अनिवार्य किया गया है।

Advertisment

वेरिफिकेशन की नई प्रक्रिया 

अब कैंडिडेट्स को आवेदन के दौरान लाइव फोटो कैप्चर करना होगा, जो अपलोड की गई फोटो से मेल खाना चाहिए। सिग्नेचर अपलोड के लिए भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पहचान सत्यापन के लिए आधार कार्ड को प्राथमिक दस्तावेज के रूप में अपनाने की सलाह दी गई है, हालांकि अन्य सरकारी आईडी भी मान्य होंगी।

यह भी पढ़ें: खैरागढ़ में कुलसचिव सौमित्र तिवारी का तबादला; इंदिरा सिंह कला विश्वविद्यालय से अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर भेजे गए

आवेदन में कोई सुधार नहीं

UPSC ने इस बार साफ कर दिया है कि एक बार आवेदन सबमिट होने के बाद न तो उसमें कोई सुधार होगा और न ही आवेदन वापस लिया जा सकेगा। इसलिए कैंडिडेट्स को अंतिम सबमिशन से पहले हर विवरण बेहद सावधानी से भरने की सलाह दी गई है।

Advertisment

परीक्षा केंद्र से जुड़े नियम

PwBD उम्मीदवारों को केंद्र चयन में अतिरिक्त छूट दी गई है। वहीं OBC नॉन-क्रीमी लेयर और EWS प्रमाण पत्र के लिए वित्तीय वर्ष और जारी करने की तारीख को लेकर भी सख्त नियम तय किए गए हैं।

यह भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ को मिलेगा स्टार्टअप हब का दर्जा: नई स्टार्टअप नीति से बदलेगा छत्तीसगढ़ का कारोबारी नक्शा, 100 करोड़ का कैपिटल फंड बनेगा
 

कैंडिडेट्स के लिए संदेश

UPSC CSE 2026 नोटिफिकेशन ने साफ़ कर दिया है की जो उम्मीदवार पहले से सेवा में हैं, उनके लिए दोबारा प्रयास के रास्ते सीमित कर दिए गए हैं और नई आवेदन प्रणाली में छोटी गलती भी भारी पड़ सकती है। UPSC ने सभी कैंडिडेट्स से अपील की है कि वे 24 फरवरी 2026 तक upsc.gov.in पर आवेदन करते समय नियमों को ध्यान से पढ़ें और समझें।

Advertisment
IPS Ias EWS Upsc Cse new rule UPSC
Advertisment
चैनल से जुड़ें