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Makar Sankranti 2026: हिंदू धर्म में मकर संक्रांति महत्वपूर्ण पर्वों में से एक है. इस दिन विशेष रूप से सूर्य की पूजा की जाती है क्योंकि मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं. इस दिन स्नान-दान और खिचड़ी दान करने का विशेष महत्व होता है.
हमारे देश में मकर संक्रांति का पर्व अलग-अलग नामों से जाना जाता है. गुजरात में इसे उत्तरायण कहते हैं. वहीं, मकर संक्रांति के दिन पतंग भी उड़ाई जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मकर संक्रांति एकमात्र ऐसा पर्व है, जिसमें काले कपड़े पहनना शुभ माना जाता है. आइए जानते हैं इसके पीछे का कारण.
मकर संक्रांति पर क्यों शुभ होता है काला रंग
मकर संक्रांति के दिन सू्र्य देव अपने पुत्र शनि की राशि मकर में प्रवेश करते हैं. बता दें कि सनातन धर्म में काले रंग का संबंध शनि से होता है. इसलिए मकर संक्रांति पर काले रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है क्योंकि ऐसा करने से शनि देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है.
बता दें कि महाराष्ट्र समेत दक्षिण भारत के कई राज्यों में मकर संक्रांति के दिन काले रंग के कपड़े पहने जाते हैं. वहीं, इस दिन काले रंग के कपड़े पहनने के पीछे एक वैज्ञानिक कारण भी है. दरअसल, मकर संक्रांति का पर्व ठंड के दिनों में आता है और काले रंग के कपड़े पहनने से शरीर को गर्मी मिलती है. इसलिए इस दिन लोग काले कपड़े पहनते हैं.
कब मनाया जाएगा मकर संक्रांति का पर्व
मकर संक्रांति पर पुण्य काल 14 जनवरी को दोपहर 3 बजकर 13 मिनट से शुरू होने वाला है और महापुण्य काल भी दोपहर 3 बजकर 13 मिनट से शुरू होकर शाम 4 बजकर 58 मिनट तक रहेगा. इसलिए इस साल मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी.
मकर संक्रांति के दिन सूर्योदय से पहले पवित्र नदी में स्नान करें और सूर्य को अर्घ्य दें और तिल, गुड़, चावल, वस्त्र, खिचड़ी और कंबल का दान करें. इसके साथ ही भगवान को खिचड़ी का भोग लगाएं और सूर्य की उपासना करें.
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