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MP New Liquor Policy 2026: मध्यप्रदेश की सरकार ने आबकारी नीति2026-27 को लागू कर दिया है।
नई आबकारी नीति के तहत मध्यप्रदेश में कोई भी नई शराब की दुकान नहीं खोली जाएगी। इसके अलावा सरकार ने किसी भी दुकान को रिन्यू नहीं करने का निर्णय लिया है। साथ ही जनजातीय स्व सहायता समूहों द्वारा निर्मित महुआ शराब को ड्यूटी फ्री करने का फैसला किया है। हालांकि, अन्य शराब के दामों में 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी का भी निर्णय लिया है।
ई-टेंडर और ई-ऑक्शन से आवंटित होगी दुकान
मध्यप्रदेश कैबिनेट में बुधवार, 18 फरवरी, 2026 को मध्यप्रदेश सरकार ने आबकारी नीति में बड़े बदलाव का फैसला लिया था। जिसका आदेश गुरुवार, 19 फरवरी 2026 की देरशाम को जारी कर दिया गया। जिसमें मध्यप्रदेश की सभी 3 हजार 553 शराब दुकानों का आवंटन ई-टेंडर और ई-ऑक्शन के जरिए करने का निर्णय लिया गया।
भोपाल में नई आबकारी नीति को मंजूरी: ई-टेंडर से होगी शराब दुकानों की नीलामी, प्रदेश में नहीं खुलेगी कोई भी नई शराब दुकान#Bhopal#ExcisePolicy#LiquorPolicy#ETender#StateCabinet#MadhyaPradesh#PolicyUpdate#BreakingNews@mprevenuedeptt@DrMohanYadav51pic.twitter.com/SJ36J7mgBY
— Bansal News Digital (@BansalNews_) February 19, 2026
सिक्योरिटी डिपॉजिट में ई-चालान, ई-बैंक गारंटी
मध्यप्रदेश सरकार ने ई-टेंडर और ई-ऑक्शन के लिए शराब दुकानों का आरक्षित मूल्य वर्तमान कीमत में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी का निर्णय लिया है। जलसाजी की आशंकाओं को खत्म करने के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में सिर्फ ई-चालान, ई-बैंक गारंटी की मान्य की जाएगी। बैंक गारंटी और सावधि जमा एफडी मान्य नहीं होगी।
ई-टेंडर के लिए शराब दुकानों का बनाएंगे समूह
ई-टेंडर और ई-ऑक्शन के लिए शराब दुकानों के समूह बनाए जाएंगे। जिसमें अधिकतम 5 शराब दुकानों का एक समूह बनाया जा सकेगा। आरक्षित रेट के आधार पर जिले के समूह को तीन-चार बैच में बांटा जाएगा। बैच के आधार पर तीन-चार चरण में ई-टेंडर और ई-ऑक्शन की कार्यवाही की जाएगी।
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एक्सपोर्ट फीस में संशोशन, लेबल रजिस्ट्रेशन भी शिथिल
देश के बाहर शराब के एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के उद्देश्य से फीस में संशोधन, लेबल रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को शिथिल किया है। महुआ शराब को अन्य राज्यों में टैक्स फ्री कराने के लिए उन राज्यों की हेरिटेज या स्पेशल शराब को एमपी में टैक्स फ्री किया जाएगा।
जानें और नीति में और क्या खास ?
- नर्मदा तट से 5 किलो मीटर की परिधि में शराब दुकान का प्रतिबंध यथावत रहेगा।
- पवित्र नगरों में शराब दुकानों का प्रतिबंध पहले की तरह रहेगा।
- शराब दुकानों के अहाते भी पहले की तरह बंद रहेंगे।
- शराब टैक्स दरें, निर्माण इकाई, बार लाइसेंस फीस भी यथावत रहेगी।
- शराब बनाने वाली कंपनियों को पिछले सालों की तरह अपने उत्पादों की कीमतों का अनुमोदन जरूरी नहीं है।
- वे पोर्टल पर तय व्यवस्था अनुसार अपने उत्पाद की कीमत घोषित कर सकेंगे।
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