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उज्जैन में किसानों का आज बड़ा प्रदर्शन: कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे, राशन-बिस्तर साथ लाएंगे, 90 गांवों से जुटेंगे सैकड़ों अन्नदाता

उज्जैन, इंदौर और रतलाम जिलों के 90 गांवों से सैकड़ों किसान उज्जैन पहुंचेंगे। करीब 180 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में राशन और बिस्तर साथ लेकर आएंगे। यह सभी उज्जैन कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने निकल चुके हैं।

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sanjay warude
MP Farmers Protest

MP Farmers Protest: उज्जैन-इंदौर और उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड रोड प्रोजेक्ट्स के एक्सिस कंट्रोल प्लान के विरोध में आज यानी बुधवार, 25 फरवरी 2026 को उज्जैन में किसानों का बड़ा प्रदर्शन है।

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उज्जैन, इंदौर और रतलाम जिलों के 90 गांवों से सैकड़ों किसान उज्जैन पहुंचेंगे। करीब 180 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में राशन और बिस्तर साथ लेकर आएंगे। यह सभी उज्जैन कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने निकल चुके हैं। किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होती, तब तक अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे रहेंगे।

सड़क पर वाहन नहीं चढ़ेंगे, तो जमीन क्यों दें ?

जानकारी के मुताबिक, किसान नेता राजेश सोलंकी का कहना है कि जिस सड़क पर ग्रामीण अपने वाहन ही नहीं चढ़ा सकेंगे, उस सड़क के निर्माण के लिए किसान अपनी उपजाऊ जमीन क्यों दें भला? जिसके लिए सभी किसान एकजुट हैं। हम आर-पार की लड़ाई के मूड में है।

पहली बार इस प्रोजेक्ट्स के खिलाफ एकजुट हुए

सिंहस्थ 2028 को लेकर 7 हजार करोड़ की लागत से उज्जैन-इंदौर और उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड रोड का निर्माण किया जाना है। जिसके लिए आसपास के सैकड़ों किसानों की खेत सहित अन्य जमीनों का अधिग्रहण किया जा रहा हैं। पहली बार इस प्रोजेक्ट्स के खिलाफ किसान एकसाथ एकजुट हुए हैं।

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जानें क्यों फूटा किसानों का गुस्सा

दरअसल, यह प्रोजेक्ट्स एक्सिस कंट्रोल डिजाइन के तहत तैयार किया जाएगा। प्रस्तावित योजना के अनुसार, सड़क जमीन से 15 से 20 फीट ऊंचाई पर बनेगी। जिस वजह से गांवों को सड़क से सीधी कनेक्टिविटी नहीं मिलेगी। 

किसानों की ये प्रमुख मांगें

आंदोलनकारी किसानों की प्रशासन से दो मांगें हैं। उनकी मांग हैं कि ग्रीन फील्ड हाईवे को ऊंचा पुलनुमा बनाने के बजाय सामान्य हाईवे की तरह जमीन पर बनाया जाए, ताकि स्थानीय लोग इसका उपयोग कर सकें। अधिग्रहित की जाने वाली जमीन का मुआवजा वर्तमान बाजार मूल्य के आधार पर तय किया जाए।

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