एमपी में सबसे ज्यादा बाघों की मौत: हाईकोर्ट ने केंद्र-राज्य सरकार और NTCA को थमाया नोटिस, मांगा जवाब

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने साल 2025 में एमपी में सबसे ज्यादा बाघों की मौत पर केंद्र सरकार, राज्य सरकार और नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी ( NTCA) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले में अगली सुनवाई 11 फरवरी को होगी।

MP Tigers Death News

MP Tigers Death News: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट (जबलपुर) ने साल 2025 में एमपी में सबसे ज्यादा बाघों की मौत पर केंद्र सरकार, राज्य सरकार और नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी ( NTCA) को नोटिस जारी कर जबाव मांगा है। मामले में अगली सुनवाई 11 फरवरी को होगी।

साल 2025 में सबसे ज्यादा बाघों की मौत

जानकारी के अनुसार, मप्र हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर दावा किया गया है कि वर्ष 2025 में प्रदेश में 54 बाघों की मौत हुई है। मामले में प्रारंभिक सुनवाई चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने की।

एमपी में 785 टाइगर

भोपाल के वन्य प्राणी कार्यकर्ता अजय दुबे ने याचिका दायर कर बताया कि पूरी दुनिया में कुल 5,421 बाघ हैं, जिनमें से 3,167 भारत में पाए जाते हैं। मध्यप्रदेश में ही 785 टाइगर मौजूद हैं। इस कारण मप्र को टाइगर स्टेट का दर्जा प्राप्त है।

टाइगर स्टेट में एक साल में सबसे ज्यादा मौतें

याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर वकील आदित्य संघी और अलका सिंह ने कोर्ट को बताया कि वर्ष 2025 के दौरान प्रदेश में 54 बाघों की मौत हुई है। दलील दी गई कि वर्ष 1973 में शुरू हुए प्रोजेक्ट टाइगर के बाद यह पहला मौका है जब किसी एक राज्य में एक ही वर्ष में इतने अधिक बाघों की मौतें हुई हैं। मौतों के पीछे पोचिंग, करंट, रेल हादसे और रहस्यमयी घटनाएं शामिल हैं।

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हर साल बढ़ रही मौतों की संख्या

वर्षमौतों की संख्या
202134
202243
202345
202446
202554

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